{"_id":"923d94efa901e9775ee77931383ee9c5","slug":"constitutional-offices-will-be-completed-before-the-application-record","type":"story","status":"publish","title_hn":"संवैधानिक पदों के आवेदन से पहले देना होगा पूरा रिकार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संवैधानिक पदों के आवेदन से पहले देना होगा पूरा रिकार्ड
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Jan 2014 12:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा सरकार ने विभिन्न संवैधानिक एवं वैधानिक पदों पर नियुक्ति के संबंध में उम्मीदवारों के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
अब आवेदक को अपना पुराना आपराधिक रिकार्ड को ब्योरा देना होगा। यह निर्णय सरकार ने हरेंद्र पाल सिंह राणा को हुई सजा के बाद लिया है।
राणा हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्य थे। जिनको न्यायालय ने एक आपराधिक मामले में सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनका इस्तीफा ले लिया गया था।
इस मामले में सरकार की फजीहत का सामना करना पड़ा था। जब उन्हें सदस्य बनाया गया था तब उन पर पलवल की अदालत ने आरोप तय कर रखे थे।
इस नियुक्ति को इनेलो ने पत्रकार वार्ता कर गलत ठहराया था।
मुख्य सचिव एससी चौधरी ने बताया कि इन पदों की गरिमा और सत्यनिष्ठता को देखते हुए सरकार ने आवेदन फार्म में अतिरिक्त कॉलम जोड़ने का निर्णय लिया है।
सभी प्रशासनिक सचिवों तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि आवेदक को पूरा विवरण देना होगा कि क्या उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है।
यह भी बताना होगा कि क्या किसी आपराधिक जुर्म के लिए उसे चार्जशीट किया गया है या किसी न्यायालय द्वारा उसे सजा सुनाई गई है।
इन पदों पर नियुक्ति से पहले आवेदक को लिखित में इस प्रकार की जानकारियों का पूरा विवरण देना होगा कि उसके खिलाफ किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
किसी सक्षम न्यायालय में किसी प्रकार के अपराध के संबंध में उसके खिलाफ कोई चार्जशीट फाइल नहीं की गई तथा न्यायालय द्वारा उसे किसी आपराधिक मामले में सजा नहीं सुनाई गई है।
विज्ञापन
सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके संबंधित विभागों में संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के मामले की प्रक्रिया में इन दिशा निर्देशों की पूरी सावधानी के साथ अनुपालना की जाए।
विज्ञापन
अब आवेदक को अपना पुराना आपराधिक रिकार्ड को ब्योरा देना होगा। यह निर्णय सरकार ने हरेंद्र पाल सिंह राणा को हुई सजा के बाद लिया है।
राणा हरियाणा लोक सेवा आयोग के सदस्य थे। जिनको न्यायालय ने एक आपराधिक मामले में सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनका इस्तीफा ले लिया गया था।
इस मामले में सरकार की फजीहत का सामना करना पड़ा था। जब उन्हें सदस्य बनाया गया था तब उन पर पलवल की अदालत ने आरोप तय कर रखे थे।
इस नियुक्ति को इनेलो ने पत्रकार वार्ता कर गलत ठहराया था।
मुख्य सचिव एससी चौधरी ने बताया कि इन पदों की गरिमा और सत्यनिष्ठता को देखते हुए सरकार ने आवेदन फार्म में अतिरिक्त कॉलम जोड़ने का निर्णय लिया है।
सभी प्रशासनिक सचिवों तथा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार को जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि आवेदक को पूरा विवरण देना होगा कि क्या उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है।
यह भी बताना होगा कि क्या किसी आपराधिक जुर्म के लिए उसे चार्जशीट किया गया है या किसी न्यायालय द्वारा उसे सजा सुनाई गई है।
इन पदों पर नियुक्ति से पहले आवेदक को लिखित में इस प्रकार की जानकारियों का पूरा विवरण देना होगा कि उसके खिलाफ किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
विज्ञापन
किसी सक्षम न्यायालय में किसी प्रकार के अपराध के संबंध में उसके खिलाफ कोई चार्जशीट फाइल नहीं की गई तथा न्यायालय द्वारा उसे किसी आपराधिक मामले में सजा नहीं सुनाई गई है।
विज्ञापन
सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि उनके संबंधित विभागों में संवैधानिक पदों पर नियुक्ति के मामले की प्रक्रिया में इन दिशा निर्देशों की पूरी सावधानी के साथ अनुपालना की जाए।