फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Waiting for rain for 20 days; heat raises concerns.

Charkhi Dadri News: 20 दिन से बारिश का इंतजार, गर्मी ने बढ़ाई चिंता

Mon, 31 Aug 2026 02:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 31 Aug 2026 02:09 AM IST
विज्ञापन
Waiting for rain for 20 days; heat raises concerns.
चरखी दादरी। मानसून के दौरान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे जिले के किसानों की चिंता अब बढ़ने लगी है। क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेतों की मिट्टी में नमी लगातार कम हो रही है। तेज गर्मी और उमस के बीच फसलें पानी के लिए तरसने लगी हैं।
विज्ञापन

खासकर बाजरा और कपास की फसल पर मौसम की बेरुखी का असर दिखाई देने लगा है। किसानों को फसलों को बचाने के लिए अब ट्यूबवेल से सिंचाई का सहारा लेना पड़ रहा है।रविवार को जिले में दिन का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा।
विज्ञापन

दिनभर गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। सुबह से ही वातावरण में गर्मी महसूस हुई और दोपहर के समय इसका असर और बढ़ गया। मौसम में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खेतों में घट रही नमी, सिंचाई बनी मजबूरी
बारिश नहीं होने से खेतों की ऊपरी सतह सूखने लगी है। बाजरे की फसल को इस समय पर्याप्त नमी की जरूरत है, वहीं कपास के खेतों में भी पौधों की बढ़वार और उत्पादन के लिए पानी आवश्यक है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलों की स्थिति खराब हो सकती है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं वे ट्यूबवेल चलाकर फसलों को पानी दे रहे हैं, जबकि बारिश पर निर्भर किसानों की परेशानी अधिक बढ़ गई है।

बढ़ रहा अतिरिक्त खर्च
किसानों के अनुसार लगातार ट्यूबवेल चलाने से बिजली की मांग भी बढ़ रही है। खेतों में सिंचाई का दबाव बढ़ने के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। कई किसान रात के समय भी ट्यूबवेल चलाकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं ताकि दिन की तेज गर्मी में खेतों की नमी पूरी तरह खत्म न हो।

बाजरा और कपास के उत्पादन पर असर की आशंका

जिले में खरीफ सीजन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने बाजरा और कपास की खेती की है। बारिश में लंबा अंतराल रहने से इन दोनों फसलों के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों का कहना है कि समय पर बारिश होने से फसलों को प्राकृतिक रूप से पर्याप्त पानी मिल जाता है और सिंचाई का खर्च भी कम होता है। लेकिन अब ट्यूबवेल से बार-बार पानी देने के कारण लागत बढ़ रही है।



यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है तो फसलों को राहत मिल सकती है। वहीं बारिश में देरी जारी रही तो पैदावार प्रभावित होने के साथ किसानों की लागत भी बढ़ सकती है।
- डॉ. चंद्रभान श्योराण, कृषि विशेषज्ञ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed