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बच्चों के हर बदलते व्यवहार पर नजर रखें अभिभावक, शिक्षक: डा गुरविन्द्र कौर
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:09 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। बीघड़ रोड स्थित स्प्रिंग बेल्स पब्लिक स्कूल में आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के जिला मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत विशेषज्ञ डा गुरविन्द्र कौर व निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी गौरव कुमार ने शिक्षकों व छात्रों को आत्महत्या के कारण, ऐसी मनोदशा या ऐसे विचार आने से बचने के उपायों की जानकारी प्रदान की।
डा. गुरविन्द्र कौर ने कहा कि आत्महत्या जैसे मामलों में आई तेजी लोगों में बढ़ते मानसिक तनाव, एकल जीवन, सोशल मीडिया का अत्यधिक आदि प्रमुख कारणों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर नियंत्रण करने के लिए बड़ों, विशेषकर परिवार या समाज के मुखिया को जिम्मा संभालना होगा। अभिभावक घर में व शिक्षक स्कूल या कक्षा में छात्रों के व्यवहार में आए बदलावों पर नजर रखें।
उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में आप चिंतित है, उसकी वह आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने के प्रति गंभीर दिखता है तो उस व्यक्ति से आत्महत्या के बारे में बात करें। पेशेवर चिकित्सक एवं परामर्शदाता से सहायता लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि उस व्यक्ति के पास स्वयं को हानि पहुंचाने वाले साधन कीटनाशक, बंदूक या दवा आदि नहीं हों।
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फतेहाबाद। बीघड़ रोड स्थित स्प्रिंग बेल्स पब्लिक स्कूल में आत्महत्या रोकथाम दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के जिला मेंटल हेल्थ प्रोग्राम के तहत विशेषज्ञ डा गुरविन्द्र कौर व निगरानी एवं मूल्यांकन अधिकारी गौरव कुमार ने शिक्षकों व छात्रों को आत्महत्या के कारण, ऐसी मनोदशा या ऐसे विचार आने से बचने के उपायों की जानकारी प्रदान की।
डा. गुरविन्द्र कौर ने कहा कि आत्महत्या जैसे मामलों में आई तेजी लोगों में बढ़ते मानसिक तनाव, एकल जीवन, सोशल मीडिया का अत्यधिक आदि प्रमुख कारणों का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों पर नियंत्रण करने के लिए बड़ों, विशेषकर परिवार या समाज के मुखिया को जिम्मा संभालना होगा। अभिभावक घर में व शिक्षक स्कूल या कक्षा में छात्रों के व्यवहार में आए बदलावों पर नजर रखें।
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उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के बारे में आप चिंतित है, उसकी वह आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने के प्रति गंभीर दिखता है तो उस व्यक्ति से आत्महत्या के बारे में बात करें। पेशेवर चिकित्सक एवं परामर्शदाता से सहायता लें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि उस व्यक्ति के पास स्वयं को हानि पहुंचाने वाले साधन कीटनाशक, बंदूक या दवा आदि नहीं हों।
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