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158 करोड़ से बाढड़ा उपमंडल के 53 गांवों की बुझेगी प्यास
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फोटो 04 पानी से लबालब जिले की नहर।
- फोटो : CharkhiDadri
बाढड़ा क्षेत्र के 53 गांवों को अब बोरिंग ट्यूबवेल का पानी नहीं पीना पड़ेगा। 158 करोड़ से इन गांवों में नहरी पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर जन स्वास्थ्य विभाग ने काम शुरू कर दिया है। विभाग ने इन गांवों को तीन कलस्टर में बांटा है। तीनों कलस्टर के बड़े वाटर स्टारेज टैंक बनाए जाएंगे और गांव में बूस्टिंग स्टेशन और पेयजल लाइनें बिछाकर घरों तक नहरी पानी पहुंचाया जाएगा। इन गांवों में नहरी बेस्ड पेयजल सप्लाई करने की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 18 सितंबर 2016 को की थी।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कार्यरूप देकर जिला के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने काम आरंभ कर दिया है और अगले माह इस परियोजना पर विधिवत रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि नीचे जा रहे भूजल स्तर और खारा पानी की समस्या का सामना कर रहे इन गांवों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं होगी। इस परियोजना से क्षेत्र में पानी के संकट का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र के लोगों ने जिस समस्या का सालों तक सामना किया, वो आने वाली पीढ़ी नहीं झेलेगी।
बाढड़ा क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में भूजल स्तर गिरता जा रहा है और पानी बहुत ज्यादा खारा हो गया है। एक अनुमान के अनुसार बोर लगाने के लिए क्षेत्र में लगभग 300 फुट से भी ज्यादा नीचे पानी मिलता है और वो भी खारा। इसका टीडीएस बहुत ज्यादा होता है। ऐसे पानी के प्रयोग से इस क्षेत्र के लोगों को बीमारियां भी हो रही हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए जो बोरवेल लगाए गए हैं, वो भी फेल होते जा रहे हैं।
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यह है परियोजना
इस परियोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसके अंतर्गत तीन बड़े जलघर बनाए जाएंगे। मैहड़ा गांव में जलघर निर्माण पर 17 करोड़, निमड़-बड़ेसरा में जलघर निर्माण पर एक 105 करोड़ रुपये और सिरसली में बनने वाले जलघर पर 36 करोड़ खर्च होंगे। मैहड़ा जलघर से छह गांव, निमड़ बडेसरा से 35 गांव और सिरसली से 12 गांवों को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें केवल जलघर ही नहीं बल्कि सभी गांवों में बूस्टिंग स्टेशन बनाने के साथ-साथ नई पाइप लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
हलके के 106 गांवों में पहुंचाएंगे नहरी पानी: विधायक सुखविंद्र
हलके में पहली बार टेल तक नहरी पानी पहुंचाने की कोशिश सफल हुई और अब पीने के पानी के लिए भी एक ठोस कदम उठाया जा रहा है। उनका पूरा प्रयास है कि हलके के सभी 106 गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नल से जल योजना घर-घर तक पहुंचे। पहले चरण में बाढड़ा हलके के 53 गांवों के लिए नहरी पानी आधारित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य जल्द शुरू होगा। हलके के बाकी गांवों में भी जलापूर्ति के सुधार की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
गांव मैहड़ा और निमड़ बडेसरा की परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सिरसली पेयजल परियोजना को शीघ्र मंजूरी मिलने की संभावना है। यह पहला मौका है जब इस क्षेत्र के लिए ऐसी परियोजना पर कार्य होगा।
राजेंद्र सिंह, अधीक्षक अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
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मुख्यमंत्री की इस घोषणा को कार्यरूप देकर जिला के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने काम आरंभ कर दिया है और अगले माह इस परियोजना पर विधिवत रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि नीचे जा रहे भूजल स्तर और खारा पानी की समस्या का सामना कर रहे इन गांवों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं होगी। इस परियोजना से क्षेत्र में पानी के संकट का स्थायी समाधान होगा और क्षेत्र के लोगों ने जिस समस्या का सालों तक सामना किया, वो आने वाली पीढ़ी नहीं झेलेगी।
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बाढड़ा क्षेत्र के ज्यादातर गांवों में भूजल स्तर गिरता जा रहा है और पानी बहुत ज्यादा खारा हो गया है। एक अनुमान के अनुसार बोर लगाने के लिए क्षेत्र में लगभग 300 फुट से भी ज्यादा नीचे पानी मिलता है और वो भी खारा। इसका टीडीएस बहुत ज्यादा होता है। ऐसे पानी के प्रयोग से इस क्षेत्र के लोगों को बीमारियां भी हो रही हैं। पेयजल आपूर्ति के लिए जो बोरवेल लगाए गए हैं, वो भी फेल होते जा रहे हैं।
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यह है परियोजना
इस परियोजना को तीन हिस्सों में बांटा गया है। इसके अंतर्गत तीन बड़े जलघर बनाए जाएंगे। मैहड़ा गांव में जलघर निर्माण पर 17 करोड़, निमड़-बड़ेसरा में जलघर निर्माण पर एक 105 करोड़ रुपये और सिरसली में बनने वाले जलघर पर 36 करोड़ खर्च होंगे। मैहड़ा जलघर से छह गांव, निमड़ बडेसरा से 35 गांव और सिरसली से 12 गांवों को जोड़ा जाएगा। इस परियोजना की विशेषता यह है कि इसमें केवल जलघर ही नहीं बल्कि सभी गांवों में बूस्टिंग स्टेशन बनाने के साथ-साथ नई पाइप लाइनें भी बिछाई जाएंगी।
हलके के 106 गांवों में पहुंचाएंगे नहरी पानी: विधायक सुखविंद्र
हलके में पहली बार टेल तक नहरी पानी पहुंचाने की कोशिश सफल हुई और अब पीने के पानी के लिए भी एक ठोस कदम उठाया जा रहा है। उनका पूरा प्रयास है कि हलके के सभी 106 गांवों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नल से जल योजना घर-घर तक पहुंचे। पहले चरण में बाढड़ा हलके के 53 गांवों के लिए नहरी पानी आधारित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य जल्द शुरू होगा। हलके के बाकी गांवों में भी जलापूर्ति के सुधार की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
गांव मैहड़ा और निमड़ बडेसरा की परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सिरसली पेयजल परियोजना को शीघ्र मंजूरी मिलने की संभावना है। यह पहला मौका है जब इस क्षेत्र के लिए ऐसी परियोजना पर कार्य होगा।
राजेंद्र सिंह, अधीक्षक अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग