{"_id":"3e9d3c311198cc182891306363ac2b4e","slug":"employee-protest-againt-parishad","type":"story","status":"publish","title_hn":" नौकरी से निकाले गए सफाई कर्मियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी से निकाले गए सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2013 09:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में घरों से कूड़ा उठाने के लिए लगाए गए करीब 44 कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
ठेकेदार की मनमानी को लेकर वीरवार को सफाई कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें काम पर वापस न लिया तो वे कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारी बाबूराम, पालाराम, जीतराम, हनुमान, विजय, श्रवण, मुखपाल, सन्नी, लीलूराम, सुरेश, कश्मीर, गौतम, बिट्टू, सोनी आदि ने बताया कि सफाई ठेकेदार ने 44 कर्मचारियों को करीब छह महीने पूर्व नौकरी से हटा दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब आठ साल से शहर में सफाई कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने सफाई ठेकेदार के साथ-साथ नगर परिषद अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। वे जब भी ठेकेदार से बात करते हैं तो वह हर बार की तरह उन्हें आश्वासन देता रहा कि पैसे मिल जाएंगे। कर्मचारियों के रोष को देखते हुए सफाई ठेकेदार पिछले तीन-चार दिनों से गायब हैं।
विज्ञापन
नगर परिषद के नवनियुक्त कार्यकारी अधिकारी रोहताश कुमार ने इन कर्मचारियों को अपना काम प्रतिदिन की भांति करने की स्वीकृति दे दी है। ईओ की स्वीकृति के बाद भी कर्मचारी काम पर जाने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार उन्हें बार-बार धमकी दे रहा है।
विज्ञापन
ठेकेदार की मनमानी को लेकर वीरवार को सफाई कर्मियों ने नगर परिषद कार्यालय में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें काम पर वापस न लिया तो वे कोई भी कुर्बानी देने के लिए तैयार है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारी बाबूराम, पालाराम, जीतराम, हनुमान, विजय, श्रवण, मुखपाल, सन्नी, लीलूराम, सुरेश, कश्मीर, गौतम, बिट्टू, सोनी आदि ने बताया कि सफाई ठेकेदार ने 44 कर्मचारियों को करीब छह महीने पूर्व नौकरी से हटा दिया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले करीब आठ साल से शहर में सफाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने सफाई ठेकेदार के साथ-साथ नगर परिषद अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए। वे जब भी ठेकेदार से बात करते हैं तो वह हर बार की तरह उन्हें आश्वासन देता रहा कि पैसे मिल जाएंगे। कर्मचारियों के रोष को देखते हुए सफाई ठेकेदार पिछले तीन-चार दिनों से गायब हैं।
विज्ञापन
नगर परिषद के नवनियुक्त कार्यकारी अधिकारी रोहताश कुमार ने इन कर्मचारियों को अपना काम प्रतिदिन की भांति करने की स्वीकृति दे दी है। ईओ की स्वीकृति के बाद भी कर्मचारी काम पर जाने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार उन्हें बार-बार धमकी दे रहा है।