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एड्स का पता लगने पर भड़के घरवाले
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 18 Mar 2014 11:45 PM IST
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एचआईवी पॉजिटिव होने पर जहां कुछ लोग अपने प्रियजनों का साथ निभाने में हिचकते हैं, वहीं इसी शहर में ऐसे कुछ उदाहरण भी हैं, जहां एचआईवी पॉजिटिव होने पर लोग अपने रिश्तों में दूरियां नहीं आने देते। मंगलवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया।
इसके बाद उसने अपने पति की भी जांच करवाई, जिसमें पता चला कि दोनों एचआईवी पॉजिटिव हैं। इसके बाद दोनाें का काउंसलिंग सेशन किया गया, जिसमें यह बात सामने आई कि पति करीब छह माह पूर्व बाहर किसी काम से गया था, जहां वह किसी के संपर्क में आया और संक्रमित हुआ। इसके बाद ही उसकी पत्नी भी संक्रमित हुई।
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काउंसलर ने बताया कि महिला गर्भवती है। एचआईवी संक्रमित होने के कारण वह इस बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। गर्भपात के लिए काउंसलिंग की जरूरत है, जिसके लिए महिला को अगले सप्ताह बुलाया गया है। दंपति के दोनाें बच्चों की भी जांच की जाएगी।
अकेला छोड़कर चले गए
जांच के दौरान पीड़ित के परिजन भी थे। जांच के बारे में सुनते ही वह दंपति पर बरस पड़े, जिसके बाद परिजन केंद्र में दोनाें को अकेला छोड़कर चले गए, लेकिन पत्नी साथ खड़ी रही।
हरसंभव मदद की जाएगी
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीना शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की हरसंभव मदद की जाएगी। गर्भपात से संबंधित निर्णय मां ही ले सकती है। आवश्यक सहायता विभाग देगा।
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बीके अस्पताल की ओपीडी में एक गर्भवती महिला सुबह लगभग 10:30 बजे जांच के लिए आई। साधारण जांच के तौर पर जब वह अस्पताल स्थित इंटीग्रेटेड काउंसलिंग सेंटर (आईसीटीसी) गई, तो वहां जांच में पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव है।
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इसके बाद उसने अपने पति की भी जांच करवाई, जिसमें पता चला कि दोनों एचआईवी पॉजिटिव हैं। इसके बाद दोनाें का काउंसलिंग सेशन किया गया, जिसमें यह बात सामने आई कि पति करीब छह माह पूर्व बाहर किसी काम से गया था, जहां वह किसी के संपर्क में आया और संक्रमित हुआ। इसके बाद ही उसकी पत्नी भी संक्रमित हुई।
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काउंसलर ने बताया कि महिला गर्भवती है। एचआईवी संक्रमित होने के कारण वह इस बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती। गर्भपात के लिए काउंसलिंग की जरूरत है, जिसके लिए महिला को अगले सप्ताह बुलाया गया है। दंपति के दोनाें बच्चों की भी जांच की जाएगी।
अकेला छोड़कर चले गए
जांच के दौरान पीड़ित के परिजन भी थे। जांच के बारे में सुनते ही वह दंपति पर बरस पड़े, जिसके बाद परिजन केंद्र में दोनाें को अकेला छोड़कर चले गए, लेकिन पत्नी साथ खड़ी रही।
हरसंभव मदद की जाएगी
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीना शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की हरसंभव मदद की जाएगी। गर्भपात से संबंधित निर्णय मां ही ले सकती है। आवश्यक सहायता विभाग देगा।