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नोटिस 30 को, एनओसी का आवेदन 9 का
Faridabad
Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
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फरीदाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती को बिल्डर व कंपनी प्रबंधन कितनी गंभीरता से ले रहे हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल नौ बिल्डराें ने ही बोर्ड के नोटिस पर एनओसी के लिए आवेदन किया है। जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 30 बिल्डराें को नोटिस दिया गया था।
नहर पार में तकरीबन 50 बिल्डराें के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन बिल्डराें को किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेनी पड़ती है। जिसमें बिल्डर को यह साबित करना पड़ता है कि उसके द्वारा बनाए जा रहे किसी भी प्रोजेक्ट से वर्तमान व भविष्य में पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा। क्याेंकि बिल्डिंग बनाते समय कई तरह के उपकरणाें का प्रयोग किया जाता है। मशीनाें से निकलने वाले धुएं से आसपास के लोगों को भी परेशानी होती है। अधिकतर बिल्डर पर्यावरण मंत्रालय से बिना एनओसी लिए ही अपना प्रोजेक्ट शुरू कर देते हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुख्यालय के निर्देश पर नहर पार के 30 बिल्डराें को नोटिस थमाया था। प्रदूषण बोर्ड की तरफ से नोटिस में यह भी लिखा गया था कि अगर एक सप्ताह के अंदर बिल्डर एनओसी के लिए आवेदन नहीं करता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
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कोट
संजीव बुद्धिराजा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी
- जिन बिल्डरों ने एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है, उनकी रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद मुख्यालय से आदेश आते ही उपायुक्त को पत्र लिखकर उनका लाइसेंस रद्द कराने की मांग की जाएगी।
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नहर पार में तकरीबन 50 बिल्डराें के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इन बिल्डराें को किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेनी पड़ती है। जिसमें बिल्डर को यह साबित करना पड़ता है कि उसके द्वारा बनाए जा रहे किसी भी प्रोजेक्ट से वर्तमान व भविष्य में पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा। क्याेंकि बिल्डिंग बनाते समय कई तरह के उपकरणाें का प्रयोग किया जाता है। मशीनाें से निकलने वाले धुएं से आसपास के लोगों को भी परेशानी होती है। अधिकतर बिल्डर पर्यावरण मंत्रालय से बिना एनओसी लिए ही अपना प्रोजेक्ट शुरू कर देते हैं।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मुख्यालय के निर्देश पर नहर पार के 30 बिल्डराें को नोटिस थमाया था। प्रदूषण बोर्ड की तरफ से नोटिस में यह भी लिखा गया था कि अगर एक सप्ताह के अंदर बिल्डर एनओसी के लिए आवेदन नहीं करता है तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
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कोट
संजीव बुद्धिराजा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी
- जिन बिल्डरों ने एनओसी के लिए आवेदन नहीं किया है, उनकी रिपोर्ट बनाकर चंडीगढ़ मुख्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद मुख्यालय से आदेश आते ही उपायुक्त को पत्र लिखकर उनका लाइसेंस रद्द कराने की मांग की जाएगी।