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Charkhi Dadri News: दिनभर फौलादी बिटिया विनेश के स्वागत की तैयारियों में जुटे रहे ग्रामीण
Sun, 18 Aug 2024 04:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 18 Aug 2024 04:52 AM IST
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विनेश के साथ आने वाले पहलवानों और दिग्गज लोगों के लिए ग्रामीणों ने बनवाए देसी घी के लड्डू और पकौड़े, गांव के खेल स्टेडियम में चढ़ी कड़ाही, देर रात पैतृक गांव पहुंचीं ओलंपियन विनेश फौगाट
संवाद न्यूज एजेंसी
झोझूकलां। बलाली निवासी फौलादी बेटी विनेश भले पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत पाई लेकिन उन्होंने देशवासियों का दिल जरूर जीत लिया। शनिवार रात विनेश फौगाट परिजनों के साथ बलाली गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने बेटी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इससे पहले दिनभर बलाली गांव में विनेश फौगाट के स्वागत की तैयारियां चलती रहीं।
विनेश के गांव लौटने की खुशी में ग्रामीणों ने देसी घी के व्यंजन तैयार करवाए। इसके लिए तैयारियां शनिवार सुबह से शुरू कर दी गईं। ये शाम तक चलीं। देर रात विनेश फौगाट अपने पैतृक गांव पहुंचीं। वहां क्षेत्र के मौजिज लोगों और गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने विनेश का स्वागत किया। इन्होंने विनेश के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए मनोबल बढ़ाया।
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वहीं, गांव में पहुंचने पर पंचायत व खापों के अलावा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने विनेश को शानदार प्रदर्शन करने पर बधाई दी। दुर्भाग्यवश ओलंपिक से अयोग्य घोषित होने पर हिम्मत न हारने की बात कही। बलाली में विनेश के घर पहुंचने पर ग्रामीणों की ओर से खेल स्टेडियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
- पहुंचनी थीं दोपहर को, हो गई रात
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विनेश फौगाट को दोपहर के समय दादरी जिले में प्रवेश करना था, लेकिन कई जगह उनके अभिनंदन समारोह होने के चलते विनेश ने देर रात करीब आठ बजे झज्जर जिले से दादरी की सीमा में प्रवेश किया। वहीं, पैतृक गांव बलाली विनेश देर रात पहुंचीं। काफी संख्या में ग्रामीण बलाली गांव पहुंचे और बेटी का हौसला बढ़ाया।
फोटो 46
बलाली गांव में शनिवार दोपहर देसी घी के लड्डू तैयार करते हलवाई। संवाद
फोटो 47
बलाली गांव स्थित घर के बाहर लगा विनेश फौगाट का बैनर। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
झोझूकलां। बलाली निवासी फौलादी बेटी विनेश भले पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत पाई लेकिन उन्होंने देशवासियों का दिल जरूर जीत लिया। शनिवार रात विनेश फौगाट परिजनों के साथ बलाली गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने बेटी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इससे पहले दिनभर बलाली गांव में विनेश फौगाट के स्वागत की तैयारियां चलती रहीं।
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विनेश के गांव लौटने की खुशी में ग्रामीणों ने देसी घी के व्यंजन तैयार करवाए। इसके लिए तैयारियां शनिवार सुबह से शुरू कर दी गईं। ये शाम तक चलीं। देर रात विनेश फौगाट अपने पैतृक गांव पहुंचीं। वहां क्षेत्र के मौजिज लोगों और गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने विनेश का स्वागत किया। इन्होंने विनेश के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हुए मनोबल बढ़ाया।
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वहीं, गांव में पहुंचने पर पंचायत व खापों के अलावा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने विनेश को शानदार प्रदर्शन करने पर बधाई दी। दुर्भाग्यवश ओलंपिक से अयोग्य घोषित होने पर हिम्मत न हारने की बात कही। बलाली में विनेश के घर पहुंचने पर ग्रामीणों की ओर से खेल स्टेडियम में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
- पहुंचनी थीं दोपहर को, हो गई रात
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विनेश फौगाट को दोपहर के समय दादरी जिले में प्रवेश करना था, लेकिन कई जगह उनके अभिनंदन समारोह होने के चलते विनेश ने देर रात करीब आठ बजे झज्जर जिले से दादरी की सीमा में प्रवेश किया। वहीं, पैतृक गांव बलाली विनेश देर रात पहुंचीं। काफी संख्या में ग्रामीण बलाली गांव पहुंचे और बेटी का हौसला बढ़ाया।
फोटो 46
बलाली गांव में शनिवार दोपहर देसी घी के लड्डू तैयार करते हलवाई। संवाद
फोटो 47
बलाली गांव स्थित घर के बाहर लगा विनेश फौगाट का बैनर। संवाद