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Charkhi Dadri News: जीतपुरा में पशु चिकित्सालय भवन जर्जर, सुविधाएं गौण
Mon, 18 Mar 2024 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 18 Mar 2024 12:31 AM IST
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जीतपुरा का जर्जर पशु चिकित्सालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बाढड़ा। गांव जीतपुरा में पशु चिकित्सालय भवन पिछले लंबे से जर्जर है। इसके चलते स्टाफ को गांव की चौपाल में बैठकर कार्य करना पड़ रहा है। सुविधाओं के अभाव से पशुपालकों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पशुपालक राजेंद्र, बिजेंद्र, रामफल, कुलदीप व संजय आदि ने बताया कि जर्जर भवन को लेकर कई बार विभाग व राज नेताओं को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ हैं। पशुपालकों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पशुपालकों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने पर निजी चिकित्सकों से उपचार करवाना पड़ रहा है, जो महंगा पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो पशुओं को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने की बात की जा रही है वहीं, दूसरी ओर अस्पताल भवनों की सुध तक नहीं ली जा रही है। सरकार को अस्पताल भवन का निर्माण करवाना चाहिए।
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बाढड़ा। गांव जीतपुरा में पशु चिकित्सालय भवन पिछले लंबे से जर्जर है। इसके चलते स्टाफ को गांव की चौपाल में बैठकर कार्य करना पड़ रहा है। सुविधाओं के अभाव से पशुपालकों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पशुपालक राजेंद्र, बिजेंद्र, रामफल, कुलदीप व संजय आदि ने बताया कि जर्जर भवन को लेकर कई बार विभाग व राज नेताओं को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ हैं। पशुपालकों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। पशुपालकों का कहना है कि पशुओं के बीमार होने पर निजी चिकित्सकों से उपचार करवाना पड़ रहा है, जो महंगा पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो पशुओं को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने की बात की जा रही है वहीं, दूसरी ओर अस्पताल भवनों की सुध तक नहीं ली जा रही है। सरकार को अस्पताल भवन का निर्माण करवाना चाहिए।
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