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मंत्री और विधायकों के रवैये पर जताया रोष
Faridabad
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। नगर निगम की बैठक में शुक्रवार को ज्यादातर पार्षदों में विधायकों और मंत्रियों के प्रति गुस्सा देखा गया। कुछ पार्षदों ने तो यहां तक कह दिया कि जब काम ही विधायकों और मंत्रियों के हिसाब से होंगे तो नगर निगम बोर्ड की जरूरत ही क्या है।
पार्षद सोम मल्होत्रा ने कहा कि पिछले दिनों उनके यहां 32 लाख रुपये की लागत से एक सड़क बनी। उन्हें तो पता तब चला जब वहां के लोग उनके पास यह कहने आए कि सड़क तो बन गई, अब मिट्टी तो उठवा दो। उन्होंने कहा कि आखिर उनकी जानकारी के बगैर यह सड़क कैसे बनी उनकी समझ में नहीं आया है।
पार्षद कुलदीप तेवतिया ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में एक सड़क आधी बन गई, लेकिन आधे का काम विधायक ने यह कहते हुए रुकवा दिया कि वहां के लोग रैली में नहीं गए। तेवतिया ने गुस्से में कहा कि अगर विधायक ही इसे चलाएंगे तो निगम की बैठक का ड्रामा बंद करो।
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इस मुद्दे पर ज्यादातर पार्षदों का गुस्सा फूटा और उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री पार्षदों के काम में अड़ंगा डाल रहे हैं। उनके हिसाब से काम हो रहे हैं और पार्षदों को पूछा भी नहीं जा रहा। जब विधायक और मंत्रियों के हिसाब से ही काम होने हैं तो पार्षदों की जरूरत ही क्या है।
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पार्षद सोम मल्होत्रा ने कहा कि पिछले दिनों उनके यहां 32 लाख रुपये की लागत से एक सड़क बनी। उन्हें तो पता तब चला जब वहां के लोग उनके पास यह कहने आए कि सड़क तो बन गई, अब मिट्टी तो उठवा दो। उन्होंने कहा कि आखिर उनकी जानकारी के बगैर यह सड़क कैसे बनी उनकी समझ में नहीं आया है।
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पार्षद कुलदीप तेवतिया ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में एक सड़क आधी बन गई, लेकिन आधे का काम विधायक ने यह कहते हुए रुकवा दिया कि वहां के लोग रैली में नहीं गए। तेवतिया ने गुस्से में कहा कि अगर विधायक ही इसे चलाएंगे तो निगम की बैठक का ड्रामा बंद करो।
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इस मुद्दे पर ज्यादातर पार्षदों का गुस्सा फूटा और उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री पार्षदों के काम में अड़ंगा डाल रहे हैं। उनके हिसाब से काम हो रहे हैं और पार्षदों को पूछा भी नहीं जा रहा। जब विधायक और मंत्रियों के हिसाब से ही काम होने हैं तो पार्षदों की जरूरत ही क्या है।