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Charkhi Dadri News: शहर का दायरा बढ़ने का इंतजार बरकरार...
Mon, 16 Sep 2024 05:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 16 Sep 2024 05:46 AM IST
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दादरी शहर का दृश्य। संवाद
चुनाव मुद्दा::
दादरी शहर को नगर पालिका से नगर परिषद का जबकि चरखी दादरी को उपमंडल से जिला का मिल चुका दर्जा, अब तक शहरी सीमाओं में नहीं हुआ विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा मिलने और चरखी दादरी के उपमंडल से जिला बनने के बाद भी शहरी सीमाओं में विस्तार नहीं हो पाया है। दूसरी ओर लोग शहरी सीमाओं में विस्तार होने और इससे सटतीं बाहरी कॉलोनियों के वैध होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इसे शहरवासी चुनावी मुद्दा भी मान रहे हैं।
बता दें कि शहर का दायरा नहीं बढ़ने से सटतीं कॉलोनियां वैध नहीं हो पा रही हैं। शहरवासी नगर परिषद की सीमा का दायरा बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। इसके चलते अब विधानसभा चुनाव के माहौल में यह भी शहर का बड़ा मुद्दा है। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में हैं।
दरअसल, शहर में कई कॉलोनियां तो 35 साल से आबाद हैं। इनमें आज तक कच्ची गलियां ही हैं। इससे लोग परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से कई बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। अब तक इनकी सुध नहीं ली जा सकी है। अब तक नगर की लाल डोरा की सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया है।
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यही वजह रही है कि कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। काफी संख्या में कॉलोनियां नगर परिषद के लाल डोरा की सीमा से सटती हैं। शहर के चारों भागों में ये कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय-समय पर उठाते आ रहे हैं।
- इन बाहरी क्षेत्रों में लंबे समय से लोग कर रहे रिहायश
रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाइपास स्थित आबादी, ढाणी रोड एरिया, घिकाड़ा रोड एरिया का कुछ भाग, महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र की आबादी वैध होने के इंतजार में है। इनमें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाए जाने की जरूरत है। इन भागों में कई वर्षों से लोग मकान बनाकर रहते आ रहे हैं, जो अब शहरी तर्ज पर सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं।
- तीन हजार लोग हर रोज झेल रहे परेशानी
अवैध कॉलोनियों में सुविधा न होने से करीब तीन हजार लोग परेशान हैं। यहां गलियां कच्ची होने से आवागमन में दिक्कत है। बारिश के मौसम में तो हालात और खराब बने रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है। इससे रात के समय चोरी व अन्य आपराधिक घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। सीवर की लाइनें नहीं बिछाए जाने से दूषित पानी गलियों में भरा रहता है।
- पार्षद और लोग बोले : बढ़नी चाहिए शहर की सीमा
शहर निवासी रवि, मुकेश, तनुज, मोनू, नितिन, देवेश समेत पार्षद जयसिंह लांबा, मंजू पहल, मुनेश दहिया, मनोज वर्मा, सुधीर स्वामी, अजय सांगवान आदि का कहना है कि शहर की सीमाओं में विस्तार जरूरी है। लोगों लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं, जो अब तक परवान नहीं चढ़ी है।
वर्सन:
शहर की सीमा में विस्तार के प्रस्ताव पर आचार संहिता के बाद मंथन किया जाएगा। वैसे पहले हम प्रस्ताव मुख्यालय भेज भी चुके हैं।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
फोटो 34
दादरी शहर का दृश्य। संवाद
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दादरी शहर को नगर पालिका से नगर परिषद का जबकि चरखी दादरी को उपमंडल से जिला का मिल चुका दर्जा, अब तक शहरी सीमाओं में नहीं हुआ विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी को नगर पालिका से नगर परिषद का दर्जा मिलने और चरखी दादरी के उपमंडल से जिला बनने के बाद भी शहरी सीमाओं में विस्तार नहीं हो पाया है। दूसरी ओर लोग शहरी सीमाओं में विस्तार होने और इससे सटतीं बाहरी कॉलोनियों के वैध होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इसे शहरवासी चुनावी मुद्दा भी मान रहे हैं।
बता दें कि शहर का दायरा नहीं बढ़ने से सटतीं कॉलोनियां वैध नहीं हो पा रही हैं। शहरवासी नगर परिषद की सीमा का दायरा बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। इसके चलते अब विधानसभा चुनाव के माहौल में यह भी शहर का बड़ा मुद्दा है। अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोग सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में हैं।
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दरअसल, शहर में कई कॉलोनियां तो 35 साल से आबाद हैं। इनमें आज तक कच्ची गलियां ही हैं। इससे लोग परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से कई बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। अब तक इनकी सुध नहीं ली जा सकी है। अब तक नगर की लाल डोरा की सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया है।
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यही वजह रही है कि कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही हैं। काफी संख्या में कॉलोनियां नगर परिषद के लाल डोरा की सीमा से सटती हैं। शहर के चारों भागों में ये कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय-समय पर उठाते आ रहे हैं।
- इन बाहरी क्षेत्रों में लंबे समय से लोग कर रहे रिहायश
रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाइपास स्थित आबादी, ढाणी रोड एरिया, घिकाड़ा रोड एरिया का कुछ भाग, महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र की आबादी वैध होने के इंतजार में है। इनमें मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाए जाने की जरूरत है। इन भागों में कई वर्षों से लोग मकान बनाकर रहते आ रहे हैं, जो अब शहरी तर्ज पर सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग कर रहे हैं।
- तीन हजार लोग हर रोज झेल रहे परेशानी
अवैध कॉलोनियों में सुविधा न होने से करीब तीन हजार लोग परेशान हैं। यहां गलियां कच्ची होने से आवागमन में दिक्कत है। बारिश के मौसम में तो हालात और खराब बने रहते हैं। स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से गलियों में अंधेरा छाया रहता है। इससे रात के समय चोरी व अन्य आपराधिक घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। सीवर की लाइनें नहीं बिछाए जाने से दूषित पानी गलियों में भरा रहता है।
- पार्षद और लोग बोले : बढ़नी चाहिए शहर की सीमा
शहर निवासी रवि, मुकेश, तनुज, मोनू, नितिन, देवेश समेत पार्षद जयसिंह लांबा, मंजू पहल, मुनेश दहिया, मनोज वर्मा, सुधीर स्वामी, अजय सांगवान आदि का कहना है कि शहर की सीमाओं में विस्तार जरूरी है। लोगों लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं, जो अब तक परवान नहीं चढ़ी है।
वर्सन:
शहर की सीमा में विस्तार के प्रस्ताव पर आचार संहिता के बाद मंथन किया जाएगा। वैसे पहले हम प्रस्ताव मुख्यालय भेज भी चुके हैं।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
फोटो 34
दादरी शहर का दृश्य। संवाद