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46.52 करोड़ के दो प्रोजेक्ट लोगों को देंगे राहत, एक मई में तो दूसरा जुलाई में होगा पूरा
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चरखी दादरी। जिले में चल रहे साढ़े 46 करोड़ के दो प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। रावलधी-भिवानी बाईपास निर्माण कार्य ओर ड्रेन नंबर आठ तक 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डालने के कार्य की अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। 8 करोड़ 87 लाख से बन रहे बाईपास का निर्माण कार्य 22 मई तक पूरा होगा जबकि छुछक्वास ड्रेन नंबर आठ तक डाली जा रही पाइपलाइन का कार्य 31 जुलाई तक पूरा होगा और इस पर 37 करोड़ 70 लाख रुपये लागत आएगी। ये दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने से सीधे तौर पर लोगों को फायदा होगा।
रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण बेहद जरुरी था और तीन साल बाद जाकर पीडब्ल्यूडी ने निर्माण की योजना को सिरे चढ़ाकर काम शुरू करवाया है। बाईपास निर्माण से प्रतिदिन 12 हजार वाहन चालकों को फायदा होगा तो दूसरी ओर शहर की अंदरूनी सड़कों से भी ट्रैफिक का दबाव हटेगा। दरअसल, पीडब्ल्यूडी ने शहर की बजाय ट्रैफिक को बाहर से ही डायवर्ट करने के लिए रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण करवाया था, लेकिन इस रोड पर दो से ढाई फुट गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालक शहर के अंदर से होकर गुजरने को विवश हैं। तमाम परेशानियों को देखते हुए लंबे इंतजार के बाद पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया और 22 मई यह कार्य पूरा करने की डेडलाइन निर्धारित है। अधिकारियों का दावा है कि तय समय में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
वहीं, ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट सीधे तौर पर शहर की सीवर व्यवस्था से जुड़ा है। सीवर समस्या शहर की विकट समस्याओं में से एक है और ड्रेन प्रोजेक्ट से इसका काफी हद तक समाधान हो जाएगा। इसके लिए विभाग समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से लेकर छुछक्वास ड्रेन नंबर आठ तक 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डलवा रहा है। इस पाइपलाइन के जरिये एसटीपी से आगे ड्रेन नंबर आठ तक पानी की निकासी की जाएगी। बता दें कि एसटीपी की भंडारण क्षमता कम है और यहां से पानी आगे भेजने की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में सीवर लाइनों से पानी का उठान नहीं हो पाता और परिणामस्वरूप वार्डों में सीवर समस्याएं गहराईं रहती हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए यह योजना तैयार की गई। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि समय से यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
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- पाइपलाइन डालने का 40 फीसदी काम हुआ पूरा
जनस्वास्थ्य विभाग के एसई के अनुसार 37 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने का कार्य 40 प्रतिशत हो चुका है। बीच में कुछ अड़चने आई थीं, जिन्हें दूर किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और 31 जुलाई से पहले ही इस काम को पूरा करवाने का प्रयास रहेगा।
- बाईपास निर्माण से ये होगा फायदा
बाढड़ा, लोहारु और भिवानी की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को इस समय शहर के बीचोंबीच से गुजरना पड़ रहा है जबकि बाईपास निर्माण के बाद उन्हें शहर में प्रवेश करने की जरुरत नहीं होगी और वो बाहर से होकर अपने गंतव्य पर पहुंच जाएंगे। इससे शहर की अंदरुनी सड़कों से ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार होगा।
वर्जन::
रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। तय समय से पहले ही इसका निर्माण करवा दिया जाएगा। बाईपास सड़क निर्माण से प्रतिदिन दस हजार से अधिक वाहन चालकों को फायदा होगा।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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वर्जन::
ड्रेन नंबर-8 प्रोजेक्ट पर 31 जुलाई से पहले काम पूरा करवाने का हमारा प्रयास रहेगा। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और कार्य पूरा होने के बाद शहर की सीवर व्यवस्था में सुधार आएगा।
एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण बेहद जरुरी था और तीन साल बाद जाकर पीडब्ल्यूडी ने निर्माण की योजना को सिरे चढ़ाकर काम शुरू करवाया है। बाईपास निर्माण से प्रतिदिन 12 हजार वाहन चालकों को फायदा होगा तो दूसरी ओर शहर की अंदरूनी सड़कों से भी ट्रैफिक का दबाव हटेगा। दरअसल, पीडब्ल्यूडी ने शहर की बजाय ट्रैफिक को बाहर से ही डायवर्ट करने के लिए रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण करवाया था, लेकिन इस रोड पर दो से ढाई फुट गहरे गड्ढे बनने से वाहन चालक शहर के अंदर से होकर गुजरने को विवश हैं। तमाम परेशानियों को देखते हुए लंबे इंतजार के बाद पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया और 22 मई यह कार्य पूरा करने की डेडलाइन निर्धारित है। अधिकारियों का दावा है कि तय समय में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
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वहीं, ड्रेन नंबर आठ प्रोजेक्ट सीधे तौर पर शहर की सीवर व्यवस्था से जुड़ा है। सीवर समस्या शहर की विकट समस्याओं में से एक है और ड्रेन प्रोजेक्ट से इसका काफी हद तक समाधान हो जाएगा। इसके लिए विभाग समसपुर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से लेकर छुछक्वास ड्रेन नंबर आठ तक 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन डलवा रहा है। इस पाइपलाइन के जरिये एसटीपी से आगे ड्रेन नंबर आठ तक पानी की निकासी की जाएगी। बता दें कि एसटीपी की भंडारण क्षमता कम है और यहां से पानी आगे भेजने की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में सीवर लाइनों से पानी का उठान नहीं हो पाता और परिणामस्वरूप वार्डों में सीवर समस्याएं गहराईं रहती हैं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए यह योजना तैयार की गई। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि समय से यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
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- पाइपलाइन डालने का 40 फीसदी काम हुआ पूरा
जनस्वास्थ्य विभाग के एसई के अनुसार 37 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने का कार्य 40 प्रतिशत हो चुका है। बीच में कुछ अड़चने आई थीं, जिन्हें दूर किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और 31 जुलाई से पहले ही इस काम को पूरा करवाने का प्रयास रहेगा।
- बाईपास निर्माण से ये होगा फायदा
बाढड़ा, लोहारु और भिवानी की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को इस समय शहर के बीचोंबीच से गुजरना पड़ रहा है जबकि बाईपास निर्माण के बाद उन्हें शहर में प्रवेश करने की जरुरत नहीं होगी और वो बाहर से होकर अपने गंतव्य पर पहुंच जाएंगे। इससे शहर की अंदरुनी सड़कों से ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में भी सुधार होगा।
वर्जन::
रावलधी-भिवानी बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। तय समय से पहले ही इसका निर्माण करवा दिया जाएगा। बाईपास सड़क निर्माण से प्रतिदिन दस हजार से अधिक वाहन चालकों को फायदा होगा।
सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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वर्जन::
ड्रेन नंबर-8 प्रोजेक्ट पर 31 जुलाई से पहले काम पूरा करवाने का हमारा प्रयास रहेगा। इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है और कार्य पूरा होने के बाद शहर की सीवर व्यवस्था में सुधार आएगा।
एसके त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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