फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jyoti Malhotra gets a setback from the High Court: Regular bail plea rejected

ज्योति मल्होत्रा को हाईकोर्ट से झटका: नियमित जमानत याचिका खारिज, फिलहाल जेल में ही रहना होगा; जासूसी की आरोपी

Sun, 08 Mar 2026 08:22 AM IST
Naveen अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 08 Mar 2026 08:22 AM IST
सार

याचिका में ज्योति ने स्वयं को एक पेशेवर ट्रैवल ब्लॉगर बताते हुए कहा कि वह खुलेआम कैमरा लेकर कंटेंट शूट करती हैं और उसे सार्वजनिक मंचों पर अपलोड करती हैं। ऐसे में उन्हें जासूस बताना अविश्वसनीय और निराधार है।

विज्ञापन
Jyoti Malhotra gets a setback from the High Court: Regular bail plea rejected
ज्योति मल्होत्रा - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी की आरोपी मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति मल्होत्रा को बड़ा झटका देते हुए उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

विज्ञापन


ज्योति के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने अदालत में दलील दी कि इस मामले में दर्ज एफआईआर का कोई ठोस आधार नहीं है। उन्होंने अदालत से ज्योति की चैट का रिकॉर्ड तलब करने का आग्रह किया। इस पर अदालत ने अगली सुनवाई पर जांच अधिकारी को रिकॉर्ड के साथ पेश होने का निर्देश दिया है। जासूसी गतिविधियों के आरोप में मई 2025 से जेल में बंद ज्योति ने अपनी रिहाई के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एफआईआर के अनुसार यह मामला मई 2025 में प्राप्त एक इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) इनपुट से जुड़ा है।
विज्ञापन


आरोप है कि ज्योति मल्होत्रा वर्ष 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग, नई दिल्ली, वीजा आवेदन के लिए गई थीं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। उन पर भारत से संबंधित संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका में ज्योति ने स्वयं को एक पेशेवर ट्रैवल ब्लॉगर बताते हुए कहा कि वह खुलेआम कैमरा लेकर कंटेंट शूट करती हैं और उसे सार्वजनिक मंचों पर अपलोड करती हैं। ऐसे में उन्हें जासूस बताना अविश्वसनीय और निराधार है। याचिका में यह भी कहा गया कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की आवश्यक शर्तें, जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना या किसी संवेदनशील स्थान का स्केच या मॉडल तैयार करना, इस मामले में पूरी नहीं होतीं।


ज्योति की ओर से यह भी दलील दी गई कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 लागू करना उचित नहीं है, क्योंकि कथित मुलाकात वर्ष 2023 में हुई थी, जबकि नई दंड संहिता बाद में लागू हुई। वहीं पुरानी धारा 124ए (राजद्रोह) के तहत कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्थगित कर चुका है। ज्योति मई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। जमानत याचिका में यह भी कहा गया कि वह परिवार में अपने बुजुर्ग पिता और बीमार ताऊ की एकमात्र देखभालकर्ता हैं, जो उम्र संबंधी बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed