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Charkhi Dadri News: रेडियोलॉजिस्ट के इस्तीफे से एमसीएच यूनिट में फिर बंद हुई अल्ट्रासाउंड सेवा
Fri, 03 Apr 2026 10:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 03 Apr 2026 10:51 PM IST
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एमसीएच यूनिट में बंद पड़ा अल्ट्रासाउंड कक्ष।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य में तैनात चिकित्सकों की ओर से दिए जा रहे इस्तीफों के कारण मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब दादरी की एमसीएच यूनिट में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके नौकरी छोड़ने के साथ ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा एक बार फिर पूरी तरह से ठप हो गई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि विभाग में तैनात महिला रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपिका वर्तमान में मातृत्व अवकाश पर हैं। फिलहाल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने का सबसे अधिक खामियाजा गर्भवती महिलाओं को भुगतना पड़ेगा।
दादरी की एमसीएच यूनिट में पिछले वर्ष अल्ट्रासाउंड सुविधा की शुरूआत हुई थी। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट के मातृत्व अवकाश पर जाने के कारण बीच में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद हो गई थी। जिस पर विभाग ने करीब तीन माह पहले डॉ. दीपक को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियुक्त करते हुए अल्ट्रासाउंड सुविधा को बहाल करवाया लेकिन अब उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके चलते अल्ट्रासाउंड सुविधा पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है।
हर रोज होते थे करीब 50 अल्ट्रासाउंड
एमसीएच यूनिट में औसतन हर रोज करीब 50 अल्ट्रासाउंड किए जाते थे। इनमें अधिकांश अल्ट्रासाउंड गर्भवती महिलाओं के होते थे लेकिन अब यह संख्या शून्य पर पहुंच गई है। मजबूरन अब मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा। जिससे उन्हें अन्य परेशानियों के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति किसी दोहरी मार से कम नहीं है।
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तीन माह में तीन चिकित्सकों ने छोड़ी नौकरी
जिला स्वास्थ्य विभाग से पिछले तीन महीनों के दौरान तीन विशेषज्ञ चिकित्सक नौकरी छोड़ चुके हैं। सबसे पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने त्याग पत्र दिया था। अभी हाल ही में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरूण मित्तल भी सरकारी सेवाओं से दूरी बना चुके हैं। अब रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक ने इस्तीफा दे दिया है। तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नौकरी छोड़ने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
चार केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगी गर्भवती महिलाएं
वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सुविधा में राहत प्रदान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है जिसके तहत विभाग ने शहर में स्थित चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ टाई-अप किया है। जहां पर गर्भवती महिलाएं निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें पहले अस्पताल में आकर चिकित्सक से पर्ची पर अल्ट्रासाउंड की अनुशंसा करवानी होगी। हालांकि इस व्यवस्था के तहत गर्भवती महिलाओं को काफी भागदौड़ करनी पड़ेगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर चिकित्सकों की नियुक्तियों और उनकी कार्य स्थितियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
वर्सन :
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान करने के लिए चार केंद्रों के साथ टाई-अप किया गया है। वहीं विभाग में एक और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।- डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।
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दादरी की एमसीएच यूनिट में पिछले वर्ष अल्ट्रासाउंड सुविधा की शुरूआत हुई थी। यहां तैनात रेडियोलॉजिस्ट के मातृत्व अवकाश पर जाने के कारण बीच में भी अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद हो गई थी। जिस पर विभाग ने करीब तीन माह पहले डॉ. दीपक को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नियुक्त करते हुए अल्ट्रासाउंड सुविधा को बहाल करवाया लेकिन अब उन्होंने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके चलते अल्ट्रासाउंड सुविधा पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है।
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हर रोज होते थे करीब 50 अल्ट्रासाउंड
एमसीएच यूनिट में औसतन हर रोज करीब 50 अल्ट्रासाउंड किए जाते थे। इनमें अधिकांश अल्ट्रासाउंड गर्भवती महिलाओं के होते थे लेकिन अब यह संख्या शून्य पर पहुंच गई है। मजबूरन अब मरीजों को निजी केंद्रों पर जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ेगा। जिससे उन्हें अन्य परेशानियों के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह स्थिति किसी दोहरी मार से कम नहीं है।
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तीन माह में तीन चिकित्सकों ने छोड़ी नौकरी
जिला स्वास्थ्य विभाग से पिछले तीन महीनों के दौरान तीन विशेषज्ञ चिकित्सक नौकरी छोड़ चुके हैं। सबसे पहले हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहरावत ने त्याग पत्र दिया था। अभी हाल ही में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वरूण मित्तल भी सरकारी सेवाओं से दूरी बना चुके हैं। अब रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक ने इस्तीफा दे दिया है। तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों के नौकरी छोड़ने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
चार केंद्रों पर निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगी गर्भवती महिलाएं
वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड सुविधा में राहत प्रदान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की है जिसके तहत विभाग ने शहर में स्थित चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों के साथ टाई-अप किया है। जहां पर गर्भवती महिलाएं निशुल्क अल्ट्रासाउंड करवा सकेंगी लेकिन इसके लिए उन्हें पहले अस्पताल में आकर चिकित्सक से पर्ची पर अल्ट्रासाउंड की अनुशंसा करवानी होगी। हालांकि इस व्यवस्था के तहत गर्भवती महिलाओं को काफी भागदौड़ करनी पड़ेगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के दावे करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर चिकित्सकों की नियुक्तियों और उनकी कार्य स्थितियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
वर्सन :
रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गर्भवती महिलाओं को निशुल्क अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान करने के लिए चार केंद्रों के साथ टाई-अप किया गया है। वहीं विभाग में एक और रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।- डॉ. नरेश कुमार, सिविल सर्जन, दादरी।