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डीसी डॉ आभीर ने ली स्ट्रै कैटल मैनेजमेंट की बैठक
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शहर को स्टे कैटल फ्री बनाने में करें सहयोग : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने पंचायती राज संस्थाएं, स्थानीय निकाय और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे आगामी एक सप्ताह में लावारिस घूम रहे गो वंश को नंदी व गौशालाओं में पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सरपंचों, जन प्रतिनिधियों और धार्मिक-सामाजिक संगठनों से भी कहा है कि वे इस कार्य में सहयोग करे। उपायुक्त सोमवार को आने कार्यालय में स्टे कैटल मैनेजमेंट को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. आभीर ने कहा कि जिला की सीमा में बाहर से आने वाले पशुओं पर विशेष नजर रखी जाए। जिस गांव और शहर में बेसहारा गोवंश सड़क पर घूम रहा है, उसे नजदीकी गोशाला व नंदीशाला में पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गर्व की बात है कि फतेहाबाद जिला स्टे कैटल फ्री होने में राज्य स्तर पर अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि जब जिला स्टे कैटल फ्री हुआ था, तब जिला की विभिन्न नंदीशालाओं व गोशालाओं में पांच हजार पशुओं को रखा गया था, जो अब इनकी संख्या बढ़कर 19551 हजार हो चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि इसकी व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका दायित्व है। व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए तालमेल रखा जाए। उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में 1862 बेसहारा पशुओं को नंदीशाला व गोशालाओं में भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि कोई भी गोशाला अगर पंचायत की जमीन को हरे चारे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है तो पंचायत उसे प्राथमिकता देते हुए 5100 रुपये प्रति एकड़ सालाना लीज पर दे सकती है। उन्होंने सभी गोशालाओं व नंदीशालाओं से भी आह्वान किया कि वे अपनी-अपनी संस्थाओं का पंजीकरण अवश्य करवा लें ताकि हरियाणा गो सेवा आयोग से आर्थिक सहायता ली जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुश्री प्रियंका कंडोला, डीडीएएच डॉ काशी राम, डीडीपीओ अनुभव मेहता, ईओ नगर परिषद फतेहाबाद जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने पंचायती राज संस्थाएं, स्थानीय निकाय और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे आगामी एक सप्ताह में लावारिस घूम रहे गो वंश को नंदी व गौशालाओं में पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सरपंचों, जन प्रतिनिधियों और धार्मिक-सामाजिक संगठनों से भी कहा है कि वे इस कार्य में सहयोग करे। उपायुक्त सोमवार को आने कार्यालय में स्टे कैटल मैनेजमेंट को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
डॉ. आभीर ने कहा कि जिला की सीमा में बाहर से आने वाले पशुओं पर विशेष नजर रखी जाए। जिस गांव और शहर में बेसहारा गोवंश सड़क पर घूम रहा है, उसे नजदीकी गोशाला व नंदीशाला में पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह हम सब के लिए गर्व की बात है कि फतेहाबाद जिला स्टे कैटल फ्री होने में राज्य स्तर पर अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि जब जिला स्टे कैटल फ्री हुआ था, तब जिला की विभिन्न नंदीशालाओं व गोशालाओं में पांच हजार पशुओं को रखा गया था, जो अब इनकी संख्या बढ़कर 19551 हजार हो चुकी है। उपायुक्त ने कहा कि इसकी व्यवस्था को बनाए रखना हम सबका दायित्व है। व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए तालमेल रखा जाए। उन्होंने बताया कि पिछले दो माह में 1862 बेसहारा पशुओं को नंदीशाला व गोशालाओं में भेजा गया है।
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उन्होंने कहा कि कोई भी गोशाला अगर पंचायत की जमीन को हरे चारे के लिए इस्तेमाल करना चाहती है तो पंचायत उसे प्राथमिकता देते हुए 5100 रुपये प्रति एकड़ सालाना लीज पर दे सकती है। उन्होंने सभी गोशालाओं व नंदीशालाओं से भी आह्वान किया कि वे अपनी-अपनी संस्थाओं का पंजीकरण अवश्य करवा लें ताकि हरियाणा गो सेवा आयोग से आर्थिक सहायता ली जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी सुश्री प्रियंका कंडोला, डीडीएएच डॉ काशी राम, डीडीपीओ अनुभव मेहता, ईओ नगर परिषद फतेहाबाद जितेंद्र कुमार सहित संबंधित विभाग के कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।
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