बीके की दूसरी मंजिल से विक्षिप्त महिला कूदी

Faridabad Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
फरीदाबाद। बुधवार को बीके अस्पताल की दूसरी मंजिल से अज्ञात महिला ने छलांग लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल महिला को आपातकाल विभाग में भर्ती किया गया है। अधिकारियों के अनुसार महिला विक्षिप्त है और उसका इलाज किया जा रहा है।
घटना दोपहर करीब 2.30 बजे की है। अस्पताल के अनुसार महिला का नाम पता कुछ नहीं मालूम क्योंकि वह मानसिक रोगी है। महिला को अक्तूबर में बीके अस्पताल में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भर्ती कराया गया था। तब करीब 10 दिनों तक इलाज करने के बाद महिला को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया था। सफदरजंग अस्पताल से बीके को सूचना मिली कि महिला को ठीक कर दिया गया है। जिसके बाद महिला को 16 नवंबर को बीके अस्पताल में लाया गया।
तब से महिला अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बने अज्ञात वॉर्ड में भर्ती थी। बुधवार को दोपहर करीब 2:30 बजे महिला ने नीचे छलांग लगा दी। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। महिला को जल्द उठाकर अस्पताल के अंदर ले जाया गया।
पीएमओ डॉ. ओपी मेहता ने बताया कि महिला कहां की रहने वाली है व उसका नाम क्या है इस बारे में अस्पताल प्रबंधन के पास कोई जानकारी नहीं है। उन्हें घटना की सूचना 2.45 मिनट पर हुई। जिसके बाद फिजिशियन, सर्जन व ऑर्थोपेडिशयन को बुलाकर महिला की जांच कराई गई है, उसका इलाज चल रहा है।

एक बार फिर उजागर हुई अस्पताल की खामी
एक साल पूर्व भी कूद कर हुई थी आत्महत्या की घटना
ग्रिल लगाने का काम कछुआ गति से चल रहा है
शैली खुल्लर
फरीदाबाद। महिला द्वारा दूसरी मंजिल से कूदने की घटना ने बीके अस्पताल में खामियों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन अब एक अन्य जांच की तैयारियों में जुट गया है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए हर बार की तरह अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों में कमी को मानते हुए कहा है कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
बीके अस्पताल प्रबंधन एनएबीएच (नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर हास्पिटल) से सर्टिफिकेट लेने का प्रयास कर रहा है। लेकिन बीके की यदि मौजूदा स्थिति को देखा जाए तो यहां मरीजों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कर्मचारी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। जो विशेषज्ञ हैं उनकी सेवाएं 24 घंटों की नहीं हैं। सुरक्षा इंतजामों के लिए शुरू किए गए कार्य अधूरे हैं। बुधवार को एक महिला मरीज ने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। अस्पताल की पिछली ओर सरिये पड़े थे जहां से कुछ ही दूूरी पर महिला गिरी। यदि महिला उन सरियों पर गिरती तो महिला की जान जा सकती थी।
पीएमओ डॉ. ओपी मेहता का कहना है कि एक टीम का गठन किया जाएगा। जो निष्पक्ष जांच करेगी और इसके बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

एक घंटे तक नहीं आया मनोचिकित्सक
महिला के छलांग लगाने से जहां पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। वहीं महिला की जांच के लिए मनोचिकित्सक एक घंटे तक नहीं आए। घटना दोपहर करीब 2.30 बजे की है, मनोचिकित्सक 3.30 बजे तक नहीं थे। दरअसल बीके प्रबंधन द्वारा मनोचिकित्सक को नियुक्त तो किया गया है, लेकिन इनकी ड्यूटी 24 घंटे की नहीं है।

एक साल पूर्व भी हुई थी घटना
बीके अस्पताल में गत वर्ष भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। जिसमें मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी थी। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिल्डिंग की गैलरी में ग्रिल लगाने का काम शुरू कराया था। इस कार्य को छह माह में पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। मौजूदा स्थिति में अस्पताल की बिल्डिंग में प्रथम व तृतीय तल पर ग्रिल लगाई गई हैै। जबकि दूसरी मंजिल पर काम नहीं हो सका है। अधिकारियों के अनुसार काम जारी है और कुछ हिस्सा बाकी है।

अज्ञात वॉर्ड में नही है एक भी स्वास्थ्य कर्मी
वर्तमान में अज्ञात वॉर्ड में आठ अज्ञात मरीज हैं लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए एक भी स्वास्थ्य कर्मी (अटेंडेंट) घटना के समय नहीं था। पीएमओ ने भी इस बात को स्वीकारा है और इस पर एक्शन लेने को कहा है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी दिवस: प्रदेश को 25 हजार करोड़ की योजनाओं की सौगात, योगी बोले- आज का दिन गौरवशाली

यूपी दिवस के मौके पर प्रदेश को सरकार ने 25 हजार करोड़ करोड़ की योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री योगी ने आज के दिन को गौरवशाली बताया।

24 जनवरी 2018

Related Videos

गुरुग्राम में धारा 144 लागू, ‘पद्मावत’ देखने जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शन और विवाद को देखते हुए गुरुग्राम में धारा 144 लगा दी गई है।

24 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls