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अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों महिलाएं: सीजेएम सौरभ
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वन स्टॉप सेंटर में आयोजित कैंप में मौजूद सीजेएम सौरभ कुमार, गीता सहारण व एडवोकेट रूबिना बूरा।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। लोहारू रोड के समीप स्थित वन स्टॉप सेंटर में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सहयोग से लगाए गए इस कैंप का शुभारंभ प्राधिकरण सचिव एवं सीजेएम सौरभ कुमार ने किया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सौरभ कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यह कैंप लगाया है। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्वास्थ्य जांच करना और उन्हें सेहत के प्रति जागरूक करना है। ये वर्कर्स गांवों और शहर में छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखती हैं, इसलिए इनकी भी सेहत की जांच समय-समय पर होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि आज महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में कैंप का आयोजन किया गया है। सीजेएम ने बताया कि दादरी कोर्ट परिसर में शनिवार को सुबह दस बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अदालत में सभी तरह के मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से समाधान किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने इस मौके पर कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए संविधान में पर्याप्त कानून बने हुए हैं। कार्य स्थल पर या घर पर किसी महिला के साथ हिंसा होती है या किसी प्रकार का अत्याचार होता है तो वह पुलिस, वन स्टॉप सेंटर में या फिर महिला विकास विभाग को सूचित कर सकती हैं। उसकी शिकायत पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई होगी।
मेडिकल कैंप में सिविल अस्पताल की चिकित्सक डॉ. प्रशस्ति ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को उनकी बीमारी के अनुसार दवाएं और उपचार की सलाह दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर प्रभारी एकता श्योराण, एडवोकेट रूबिना बूरा भी मौजूद रही।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सौरभ कुमार ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से यह कैंप लगाया है। इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की स्वास्थ्य जांच करना और उन्हें सेहत के प्रति जागरूक करना है। ये वर्कर्स गांवों और शहर में छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखती हैं, इसलिए इनकी भी सेहत की जांच समय-समय पर होनी चाहिए।
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उन्होंने बताया कि आज महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है। इसी उपलक्ष्य में कैंप का आयोजन किया गया है। सीजेएम ने बताया कि दादरी कोर्ट परिसर में शनिवार को सुबह दस बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इस अदालत में सभी तरह के मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से समाधान किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारण ने इस मौके पर कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए संविधान में पर्याप्त कानून बने हुए हैं। कार्य स्थल पर या घर पर किसी महिला के साथ हिंसा होती है या किसी प्रकार का अत्याचार होता है तो वह पुलिस, वन स्टॉप सेंटर में या फिर महिला विकास विभाग को सूचित कर सकती हैं। उसकी शिकायत पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई होगी।
मेडिकल कैंप में सिविल अस्पताल की चिकित्सक डॉ. प्रशस्ति ने आंगनबाड़ी वर्कर्स को उनकी बीमारी के अनुसार दवाएं और उपचार की सलाह दी। इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर प्रभारी एकता श्योराण, एडवोकेट रूबिना बूरा भी मौजूद रही।