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Charkhi Dadri News: विश्व पटल पर छाप छोड़ रहे पहलवान निशांत
Sun, 01 Jun 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 01 Jun 2025 11:14 PM IST
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वर्ल्ड सीरीज में निशांत फोगाट को विजेता घोषित करते हुए रेफरी। स्रोत: परिजन
फोटो-29 मंगोलिया में आयोजित सीरीज में प्रतिद्वंद्वी को परास्त करते निशांत फोगाट। स्रोत : परिजन
फोटो-30 वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में निशांत फोगाट को विजेता घोषित करते रेफरी। स्रोत : परिजन
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- वर्ष 2017 में की थी चचेरे भाई से प्रेरित होकर कुश्ती की शुरुआत, अब तक जीत चुके 9 पदक
रबिन वर्मा
चरखी दादरी। घर में बड़ों का बच्चों का काफी असर पड़ता है। यही प्रभाव बच्चों को आगे का भविष्य तय करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसा ही असर गांव सरूपगढ़ निवासी निशांत फोगाट पर हुआ। चचेरे भाई रोहित से कुश्ती की प्रेरणा मिली तो निशांत (17) अब विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
निशांत के पिता मनोज फोगाट किसान जबकि माता ममता गृहिणी हैं। निशांत तीन भाई-बहनों में मंझले हैं। निशांत की बड़ी बहन और छोटा भाई नौकरी के लिए तैयारी कर रहे हैं। निशांत ने नौकरी के बजाय खेल को अपने कॅरिअर के रूप में चुना। इसकी प्रेरणा निशांत को अपने चचेरे भाई रोहित से मिली।
वर्ष 2017 में रोहित ने निशांत को अखाड़े में उतारा और कुश्ती के लिए प्रेरित किया। इसके बाद निशांत की रुचि बढ़ी तो रोहित भाई निशांत और चाचा मनोज को अपने साथ बहादुरगढ़ अखाड़ा ले गए। यहां पर तीन साल तक निशांत ने अभ्यास किया। शुरुआत में रोहित ने उन्हें कुश्ती के दांव-पेच सिखाए। वर्ष 2020 में कोरोना और कमर में दर्द होने के कारण रोहित ने कुश्ती छोड़ दी।
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बाद में मनोज भी निशांत को लेकर रोहतक आ गए और वहीं पर रहने लगे। यहां कोच रणबीर ढाका के पास निशांत अभ्यास कर रहे हैं। निशांत ने शुरुआत राज्यस्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप से की। इसके बाद इनमें पदक जीतने से हौसला बढ़ा। नेशनल स्तर पर पहला पदक निशांत ने वर्ष 2022 में जीता। इसके बाद उन्हें इतनी हिम्मत मिली कि चार स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत लिए।
अब तक निशांत राष्ट्रीय स्तर पर आठ पदक जीत चुके हैं। इनमें चार स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं। वहीं, तीन बार उन्होंने विश्व स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। एक बार पदक जीतने में कामयाब रहे। अब एशियन गेम्स में पदक जीतना निशांत का मुख्य लक्ष्य है। संवाद
ये हैं निशांत की मुख्य उपलब्धियां
-2022 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2024 में आयोजित सीनियर नेशनल कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2024 में आयोजित जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक।
-2024 में आयोजित जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक।
-2025 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2022 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2025 में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में कांस्य पदक।
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फोटो-30 वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में निशांत फोगाट को विजेता घोषित करते रेफरी। स्रोत : परिजन
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- वर्ष 2017 में की थी चचेरे भाई से प्रेरित होकर कुश्ती की शुरुआत, अब तक जीत चुके 9 पदक
रबिन वर्मा
चरखी दादरी। घर में बड़ों का बच्चों का काफी असर पड़ता है। यही प्रभाव बच्चों को आगे का भविष्य तय करने के लिए प्रेरित करता है। ऐसा ही असर गांव सरूपगढ़ निवासी निशांत फोगाट पर हुआ। चचेरे भाई रोहित से कुश्ती की प्रेरणा मिली तो निशांत (17) अब विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
निशांत के पिता मनोज फोगाट किसान जबकि माता ममता गृहिणी हैं। निशांत तीन भाई-बहनों में मंझले हैं। निशांत की बड़ी बहन और छोटा भाई नौकरी के लिए तैयारी कर रहे हैं। निशांत ने नौकरी के बजाय खेल को अपने कॅरिअर के रूप में चुना। इसकी प्रेरणा निशांत को अपने चचेरे भाई रोहित से मिली।
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वर्ष 2017 में रोहित ने निशांत को अखाड़े में उतारा और कुश्ती के लिए प्रेरित किया। इसके बाद निशांत की रुचि बढ़ी तो रोहित भाई निशांत और चाचा मनोज को अपने साथ बहादुरगढ़ अखाड़ा ले गए। यहां पर तीन साल तक निशांत ने अभ्यास किया। शुरुआत में रोहित ने उन्हें कुश्ती के दांव-पेच सिखाए। वर्ष 2020 में कोरोना और कमर में दर्द होने के कारण रोहित ने कुश्ती छोड़ दी।
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बाद में मनोज भी निशांत को लेकर रोहतक आ गए और वहीं पर रहने लगे। यहां कोच रणबीर ढाका के पास निशांत अभ्यास कर रहे हैं। निशांत ने शुरुआत राज्यस्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप से की। इसके बाद इनमें पदक जीतने से हौसला बढ़ा। नेशनल स्तर पर पहला पदक निशांत ने वर्ष 2022 में जीता। इसके बाद उन्हें इतनी हिम्मत मिली कि चार स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीत लिए।
अब तक निशांत राष्ट्रीय स्तर पर आठ पदक जीत चुके हैं। इनमें चार स्वर्ण और चार रजत पदक शामिल हैं। वहीं, तीन बार उन्होंने विश्व स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। एक बार पदक जीतने में कामयाब रहे। अब एशियन गेम्स में पदक जीतना निशांत का मुख्य लक्ष्य है। संवाद
ये हैं निशांत की मुख्य उपलब्धियां
-2022 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2024 में आयोजित सीनियर नेशनल कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2024 में आयोजित जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक।
-2024 में आयोजित जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक।
-2025 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2022 में आयोजित सीनियर नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
-2025 में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में कांस्य पदक।