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किसान आंदोलन में फूट: चढूनी गुट ने किया संयुक्त किसान मोर्चा की बैठकों का बॉयकाट, भेदभाव का लगाया आरोप
Sun, 08 Aug 2021 04:37 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 08 Aug 2021 04:37 PM IST
सार
चढूनी ने कहा कि ऐसे कई मौके आए जब उनके साथ भेदभाव किया गया। यहां तक कि दो बार तो उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित कर दिया गया। उसके बावजूद वह किसान आंदोलन को बचाने के लिए शांत रहे। उसके बावजूद उसी तरह के आरोप दूसरे नेताओं पर लगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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गुरनाम सिंह चढूनी।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
किसान आंदोलन में नेताओं के बीच मतभेद होने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पंजाब से आई जत्थेबंदियों के कई पदाधिकारी उनसे और उनसे जुड़े लोगों से भेदभाव कर रहे हैं। ऐसे में उनके गुट ने शनिवार को बैठक कर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठकों में शामिल न होने का फैसला किया है। साथ ही कहा कि किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए उनका गुट भरपूर सहयोग करता रहेगा और गतिविधियों में भी पहले की तरह भाग लेगा। चढूनी ने कहा कि पंजाब की किसान जत्थेबंदियों ने आंदोलन पर कब्जा जमा लिया है।
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शनिवार को कुंडली बॉर्डर पर एक बैठक में चढूनी ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल पंजाब की यूनियनों के कुछ पदाधिकारियों का व्यवहार उनके प्रति बेहतर नहीं रहा है। ऐसे कई मौके आए जब उनके साथ भेदभाव किया गया। यहां तक कि दो बार तो उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा से निलंबित कर दिया गया। उसके बावजूद वह किसान आंदोलन को बचाने के लिए शांत रहे। उसके बावजूद उसी तरह के आरोप दूसरे नेताओं पर लगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
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शिवकुमार कक्का ने उन पर आरोप लगाए, मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ दिन पहले पंजाब की 4 जत्थेबंदियां उनसे जुड़ी थीं। यह पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक से बड़ी जत्थेबंदियां लेकर पहुंचे थे। शनिवार को उन्हें भी बैठक से बाहर कर दिया। उनकी गलती सिर्फ यह थी कि वह उनके नेतृत्व में यहां आए थे। ऐसे व्यवहार को देखते हुए यह फैसला लिया है कि हम संयुक्त किसान मोर्चे की बैठकों में नहीं जाएंगे। अभी तक हम सिर्फ इसलिए चुप थे कि किसान आंदोलन को नुकसान न हो जाए। हालांकि उन्होंने कहा कि आंदोलन को लेकर संयुक्त किसान मोर्चे के हर फैसले का स्वागत करेंगे और आंदोलन में पहले की तरह काम करते रहेंगे।
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15 अगस्त को बाइक पर तिरंगा लगाकर आएंगे किसान
किसानों की बैठक में निर्णय लिया गया है कि 15 अगस्त को किसान अपनी-अपनी बाइक पर तिरंगा झंडा लगाकर कुंडली बॉर्डर पहुंचेंगे। इनमें सोनीपत, पानीपत, करनाल और कुरुक्षेत्र से जिले के किसान आएंगे। प्रदेश के अन्य जिलों के किसान कुंडली आने की जगह अपने जिले में तिरंगा यात्रा निकालेंगे।