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दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता युवक ने खेत में लगाया फंदा
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चरखी दादरी। नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता कोहलावास निवासी एक युवक का शव उन्हीं के खेत में फंदे पर लटका मिला है। बौंदकलां थाना पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम दादरी सिविल अस्पताल में करवाया गया। उसके चाचा के बयान पर इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। 2019 में ही दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी और वो पैरोल पर घर आया हुआ था।
जानकारी के अनुसार, कोहलावास निवासी दीपक 27 पर बौंदकलां थाने में एक किशोरी से दुष्कर्म करने का केस दर्ज हुआ था। इस मामले का शिकायतकर्ता पक्ष आरोपी के समीप ही एक गांव का रहने वाला था। पोक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज हुए इस केस में दीपक को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई थी। वो भिवानी जेल में बंद था और वहां से 42 दिन की पैरोल पर आया हुआ था।
मृतक के चाचा वजीर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीरवार सुबह उन्हें सूचना मिली भी कि दीपक का शव खेत में लगे लोहे के पाइप पर फंदे से लटका हुआ है। यह सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलते ही बौंदकलां थाना पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां मृतक के चाचा वजीर के बयान पर पुलिस ने कागजी कार्रवाई कर मृतक का पोस्टमार्टम करवाया। मृतक दो भाइयों में बड़ा था और उसके पिता आईटीबीपी जवान हैं। मृतक के परिजनों ने पुलिस बयान में किसी पर कोई संदेह जाहिर नहीं किया है।
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- बुधवार शाम सात बजे देनी थी जेल में हाजिरी -
मृतक दीपक 42 दिन की पैरोल पर जेल से घर आया था। उसे बुधवार शाम सात बजे जेल में हाजिरी देनी थी। परिजनों के अनुसार उसका चचेरा भाई संदीप करीब साढ़े 12 बजे उसे भिवानी जेल के बाहर छोड़कर आया था। उन्हें लगा कि दीपक जेल में पहुंच चुका है, लेकिन शाम सात बजे के बाद जेल से फोन आया कि दीपक वहां पहुंचा ही नहीं है।
- दोस्तों से बनाई दूरी, घर पर ही व्यतीत करता था समय
मृतक के परिजनों के अनुसार मामला दर्ज होने और जेल जाने के बाद दीपक में काफी बदलाव आ गया था। उसने सभी दोस्तों से दूरी बना ली थी। जब भी वो पैराल पर आता तो घर रहकर ही समय व्यतीत करता था। ज्यादातर समय वो परिजनों से बातचीत करता था।
- पहले आया था दस माह की पैरोल
परिजनों के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भी दीपक लंबी पैरोल पर घर आया था। उस दौरान वो करीब दस माह तक घर रुका था और पैरोल समयावधि पूरी होते ही जेल चला गया था। इसके बाद अब वो गत 15 मार्च को 42 दिन की पैरोल आया था।
- भिवानी से वापस पहुंचा अपने खेत
मृतक के परिजनों के अनुसार दीपक को उसका चचेरा भाई संदीप दोपहर साढ़े 12 बजे भिवानी जेल के बाहर छोड़कर आया था। उसे दीपक ने वापस लौटने की बात कही और खुद जेल की तरफ चल पड़ा। उसके भाई को लगा कि अब वो अंदर चला जाएगा और इस उम्मीद पर वो वापस घर लौट आया। वहीं, कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके बाद दीपक वापस अपने गांव पहुंचा और सांवड़ रोड स्थित खेत में फंदा लगा लिया।
वर्जन::
इस संबंध में मृतक दीपक के चाचा के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम के बाद शव हमने परिजनों को सौंप दिया।
- नरेश कुमार, एसआई एवं जांच अधिकारी, बौंदकलां थाना।
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जानकारी के अनुसार, कोहलावास निवासी दीपक 27 पर बौंदकलां थाने में एक किशोरी से दुष्कर्म करने का केस दर्ज हुआ था। इस मामले का शिकायतकर्ता पक्ष आरोपी के समीप ही एक गांव का रहने वाला था। पोक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज हुए इस केस में दीपक को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई थी। वो भिवानी जेल में बंद था और वहां से 42 दिन की पैरोल पर आया हुआ था।
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मृतक के चाचा वजीर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीरवार सुबह उन्हें सूचना मिली भी कि दीपक का शव खेत में लगे लोहे के पाइप पर फंदे से लटका हुआ है। यह सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलते ही बौंदकलां थाना पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर अपने कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां मृतक के चाचा वजीर के बयान पर पुलिस ने कागजी कार्रवाई कर मृतक का पोस्टमार्टम करवाया। मृतक दो भाइयों में बड़ा था और उसके पिता आईटीबीपी जवान हैं। मृतक के परिजनों ने पुलिस बयान में किसी पर कोई संदेह जाहिर नहीं किया है।
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- बुधवार शाम सात बजे देनी थी जेल में हाजिरी -
मृतक दीपक 42 दिन की पैरोल पर जेल से घर आया था। उसे बुधवार शाम सात बजे जेल में हाजिरी देनी थी। परिजनों के अनुसार उसका चचेरा भाई संदीप करीब साढ़े 12 बजे उसे भिवानी जेल के बाहर छोड़कर आया था। उन्हें लगा कि दीपक जेल में पहुंच चुका है, लेकिन शाम सात बजे के बाद जेल से फोन आया कि दीपक वहां पहुंचा ही नहीं है।
- दोस्तों से बनाई दूरी, घर पर ही व्यतीत करता था समय
मृतक के परिजनों के अनुसार मामला दर्ज होने और जेल जाने के बाद दीपक में काफी बदलाव आ गया था। उसने सभी दोस्तों से दूरी बना ली थी। जब भी वो पैराल पर आता तो घर रहकर ही समय व्यतीत करता था। ज्यादातर समय वो परिजनों से बातचीत करता था।
- पहले आया था दस माह की पैरोल
परिजनों के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भी दीपक लंबी पैरोल पर घर आया था। उस दौरान वो करीब दस माह तक घर रुका था और पैरोल समयावधि पूरी होते ही जेल चला गया था। इसके बाद अब वो गत 15 मार्च को 42 दिन की पैरोल आया था।
- भिवानी से वापस पहुंचा अपने खेत
मृतक के परिजनों के अनुसार दीपक को उसका चचेरा भाई संदीप दोपहर साढ़े 12 बजे भिवानी जेल के बाहर छोड़कर आया था। उसे दीपक ने वापस लौटने की बात कही और खुद जेल की तरफ चल पड़ा। उसके भाई को लगा कि अब वो अंदर चला जाएगा और इस उम्मीद पर वो वापस घर लौट आया। वहीं, कयास लगाए जा रहे हैं कि इसके बाद दीपक वापस अपने गांव पहुंचा और सांवड़ रोड स्थित खेत में फंदा लगा लिया।
वर्जन::
इस संबंध में मृतक दीपक के चाचा के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम के बाद शव हमने परिजनों को सौंप दिया।
- नरेश कुमार, एसआई एवं जांच अधिकारी, बौंदकलां थाना।
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