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फेक वेबसाइट्स की पहचान के लिए एंटी-फिशिंग टूल्स का करें उपयोग : डीआईओ सुनील

Tue, 11 Feb 2025 10:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 11 Feb 2025 10:37 PM IST
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फोटो 17
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लघु सचिवालय में आयोजित संगोष्ठी में मौजूद डीआईओ सुनील और अन्य अधिकारी। स्रोत : जनसंपर्क विभाग



इंटरनेट सुरक्षा दिवस
लघु सचिवालय में आयोजित की गई संगोष्ठी, सीएससी और क्रीड विभाग के कर्मचारियों समेत 80 ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। लघु सचिवालय सभागार में इंटरनेट सुरक्षा दिवस पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सीएससी और क्रीड विभाग के कर्मचारियों सहित 80 से ज्यादा प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नगराधीश जितेंद्र ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
डीआईओ सुनील ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी/घोटाले, डिजिटल फुटप्रिंट और व्यक्तिगत गोपनीयता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर नागरिकों को साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक किया।
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उन्होंने बताया कि साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर किसी भी साइबर अपराध की रिपोर्ट की जा सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के लिए मजबूत पासवर्ड बनाएं। डिजिटल लेन-देन और यूपीआई से जुड़ीं सेवाओं और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान सिर्फ आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें व संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
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उन्होंने नागरिकों को फेक वेबसाइट्स की पहचान करने के लिए एंटी-फिशिंग टूल्स का उपयोग करने की सलाह दी। फर्जी वेबसाइट्स से बचाव के लिए लॉगइन आइकॉन (पैडलॉक सिंबल) देखने और सुरक्षित रहने का सुझाव दिया। मोबाइल एप डाउनलोड करते समय हमेशा आधिकारिक एप स्टोर का उपयोग करें। अनजान स्रोतों से डाउनलोड किए गए एप्स में मालवेयर हो सकता है।


उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। नागरिकों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में करनी चाहिए।
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