{"_id":"eb852d61133fc201988c721b78454ce5","slug":"disputed-dtp-transferred","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध कब्जे खाली करवाने के आरोपों से घिरीं डीटीपी का तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध कब्जे खाली करवाने के आरोपों से घिरीं डीटीपी का तबादला
जींद/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2013 08:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध कब्जे खाली करवाने के आरोप झेल रहीं जींद की डीटीपी राजकीर्ति पर टाऊन एंड कंट्री विभाग की गाज आखिरकार गिर ही गई है। एसडीएम अमृता एस. सिवाच की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए टाऊन एंड कंट्री प्लान विभाग ने राजकीर्ति का तुरंत प्रभाव से सिरसा तबादला कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त डीटीपी पर चार्ज फ्रेम करने की कार्रवाई भी विभाग ने शुरू कर दी है।
डीटीपी पर सेवा नियम की धारा सात और आठ के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। सेवा नियम की धारा सात के तहत अगर डीटीपी पर कार्रवाई हुई तो उन्हें बड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है। धारा आठ में अगर डीटीपी को कारण बताओ नोटिस जारी होते हैं तो उन्हें मामूली सी सजा दी जा सकती है। शिकायत के बाद जींद की एसडीएम ने जो जांच अवैध कब्जे खाली करवाने को लेकर की है।
उसमें डीटीपी पर गंभीर आरोप लगाकर सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी है। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरकार को बताया है कि डीटीपी ने अवैध कब्जे खाली करवाते समय किसी भी प्रकार से नियमों की पालना नहीं की है। जो मर्जी आया, डीटीपी ने कब्जा तुड़वा दिया। जो डीटीपी को ठीक लगा वह कब्जा खाली नहीं करवाया गया।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरकार को यह भी बताया है कि कब्जे खाली करवाने से संबंधित जो रिकार्ड डीटीपी कार्यालय में मौजूद है। उसको ठीक तरह से मेनटेन नहीं किया गया है। कब्जे हटाने को लेकर जो नोटिस अवैध कब्जेधारियाें को जारी किए गए उनका डाक रिकार्ड भी सही तरह से नहीं पाया गया है।
इतना गड़बड़झाला होने के बाद ही लोगों ने डीटीपी की शिकायत जींद के डीसी को की तो जुलाई में डीसी राजीव रत्न ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा एसडीएम अमृता एस सिवाच को सौंपा था। महीने भर पहले उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम ने जांच पूरी करके सरकार को भेजी थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डीटीपी राजकीर्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक ने डीटीपी का तबादला जींद से सिरसा कर दिया है। डीटीपी के तबादले को एसडीएम जींद की रिपोर्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग डीटीपी का तबादला करके विभागीय जांच शुरू करेगा। तबादला करने के पीछे एक ही कारण बताया जा रहा है कि आरोपी डीटीपी किसी भी तरह से जांच को प्रभावित न कर सके।
सिरसा के निवर्तमान डीटीपी रामकुमार ने विभाग के आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि उनका तबादला सिरसा से अंबाला कर दिया गया है। अंबाला के डीटीपी नरेश कुमार को जींद, जींद की डीटीपी राजकीर्ति को सिरसा, मेवात के डीटीपी देशराज को यमुनानगर और युमनानगर के डीटीपी अनिल कुमार को मेवात भेजा गया है।
विज्ञापन
डीटीपी पर सेवा नियम की धारा सात और आठ के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। सेवा नियम की धारा सात के तहत अगर डीटीपी पर कार्रवाई हुई तो उन्हें बड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है। धारा आठ में अगर डीटीपी को कारण बताओ नोटिस जारी होते हैं तो उन्हें मामूली सी सजा दी जा सकती है। शिकायत के बाद जींद की एसडीएम ने जो जांच अवैध कब्जे खाली करवाने को लेकर की है।
विज्ञापन
उसमें डीटीपी पर गंभीर आरोप लगाकर सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी है। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरकार को बताया है कि डीटीपी ने अवैध कब्जे खाली करवाते समय किसी भी प्रकार से नियमों की पालना नहीं की है। जो मर्जी आया, डीटीपी ने कब्जा तुड़वा दिया। जो डीटीपी को ठीक लगा वह कब्जा खाली नहीं करवाया गया।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरकार को यह भी बताया है कि कब्जे खाली करवाने से संबंधित जो रिकार्ड डीटीपी कार्यालय में मौजूद है। उसको ठीक तरह से मेनटेन नहीं किया गया है। कब्जे हटाने को लेकर जो नोटिस अवैध कब्जेधारियाें को जारी किए गए उनका डाक रिकार्ड भी सही तरह से नहीं पाया गया है।
इतना गड़बड़झाला होने के बाद ही लोगों ने डीटीपी की शिकायत जींद के डीसी को की तो जुलाई में डीसी राजीव रत्न ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा एसडीएम अमृता एस सिवाच को सौंपा था। महीने भर पहले उपायुक्त के आदेश पर एसडीएम ने जांच पूरी करके सरकार को भेजी थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने डीटीपी राजकीर्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक ने डीटीपी का तबादला जींद से सिरसा कर दिया है। डीटीपी के तबादले को एसडीएम जींद की रिपोर्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विभाग डीटीपी का तबादला करके विभागीय जांच शुरू करेगा। तबादला करने के पीछे एक ही कारण बताया जा रहा है कि आरोपी डीटीपी किसी भी तरह से जांच को प्रभावित न कर सके।
सिरसा के निवर्तमान डीटीपी रामकुमार ने विभाग के आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि उनका तबादला सिरसा से अंबाला कर दिया गया है। अंबाला के डीटीपी नरेश कुमार को जींद, जींद की डीटीपी राजकीर्ति को सिरसा, मेवात के डीटीपी देशराज को यमुनानगर और युमनानगर के डीटीपी अनिल कुमार को मेवात भेजा गया है।