{"_id":"616716373ed0ce7b7d0d48ad","slug":"10-bed-de-addiction-center-started-after-18-months-three-patients-admitted-on-the-first-day-fatehabad-news-hsr6143508174","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 माह बाद शुरू हुआ 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र, पहले दिन तीन मरीज दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 माह बाद शुरू हुआ 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र, पहले दिन तीन मरीज दाखिल
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शुरू हुआ नशा मुक्ति केंद्र।
- फोटो : Fatehabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में 18 माह बाद एक बार फिर से नशा मुक्ति केंद्र शुरू हो गया। पिछले करीब 18 माह से बंद नशा मुक्ति केंद्र को औपचारिक रूप से बुधवार को शुरू कर दिया गया। पहले दिन नशा मुक्ति केंद्र में तीन मरीजों को दाखिल किया गया है। फिलहाल केंद्र 10 बेड का ही शुरू हुआ है। पहले नशा मुक्ति केंद्र में बेड की संख्या 30 थी और इसके आधार पर मैनपॉवर मिली हुई थी।
नशा लेने वाले मरीज उपचार के लिए यहां दाखिल होकर नशा छोड़ सकेंगे। मई 2018 से मार्च 2020 तक नशा मुक्ति केंद्र में 991 मरीज दाखिल हो चुके हैं। जानकर हैरानी होगी कि इसमें 333 मरीज फतेहाबाद शहर के हैं। इसके अलावा रतिया क्षेत्र के सबसे ज्यादा मरीज यहां पर दाखिल हो रहे थे। अब नशा मुक्ति केंद्र शुरू होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में दाखिल नहीं होना पड़ेगा। अगर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात की जाए तो जिले में हेरोइन, गांजा, चूरापोस्त और मेडिकल नशा लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के लिए ओपन जिम की सुविधा शुरू की गई है। यहां पर अलग-अलग जिम लगाई गई है ताकि मरीज व्यायाम कर सकें। इसके अलावा यहां दाखिल होने वाले मरीजों की काउंसिलिंग भी होगी। संवाद
विज्ञापन
कोरोना महामारी के चलते बंद हुआ था केंद्र
मार्च 2020 में कोरोना महामारी की शुरूआत के बाद नशा मुक्ति केंद्र को बंद कर दिया गया था। नशा मुक्ति केंद्र को कोरोना वार्ड बना दिया गया। यहां तक की हॉल में आईसीयू शुरू की गई। अब कोरोना महामारी नियंत्रण में होने के कारण नशा मुक्ति केंद्र को विभाग ने दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू रिजर्व रहेगी।
नशा मुक्ति केंद्र की स्थिति जानिए
मई 2018 से मार्च 2020 तक दाखिल हुए मरीज : 991
पहले नशा मुक्ति केंद्र में बेड संख्या : 30
अब नशा मुक्ति केंद्र में बेड संख्या : 10
रोजाना नशा मरीजों की ओपीडी : 55 से 60 तक
कोट
नश मुक्ति केंद्र कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था। बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। अभी फिलहाल तीन मरीज दाखिल है। फिलहाल 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र शुरू हुआ है।
- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
विज्ञापन
नशा लेने वाले मरीज उपचार के लिए यहां दाखिल होकर नशा छोड़ सकेंगे। मई 2018 से मार्च 2020 तक नशा मुक्ति केंद्र में 991 मरीज दाखिल हो चुके हैं। जानकर हैरानी होगी कि इसमें 333 मरीज फतेहाबाद शहर के हैं। इसके अलावा रतिया क्षेत्र के सबसे ज्यादा मरीज यहां पर दाखिल हो रहे थे। अब नशा मुक्ति केंद्र शुरू होने से मरीजों को निजी अस्पतालों में दाखिल नहीं होना पड़ेगा। अगर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की बात की जाए तो जिले में हेरोइन, गांजा, चूरापोस्त और मेडिकल नशा लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों के लिए ओपन जिम की सुविधा शुरू की गई है। यहां पर अलग-अलग जिम लगाई गई है ताकि मरीज व्यायाम कर सकें। इसके अलावा यहां दाखिल होने वाले मरीजों की काउंसिलिंग भी होगी। संवाद
विज्ञापन
कोरोना महामारी के चलते बंद हुआ था केंद्र
मार्च 2020 में कोरोना महामारी की शुरूआत के बाद नशा मुक्ति केंद्र को बंद कर दिया गया था। नशा मुक्ति केंद्र को कोरोना वार्ड बना दिया गया। यहां तक की हॉल में आईसीयू शुरू की गई। अब कोरोना महामारी नियंत्रण में होने के कारण नशा मुक्ति केंद्र को विभाग ने दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि कोरोना मरीजों के लिए आईसीयू रिजर्व रहेगी।
नशा मुक्ति केंद्र की स्थिति जानिए
मई 2018 से मार्च 2020 तक दाखिल हुए मरीज : 991
पहले नशा मुक्ति केंद्र में बेड संख्या : 30
अब नशा मुक्ति केंद्र में बेड संख्या : 10
रोजाना नशा मरीजों की ओपीडी : 55 से 60 तक
कोट
नश मुक्ति केंद्र कोरोना महामारी के चलते मार्च 2020 में बंद कर दिया गया था। बुधवार को नशा मुक्ति केंद्र को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। अभी फिलहाल तीन मरीज दाखिल है। फिलहाल 10 बेड का नशा मुक्ति केंद्र शुरू हुआ है।
- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।