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अधिकारी करें प्रयास, लोग सहयोग कर लाएंगे नंबर वन रैंकिंग
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स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के परिणाम का श्रेय काफी हद तक शहरवासियों के सहयोग को भी जाता है। रैंकिंग में भले ही दादरी की नॉर्थ इंडिया में 11वीं रैंक आई हो, लेकिन शहरवासियों का मानना है कि अभी व्यवस्था में और सुधार की जरूरत है। अमर उजाला ने शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम में अलग-अलग वार्डों के दस लोगों से बातचीत की। सात मौजूदा सफाई व्यवस्था से असंतुष्ट नजर आए जबकि तीन ने मौजूदा व्यवस्थाओं को सराहा। सभी लोगों का कहना है कि अधिकारियों अगर व्यवस्था में सुधार के प्रयास करें और शहरवासी सफाई व्यवस्था कायम रखने में सहयोग दें तो स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में शहर की पहली रैंकिंग आ सकती है।
ज्यादातार लोग सफाई न होने के चलते परेशान
- हमारे वार्ड में सफाई कर्मी कचरे का उठान करने नियमित नहीं आते, जिसके चलते गलियों में बनाए गए अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों पर कचरा पड़ा रहता है। रैंकिंग में सुधार होना अच्छी बात है लेकिन अधिकारियों को व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
नरेंद्र, वार्ड 14
- वार्ड में सफाई के प्रबंध बेहतर है। नप अधिकारियों के प्रयासों और लोगों के सहयोग से ही 839 पायदान की छलांग लगाकर दादरी शहर की 11वीं रैंक आई है। शहरवासी आगे भी नप का व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे ताकि इस बार पहला रैंक आ सके।
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राजसिंह, वार्ड 15
- शहर की 11वीं रैंक आना समझ से परे है। वार्ड की गलियों में कचरे के ढेर पड़े रहते हैं। नियमित सफाई न होने से लोग परेशान हैं। हमारे वार्ड में डस्टबिन ही नहीं है और लोग अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों पर खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
राम अवतार, वार्ड 16
- वार्ड की गलियों से कचरे का उठान समय पर नहीं होता। कर्मचारी तीन से चार दिन बाद कचरे का उठान करने आते हैं। गोवंश डंपिंग प्वाइंट पर पड़े कचरे को गलियों में फैला देते हैं, जिसके चलते लोगों को दिक्कतें होती हैं। वार्ड में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
दयाकिशन, वार्ड 17
- पिछले कुछ समय में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। हमारे वार्ड में नियमित नगर परिषद टीम डोर-टू-डोर कचरा उठान करने आती है। डंपिंग प्वाइंटों से भी नियमित कचरे का उठान हो रहा है। बेहतर व्यवस्थाएं ही रैंकिंग में सुधार का कारण है।
विनोद, वार्ड-18
- वार्ड में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। गलियों में कचरा पड़ा रहता है। नियमित कचरे का उठान न होने से लोग परेशान हैं। वार्ड की सफाई व्यवस्था बेपटरी है और विभाग को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
प्रेम कुमार, वार्ड 19
- हमारे वार्ड में सफाई व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति होती है। पुरानी अनाज मंडी से कचरे का उठान नहीं हो रहा है। बारिश के समय कचरा सड़ता रहता है। अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। हम सहयोग के लिए तैयार हैं।
संजय, वार्ड-7
- वार्ड में सफाई व्यवस्था चौपट है। नियमित उठान न होने से डंपिंग प्वाइंटों पर कचरा पड़ा रहता है। मौजूदा सफाई व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था में सुधार कर लोगों को समस्याओं से छुटकारा दिलाना चाहिए।
आशु, वार्ड-20
- नगर परिषद ने घर-घर से कचरे का उठान करने की बेहतर व्यवस्था कर रखी है। हमें कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आ रहीं। बेहतर व्यवस्थाएं ही रैंकिंग में सुधार का कारण है।
राजकुमार, वार्ड-1
- सफाई कर्मचारी ही कचरे को इक्ट्ठा कर आग लगा देते हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कर्मचारी लगातार ऐसा कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था वार्ड में बेपटरी है और लोग परेशान हैं। 11वीं रैंकिंग आना हमारी समझ से परे है।
सुरेश, वार्ड-21
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ज्यादातार लोग सफाई न होने के चलते परेशान
- हमारे वार्ड में सफाई कर्मी कचरे का उठान करने नियमित नहीं आते, जिसके चलते गलियों में बनाए गए अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों पर कचरा पड़ा रहता है। रैंकिंग में सुधार होना अच्छी बात है लेकिन अधिकारियों को व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।
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नरेंद्र, वार्ड 14
- वार्ड में सफाई के प्रबंध बेहतर है। नप अधिकारियों के प्रयासों और लोगों के सहयोग से ही 839 पायदान की छलांग लगाकर दादरी शहर की 11वीं रैंक आई है। शहरवासी आगे भी नप का व्यवस्था बनाने में सहयोग करेंगे ताकि इस बार पहला रैंक आ सके।
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राजसिंह, वार्ड 15
- शहर की 11वीं रैंक आना समझ से परे है। वार्ड की गलियों में कचरे के ढेर पड़े रहते हैं। नियमित सफाई न होने से लोग परेशान हैं। हमारे वार्ड में डस्टबिन ही नहीं है और लोग अस्थायी डंपिंग प्वाइंटों पर खुले में कूड़ा डाल रहे हैं। व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
राम अवतार, वार्ड 16
- वार्ड की गलियों से कचरे का उठान समय पर नहीं होता। कर्मचारी तीन से चार दिन बाद कचरे का उठान करने आते हैं। गोवंश डंपिंग प्वाइंट पर पड़े कचरे को गलियों में फैला देते हैं, जिसके चलते लोगों को दिक्कतें होती हैं। वार्ड में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
दयाकिशन, वार्ड 17
- पिछले कुछ समय में शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है। हमारे वार्ड में नियमित नगर परिषद टीम डोर-टू-डोर कचरा उठान करने आती है। डंपिंग प्वाइंटों से भी नियमित कचरे का उठान हो रहा है। बेहतर व्यवस्थाएं ही रैंकिंग में सुधार का कारण है।
विनोद, वार्ड-18
- वार्ड में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। गलियों में कचरा पड़ा रहता है। नियमित कचरे का उठान न होने से लोग परेशान हैं। वार्ड की सफाई व्यवस्था बेपटरी है और विभाग को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
प्रेम कुमार, वार्ड 19
- हमारे वार्ड में सफाई व्यवस्था के नाम पर खानापूर्ति होती है। पुरानी अनाज मंडी से कचरे का उठान नहीं हो रहा है। बारिश के समय कचरा सड़ता रहता है। अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। हम सहयोग के लिए तैयार हैं।
संजय, वार्ड-7
- वार्ड में सफाई व्यवस्था चौपट है। नियमित उठान न होने से डंपिंग प्वाइंटों पर कचरा पड़ा रहता है। मौजूदा सफाई व्यवस्था से लोग संतुष्ट नहीं हैं। अधिकारियों को सफाई व्यवस्था में सुधार कर लोगों को समस्याओं से छुटकारा दिलाना चाहिए।
आशु, वार्ड-20
- नगर परिषद ने घर-घर से कचरे का उठान करने की बेहतर व्यवस्था कर रखी है। हमें कचरा निस्तारण में किसी प्रकार की दिक्कतें नहीं आ रहीं। बेहतर व्यवस्थाएं ही रैंकिंग में सुधार का कारण है।
राजकुमार, वार्ड-1
- सफाई कर्मचारी ही कचरे को इक्ट्ठा कर आग लगा देते हैं। कई बार अधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कर्मचारी लगातार ऐसा कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था वार्ड में बेपटरी है और लोग परेशान हैं। 11वीं रैंकिंग आना हमारी समझ से परे है।
सुरेश, वार्ड-21