फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Farmers Declared to accelerate the protest against farm laws

आंदोलन से नहीं हटेंगे बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं, भाकियू का ऐलान- और बढ़ाई जाएगी संख्या

Wed, 13 Jan 2021 11:04 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 13 Jan 2021 11:04 AM IST
विज्ञापन
Farmers Declared to accelerate the protest against farm laws
आंदोलन में शामिल किसान। - फोटो : PTI

नए कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट ने भले ही अगले आदेश तक रोक लगा दी हो, लेकिन आंदोलनरत अन्नदाता इसे मास्टर स्ट्रोक नहीं मान रहा। किसान संगठन कानूनों के रद्द होने को ही अपनी जीत मानेंगे। उनकी पहली प्राथमिकता ही यही है। उधर, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने एक बार फिर किसानों से आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया है।

विज्ञापन


बातचीत के लिए कमेटी बनाने की केंद्र सरकार की मांग किसान संगठन पहले ही ठुकरा चुके थे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी में शामिल सदस्यों को नए कानूनों का हिमायती बताते हुए भाकियू ने आंदोलन और तेज करने का एलान किया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, किसान बोले- आंदोलन जारी रहेगा, पढ़ें- पंजाब की सियासी प्रतिक्रियाएं
विज्ञापन
विज्ञापन

 
भाकियू (चढ़ूनी) के हरियाणा अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा है कि आंदोलन से बुजुर्ग, बच्चे व महिलाएं नहीं हटेंगे। इनकी तादाद पहले की तुलना में दो-तीन गुणा बढ़ाई जाएगी। कानून रद्द होने तक आंदोलन चलता ही रहेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन को और तेज करने के लिए दक्षिण से किसान पहुंच रहे हैं। रेल सेवा बाधित होने के बावजूद आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के किसान आ चुके हैं। बुधवार शाम तक केरल के किसान भी आ जाएंगे। 


जन आंदोलन बन चुका है किसान आंदोलन: बैंस
किसान संगठन आंदोलन को दो-तीन राज्यों तक सीमित बताने से भी खफा हैं। भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा कि हरियाणा में किसानों को लामबंद करने के लिए जनजागरण अभियान चला रहे हैं। अब यह आंदोलन जनांदोलन बन चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा के दीपक लांबा ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों को अपने जाल में फंसाना चाहती है। किसान अब निरक्षर नहीं रहा, कानूनों में लिखी भाषा को बखूबी समझता है। उसे बरगला नहीं सकते। तीनों कानूनों को किसान पढ़कर अच्छी तरह समझ चुके हैं। आज के किसान के पास एमएससी बीएड के साथ बीटेक व बीएससी एग्रीकल्चर की डिग्री भी है।

न्यायालय के फैसले अनुसार ही आगे बढ़ेंगे : मनोहर लाल
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कानून वैसे तो देशभर के लिए थे, मगर कुछ किसान विरोध तो कुछ पक्ष में थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए इन पर रोक लगाई है। अब न्यायालय के निर्णय अनुसार आगे का रास्ता निकलेगा। इन्हें कब लागू करना है, नहीं करना, कैसे लागू करना है। अब तो गेंद कोर्ट के पाले में चली गई है। किसानों को भी इंतजार करना चाहिए। कोर्ट जो फैसला करेगा उसके हिसाब से आगे सब कुछ होगा। वह कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। उनकी किसानों से अपील है कि वे अपने धरने को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर अपने-अपने घरों को जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed