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विकास शुल्क के साथ नगर में करीब 10 कॉलोनियों वैध होने की जगी उम्मीद
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चरखी दादरी। राज्य सरकार की घोषणा के बाद शहर में करीब 10 अवैध कॉलोनियां नियमित होने की दौड़ में हैं। इन कॉलोनियों के लोग सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क ,पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है। सरकार विकास शुल्क लेकर इन कॉलोनियों को वैध करने की योजना पर काम करने जा रही है। आवासीय से पांच व कॉमर्शियल क्षेत्र से 10 प्रतिशत विकास शुल्क लेकर अवैध क्षेत्र को वैध किया जाएगा। वहीं, सरकार गांव की तर्ज पर अब शहरी क्षेत्र को भी लाल डोरा मुक्त करने की योजना पर काम कर रही है। विदित रहे नगर परिषद इस एरिया को वैध करवाने की मांग के लिए दो बार सरकार को प्रस्ताव भी भेज चुकी है। कॉलोनियां वैध होने से लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी।
शहर में कई कॉलोनियां तो 35 साल से आबाद हैं, लेकिन उनमें आज तक कच्ची गलियां ही हैं, जिससे लोग परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से दो बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।
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गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में दादरी नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। दर्जा तो मिल गया, लेकिन नगर की लाल डोरा की सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया। यही वजह रही है कि इस समय 10 से ज्यादा कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। ये कॉलोनियां नगर परिषद के लाल डोरा की सीमा से सटती हैं। शहर के चारों भागों में ये कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय-समय पर उठाते आ रहे हैं।
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रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाइपास स्थित आबादी, ढाणी रोड एरिया, घिकाड़ा रोड एरिया का कुछ भाग, महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र की आबादी सहित करीब 10 कॉलोनियों को वैध कर इनमें सुविधाएं मुहैया करवाए जाने की जरूरत है। इन भागों में कई वर्षों से लोग मकान बनाकर रहते आ रहे हैं, लेकिन गलियां कच्ची होने से आवागमन में दिक्कत बन रही है। बारिश के मौसम में तो हालात खराब बने रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है और रात के समय चोरी व अन्य आपरधिक घटनाओं की आशंका रहती है। सीवर की लाइनें नहीं बिछाए जाने से दूषित पानी गलियों में भरा रहता है। सरकार का नियम है कि बिना सीवर लाइन बिछाए सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का पेंच फंसा हुआ है।
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शहर के ढाणी रोड क्षेत्र निवासी पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह खानपुर ,कश्मीर सिंह, सतबीर सिंह, विजय कुमार, युद्ववीर सिंह, सुरेश कुमार का कहना है कि सरकार को उनके एरिया को नगर परिषद की सीमा में शामिल करना चाहिए, ताकि सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया हो सके। यह क्षेत्र करीब 35 साल से आबाद है, जो शहर से बिल्कुल सटता है। इनका कहना है कि सरकार उन्हें न तो पंचायत के अधीन मान रही है और न ही नगर परिषद में शामिल किया जा रहा है। इस बार तो वे नप चुनाव में मतदान भी नहीं कर पाए, क्योंकि उनका वोट भी इस बार काट दिया गया है।
जैसे ही पार्षद शपथ लेते हैं। मीटिंग बुलाकर इस संबंध में अधिकारियों व इन कॉलोनियों के मौजिज लोगों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। नगर परिषद की ओर से कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- बख्शी सैनी, चेयरमैन नगर परिषद।
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शहर में कई कॉलोनियां तो 35 साल से आबाद हैं, लेकिन उनमें आज तक कच्ची गलियां ही हैं, जिससे लोग परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से दो बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।
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गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में दादरी नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। दर्जा तो मिल गया, लेकिन नगर की लाल डोरा की सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया। यही वजह रही है कि इस समय 10 से ज्यादा कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। ये कॉलोनियां नगर परिषद के लाल डोरा की सीमा से सटती हैं। शहर के चारों भागों में ये कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय-समय पर उठाते आ रहे हैं।
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रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाइपास स्थित आबादी, ढाणी रोड एरिया, घिकाड़ा रोड एरिया का कुछ भाग, महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र की आबादी सहित करीब 10 कॉलोनियों को वैध कर इनमें सुविधाएं मुहैया करवाए जाने की जरूरत है। इन भागों में कई वर्षों से लोग मकान बनाकर रहते आ रहे हैं, लेकिन गलियां कच्ची होने से आवागमन में दिक्कत बन रही है। बारिश के मौसम में तो हालात खराब बने रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है और रात के समय चोरी व अन्य आपरधिक घटनाओं की आशंका रहती है। सीवर की लाइनें नहीं बिछाए जाने से दूषित पानी गलियों में भरा रहता है। सरकार का नियम है कि बिना सीवर लाइन बिछाए सड़क का निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का पेंच फंसा हुआ है।
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शहर के ढाणी रोड क्षेत्र निवासी पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह खानपुर ,कश्मीर सिंह, सतबीर सिंह, विजय कुमार, युद्ववीर सिंह, सुरेश कुमार का कहना है कि सरकार को उनके एरिया को नगर परिषद की सीमा में शामिल करना चाहिए, ताकि सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया हो सके। यह क्षेत्र करीब 35 साल से आबाद है, जो शहर से बिल्कुल सटता है। इनका कहना है कि सरकार उन्हें न तो पंचायत के अधीन मान रही है और न ही नगर परिषद में शामिल किया जा रहा है। इस बार तो वे नप चुनाव में मतदान भी नहीं कर पाए, क्योंकि उनका वोट भी इस बार काट दिया गया है।
जैसे ही पार्षद शपथ लेते हैं। मीटिंग बुलाकर इस संबंध में अधिकारियों व इन कॉलोनियों के मौजिज लोगों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। नगर परिषद की ओर से कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- बख्शी सैनी, चेयरमैन नगर परिषद।