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Charkhi Dadri News: 22 दिन से नहीं पहुंची यूरिया, किसान परेशान,10 हजार एमटी खाद की जरूरत
Sat, 29 Nov 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:38 AM IST
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चरखी दादरी। दादरी जिले में करीब 22 दिन से यूरिया खाद नहीं पहुंच रही है। अधिकारियों का तर्क है कि भिवानी रैक हेड में कुछ कामकाज चल रहा है इस वजह से माल उतारने की दिक्कत बनी हुई है। रबी सीजन में कुल 33 हजार मीट्रिक टन (एमटी) यानी 6.50 लाख बैग यूरिया की खपत होनी है। अब तक 5200 एमटी यूरिया खाद पहुंची है। 10 दिन में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा बढ़ जाएगी।
इस समय गेहूं की अगेती बिजाई का कार्य पूरा हो गया है। जिले में 22 पैक्स समितियों व शहर में जमीदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। इन पैक्स समितियों में बाढड़ा, बौंद कलां, दाढ़ी बाना, अटेला, मोरवाला आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। रबी सीजन में जिले में मार्च 2026 तक 33000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत रहेगी। बीते अक्तूबर माह में यूरिया की 4024 मीट्रिक टन आवक हुई थी। जिले का कृषि योग्य कुल रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है।
इस समय 85 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं व सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। इस समय गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य हो रहा है, जो 25 दिसंबर तक चलेगा। वहीं डीएपी की भी कुछ जरूरत दिसंबर माह तक बनी रहेगी।
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दिसंबर प्रथम सप्ताह में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा रहेगी क्योंकि उस समय फसलों की सिंचाई का कार्य शुरू हो जाता है। किसान पहली व दूसरी सिंचाई के दौरान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। विभाग की ओर से भी महीना अनुसार खाद की आवक करवाई जा रही है। जमीन के हिसाब से ही खाद की मांग ऊपर भेजी गई है। जनवरी माह तक खाद की जरूरत कम होती जाएगी।
दिसंबर माह में 10 हजार एमटी यूरिया व एक हजार एमटी डीएपी खाद की जरूरत रहेगी। इसी प्रकार जनवरी माह में 10 हजार एमटी यूरिया खाद की जरूरत रहेगी। फरवरी माह में एक हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी।
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इस समय गेहूं की अगेती बिजाई का कार्य पूरा हो गया है। जिले में 22 पैक्स समितियों व शहर में जमीदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। इन पैक्स समितियों में बाढड़ा, बौंद कलां, दाढ़ी बाना, अटेला, मोरवाला आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। रबी सीजन में जिले में मार्च 2026 तक 33000 मीट्रिक टन यूरिया खाद की जरूरत रहेगी। बीते अक्तूबर माह में यूरिया की 4024 मीट्रिक टन आवक हुई थी। जिले का कृषि योग्य कुल रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर क्षेत्र है।
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इस समय 85 प्रतिशत क्षेत्र में गेहूं व सरसों की बिजाई का काम पूरा हो चुका है। इस समय गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य हो रहा है, जो 25 दिसंबर तक चलेगा। वहीं डीएपी की भी कुछ जरूरत दिसंबर माह तक बनी रहेगी।
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दिसंबर प्रथम सप्ताह में यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा रहेगी क्योंकि उस समय फसलों की सिंचाई का कार्य शुरू हो जाता है। किसान पहली व दूसरी सिंचाई के दौरान यूरिया खाद का छिड़काव करते हैं। विभाग की ओर से भी महीना अनुसार खाद की आवक करवाई जा रही है। जमीन के हिसाब से ही खाद की मांग ऊपर भेजी गई है। जनवरी माह तक खाद की जरूरत कम होती जाएगी।
दिसंबर माह में 10 हजार एमटी यूरिया व एक हजार एमटी डीएपी खाद की जरूरत रहेगी। इसी प्रकार जनवरी माह में 10 हजार एमटी यूरिया खाद की जरूरत रहेगी। फरवरी माह में एक हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी।