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Charkhi Dadri News: 51 दिनों से चल रहा पानी, नहरें, माइनर और सब माइनर लबालब
Sun, 03 Aug 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 03 Aug 2025 11:34 PM IST
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पानी से लबालब जिले की मुख्य लोहारू कैनाल। संवाद
फोटो 04
पानी से लबालब जिले की मुख्य लोहारू कैनाल। संवाद
- सिंचाई विभाग के पंप हाउसों पर कर्मचारी 24 घंटे तैनात, अलग-अलग मोटरें चलाकर लगातार नहरों से की जा रही पानी की उठान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की नहरों में 12 जून से लगातार पानी चल रहा है। सभी नहरें पानी से लबालब हैं। पानी जरूरत से ज्यादा मिल रहा है। ऊपर से हो रही बारिश से नहरी पानी का समायोजन करना मुश्किल बना हुआ है। नहरों के टूटने व ओवरफ्लो का अंदेशा भी रह रहा है।
वहीं, सभी पंप हाउसों पर कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। मोटर गर्म होने पर बारी-बारी से चलानी पड़ रही हैं। क्योंकि 50 दिन से लगातार पानी चल रहा है। मोटर में कोई फॉल्ट आने पर तत्काल प्रभाव से ठीक करवाना पड़ता है।
आमतौर पर मानसून सीजन में नहरों से लगातार तीन माह तक पानी चलता है। कई बार ज्यादा बारिश होने पर पीछे से नहरों में आवश्यकता से अधिक पानी छोड़ने पर ओवरफ्लो की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 30 एकड़ में रिजर्व टैंक बना रखा है। कई बार अचानक बिजली कट लगने से भी नहर ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसे में फालतू पानी को रिजर्व टैंक में डाला जाता है। विभाग अधिकारियों ने टैंक की स्टोरेज क्षमता का जायजा ले लिया है। यह बड़ा टैंक मुख्य लोहारू नहर पर बना है।
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- जलभराव वाले क्षेत्रों में लगाए 152 पंप सेट
सिंचाई विभाग व प्रशासन ने मानसून सीजन को देखते हुए आवश्यक प्रबंध कर रखे हैं। सबसे पहले ड्रेनों की सफाई की गई। जलभराव वाले क्षेत्रों में 152 पंप सेट लगाए गए हैं। बिजली कनेक्शन जारी कर रखे हैं।
- बिजली गुल होने पर बंद हो जाती हैं मोटरें
बारिश की झड़ी में कई बार अचानक बिजली में खराबी आ जाती है। इससे पंप हाउस पर मोटरें बंद हो जाती हैं। नहर ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसे में काफी नुकसान होता है। पानी पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। उस समय सभी नहरों, माइनरों व सब माइनरों में पानी चल रहा होता है, ऐसे में विभाग फालतू पानी को किसी दूसरी नहर में भी नहीं छोड़ पाता है। इसे देखते रिजर्व टैंक बना रखा है। ताकि, ओवरफ्लो होने पर पानी को टैंक में डाला जा सके।
वर्सन
सभी पंप हाउसों पर मोटर एवं पंप फिलहाल सही काम कर रहे हैं। कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं। मानसून से पहले पंप एवं मोटर दुरुस्त कर दिए गए थे।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन मैकेनिकल, सिंचाई विभाग
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पानी से लबालब जिले की मुख्य लोहारू कैनाल। संवाद
- सिंचाई विभाग के पंप हाउसों पर कर्मचारी 24 घंटे तैनात, अलग-अलग मोटरें चलाकर लगातार नहरों से की जा रही पानी की उठान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की नहरों में 12 जून से लगातार पानी चल रहा है। सभी नहरें पानी से लबालब हैं। पानी जरूरत से ज्यादा मिल रहा है। ऊपर से हो रही बारिश से नहरी पानी का समायोजन करना मुश्किल बना हुआ है। नहरों के टूटने व ओवरफ्लो का अंदेशा भी रह रहा है।
वहीं, सभी पंप हाउसों पर कर्मचारी 24 घंटे अलर्ट मोड पर हैं। मोटर गर्म होने पर बारी-बारी से चलानी पड़ रही हैं। क्योंकि 50 दिन से लगातार पानी चल रहा है। मोटर में कोई फॉल्ट आने पर तत्काल प्रभाव से ठीक करवाना पड़ता है।
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आमतौर पर मानसून सीजन में नहरों से लगातार तीन माह तक पानी चलता है। कई बार ज्यादा बारिश होने पर पीछे से नहरों में आवश्यकता से अधिक पानी छोड़ने पर ओवरफ्लो की स्थिति से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 30 एकड़ में रिजर्व टैंक बना रखा है। कई बार अचानक बिजली कट लगने से भी नहर ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसे में फालतू पानी को रिजर्व टैंक में डाला जाता है। विभाग अधिकारियों ने टैंक की स्टोरेज क्षमता का जायजा ले लिया है। यह बड़ा टैंक मुख्य लोहारू नहर पर बना है।
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- जलभराव वाले क्षेत्रों में लगाए 152 पंप सेट
सिंचाई विभाग व प्रशासन ने मानसून सीजन को देखते हुए आवश्यक प्रबंध कर रखे हैं। सबसे पहले ड्रेनों की सफाई की गई। जलभराव वाले क्षेत्रों में 152 पंप सेट लगाए गए हैं। बिजली कनेक्शन जारी कर रखे हैं।
- बिजली गुल होने पर बंद हो जाती हैं मोटरें
बारिश की झड़ी में कई बार अचानक बिजली में खराबी आ जाती है। इससे पंप हाउस पर मोटरें बंद हो जाती हैं। नहर ओवरफ्लो हो जाती है। ऐसे में काफी नुकसान होता है। पानी पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। उस समय सभी नहरों, माइनरों व सब माइनरों में पानी चल रहा होता है, ऐसे में विभाग फालतू पानी को किसी दूसरी नहर में भी नहीं छोड़ पाता है। इसे देखते रिजर्व टैंक बना रखा है। ताकि, ओवरफ्लो होने पर पानी को टैंक में डाला जा सके।
वर्सन
सभी पंप हाउसों पर मोटर एवं पंप फिलहाल सही काम कर रहे हैं। कर्मचारी 24 घंटे तैनात हैं। मानसून से पहले पंप एवं मोटर दुरुस्त कर दिए गए थे।
-वेदपाल सांगवान, एक्सईएन मैकेनिकल, सिंचाई विभाग