{"_id":"5a5264f64f1c1b32198b5846","slug":"101515349238-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बराला के कार्यालय के आगे अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों स्थगित किया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बराला के कार्यालय के आगे अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों स्थगित किया धरना
Updated Mon, 08 Jan 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
नियमित करने की मांग को लेकर पिछले 1 नवंबर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों ने अपना अनशन स्थगित कर दिया है। अध्यापकों ने अभी भी उस स्थान पर लगाए गए टेंट से सामान तो उठा लिया है लेकिन टेंट अभी भी लगा हुआ है, ताकि यदि शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा अपनी बात से मुकर जाते हैं तो अनशन फिर से शुरू किया जा सके। खंड प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने उनके स्टेट बाडी के 23 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि यदि वे अनशन समाप्त करते हैं तो वे उनके लिए सरकार से समान काम समान वेतन की बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इसमें वे कुछ नहीं कर सकते लेकिन समान काम समान वेतन के लिए वे प्रयास करेंगे। प्रधान ने बताया कि उसके बाद स्टेट बाडी ने इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया है।
विज्ञापन
टोहाना।
नियमित करने की मांग को लेकर पिछले 1 नवंबर से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों ने अपना अनशन स्थगित कर दिया है। अध्यापकों ने अभी भी उस स्थान पर लगाए गए टेंट से सामान तो उठा लिया है लेकिन टेंट अभी भी लगा हुआ है, ताकि यदि शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा अपनी बात से मुकर जाते हैं तो अनशन फिर से शुरू किया जा सके। खंड प्रधान वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने उनके स्टेट बाडी के 23 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि यदि वे अनशन समाप्त करते हैं तो वे उनके लिए सरकार से समान काम समान वेतन की बात कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए इसमें वे कुछ नहीं कर सकते लेकिन समान काम समान वेतन के लिए वे प्रयास करेंगे। प्रधान ने बताया कि उसके बाद स्टेट बाडी ने इसके लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया है।