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महेंद्रगढ़: खाद संकट! 500 बैग लेने के लिए सुबह पांच बजे से उमड़ी किसानों की भीड़, पुलिस पहरे में हुआ वितरण

Mon, 17 Oct 2022 10:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 17 Oct 2022 10:53 PM IST
सार

जिले के किसानों को 2.75 लाख एकड़ में सरसों बिजाई के लिए 5910 एमटी खाद की आवश्यकता है। जबकि मिला महज 1200 एमटी है। खाद को लेकर किसान सुबह पांच बजे ही लाइनों में लग रहे हैं। महिला किसान बोली कि उपवास के बावजूद लाइनों में लगने को मजबूर होना पड़ा। 

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Farmers facing problems due to shortage of fertilizers in Mahendragarh
खाद के लिए लाइन में लगे किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पिछले दो सालों से जैसे ही फसलों की तैयारी का सीजन चलता है तो खाद को लेकर किसानों को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ता है। महेंद्रगढ़ में रेलवे रोड स्थित सरकारी खाद बिक्री केंद्र पर कई बार लाइनों में लगने को लेकर किसानों की कहासुनी भी हुई। मामला बिगड़ते देख गोदाम कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर चार पुरुष व एक महिला किसानों की लाइनें बनवाई। इस दौरान कई बार पुलिस कर्मचारियों के साथ किसानों की कहासुनी भी हुई। 

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बता दें कि उप कृषि निदेशक कार्यालय द्वारा सरकार को 20230 एमटी खाद की डिमांड एक माह पहले ही भेज दी थी। वहीं माहवार कितनी खाद की आवश्यकता जिले को होगी यह आंकड़ा भी भेजा जा चुका है। केवल अक्तूबर माह में ही जिले के किसानों को करीब 2.75 लाख एकड़ रकबे में सरसों बिजाई के लिए करीब 5810 एमटी (मीट्रिक टन) खाद की आवश्यकता है लेकिन सरकार जिले को अभी तक महज 1200 एमटी खाद की उपलब्ध करा पाई है।

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ऐसे में खाद के लिए मारामारी थमने का नाम ही नहीं ले रही है। सरकारी बिक्री केंद्र पर आए 500 बैग के वितरण का कार्य दस बजे शुरू हुआ। केंद्र पर आए 500 बैग लेने के लिए किसानों के बीच कई बार आपसी कहासुनी हुई। हैफेड मैनेजर जगराम ने किसानों को खाद वितरण करवाने में पुलिस का सहयोग लिया। हैफेड मैनेजर जगराम ने बताया कि शनिवार देर शाम को 500 डीएपी के बाद खाद के बैग आए थे। रविवार को अवकाश होने के बाद वितरण नहीं किया गया। सोमवार सुबह से ही किसानों को खाद वितरित किया गया।

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महिला किसान बोलीं उपवास के बावजूद भी लगी लाइन में
सुबह 5 बजे से खाद लेने के लिए लाइन में लगी है। अहोई अष्टमी का उपवास होने के बावजूद भी खाद लेने पहुंची। लेकिन यहां उमड़ी भीड़ के कारण काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। यदि पर्याप्त खाद होता तो इस तरह समय व्यर्थ न करना पड़ता। -चिड़िया, गांव खैरोली।
 

प्रशासन को पर्याप्त खाद मुहैया करवाना चाहिए
सुबह से खाद की लाइन में खड़ी हूं लेकिन दोपहर तक नंबर नहीं आया। सुबह से ही भूखी प्यासी बैठी हुई हूं। प्रशासन को किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराना चाहिए जिससे किसानों को दर-दर की ठोकरें न खानी पड़ें। पिछले साल भी यही स्थिति रही थी लेकिन इसके बावजूद भी सबक नहीं लिया। -लखो देवी, खातीवास।


 

इस समय चल रहा बिजाई का सीजन  
कभी यूरिया तो कभी डीएपी खाद के लिए किसान घंटों लाइनों में खड़ा रहते है। सरकार व प्रशासन को समय रहते इस तरह की व्यवस्थाएं करनी चाहिए। बिजाई का सीजन आरंभ हो चुका है। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिलेगा तो कैसे बिजाई हो पाएगी। केंद्रों पर पर्याप्त खाद भेजना चाहिए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। -कंवर सिंह, सिसोठ।
 

जब होती है जरूरत तब होते हैं गोदाम खाली  
हर बार यही स्थिति बनती है जब जरूरत होती है तो गोदाम खाली हो जाते हैं। सुबह से ही इंतजार में खड़े है। लाइन में खड़े है। धक्का-मुक्की में कई बार लाइन से बाहर होना पड़ रहा है लेकिन नंबर नहीं आया। -जगदीश, सिसोठ।

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