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Charkhi Dadri News: जल संचयन के तहत अब प्रत्येक नहर की टेल पर बनेगा वाटर स्टोरेज टैंक

Sat, 18 Mar 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 18 Mar 2023 11:53 PM IST
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Under water harvesting, now water storage tank will be built on the tail of each canal
जिले से गुजरने वाली मुख्य लोहारू कैनाल।
चरखी दादरी। अब नहरों की टेल (अंतिम छोर) पर पानी की बर्बादी नहीं हो सकेगी। सरकार सभी टेल पर खेतों में टैंक बनवाएगी ताकि पानी का संचयन हो सके और आसपास के क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर भी ऊपर आ जाए। इस प्लान को सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई है। हर साल नहरों व माइनरों की टेल पर पानी की बर्बादी ही नहीं बल्कि किसानों की फसल भी जलभराव से खराब होती है।
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चरखी दादरी में करीब 75 छोटी-बड़ी नहरें हैं जो जिला के विभिन्न भागों से गुजरती हैं। जिला में मेन लोहारू कैनाल है जिससे काफी संख्या में माइनर व सब माइनरें निकलती हैं। मानसून सीजन के समय हर साल करीब तीन माह तक सभी नहरों मेंं पानी चलता है। इस पानी का सदुपयोग भी नहीं हो पाता। नहरों के टेल पर पानी की बर्बादी होती है। बारिश के सीजन में किसान भी नहरी पानी का उपयोग नहीं करते। ऐसे में टेल पर पानी की बर्बादी होने के साथ-साथ किसानों की फसलों में भी जलभराव हो जाता है जिससे फसलें खराब हो जाती हैं।
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अब जल संचयन एवं पानी की बर्बादी रोकने के लिए विभाग नई योजना पर काम शुरू करने जा रहा है। इसके तहत सभी नहरों की टेल पर स्टोरेज टैंक बनवाए जाएंगे जिनमें पानी का संचयन होता रहेगा। इससे आसपास के क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर भी ऊपर आएगा और किसानों की फसलें भी खराब नहीं होंगी। इस योजना को सिरे चढ़ाने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को सौंपी गई है। सिंचाई विभाग ने इसके लिए सर्वे आदि का काम शुरू कर दिया है। सभी टेल का भौगोलिक आकलन किया जा रहा है। उसके बाद टेल के आसपास जगह का चयन किया जाएगा। जगह मिलने पर टैंक बनवाने का काम शुरू करवाया जाएगा।
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- मानसून से पहले सिरे चढ़ेगी योजना
आने वाले मानसून सीजन से पहले इसे सिरे चढ़ाने की प्लान है। जिले की नहरों की पेयजल क्षमता एक हजार क्यूसेक है ऐसे में मानसून सीजन में यह पानी सभी माइनर व सब माइनरों में छोड़ना पड़ता है ताकि पानी का समायोजन हो सके। बारिश से खेतों मेें जलभराव का पानी भी मानसून सीजन में नहरों में ही डाला जाता है ऐसे में नहरें मानसून सीजन में लबालब रहती हैं।
- पानी भरने पर खराब होती हैं फसलें
गांव ढाणी फौगाट में पातुवास माइनर की टेल पड़ती है जिससे समय-समय पर खेतों में पानी भरा रहता है। हर साल दोनों बिजाई सीजन में किसानों की फसलें खराब होती हैं जिससे लाखों रुपये का नुकसान हो जाता है। इसी प्रकार अन्य गांवों में भी टेल से पानी आसपास क्षेत्र में भर जाता है। अब किसानों को इस समस्या का समाधान होने पर उम्मीद जगी है।

इस योजना को सरकार की ओर से मंजूरी मिल गई है। मानसून सीजन से पहले इस काम को पूरा करने की प्लानिंग है। सभी नहरों की टेल पर पानी स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे ताकि पानी का संचयन हो सके और किसानों की फसल भी खराब न होने पाए। इससे भूमिगत जलस्तर में भी सुधार आएगा।
-सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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