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Charkhi Dadri News: दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर शुल्क के विरोध में व्यापार मंडल
Thu, 17 Sep 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:02 PM IST
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उपायुक्त को ज्ञापन देने पहुंचे व्यापार मंडल के सदस्य।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। दादरी व्यापार मंडल ने दो हजार रुपये से अधिक के व्यापारी यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाए जाने की व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। व्यापार मंडल की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजा गया। व्यापारियों ने छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को ऐसे किसी भी अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखने की मांग की है।
व्यापार मंडल के अनुसार यूपीआई आज व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। छोटे-बड़े दुकानदार, व्यापारी और ग्राहक बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान पर निर्भर हैं। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई व्यापारी लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। बढ़ती लागत, प्रतिस्पर्धा और सीमित लाभ के बीच अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम व्यापारियों की परेशानी बढ़ा सकता है।
व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखने तथा यूपीआई को सरल, सुरक्षित और कम लागत वाला भुगतान माध्यम बनाए रखने की मांग की। साथ ही व्यापारी संगठनों एवं प्रतिनिधियों से चर्चा कर इस संबंध में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया।
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इस दौरान व्यापार मंडल प्रधान सुरेश पांडवानिया, हरियाणा सब्जी मंडी कार्यकारी अध्यक्ष नितिन जांघू, अनाज मंडी प्रधान रामकुमार लिटोरिया, राहुल मराठा, फेम जिला प्रधान जयभगवान मस्ताना, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, पार्षद सुधीर स्वामी, महावीर कौशिक, सागर गुप्ता, रामदयाल पहावा, पुरानी अनाज मंडी प्रधान श्याम गुप्ता, ब्रजमोहन, अंकित गुप्ता, प्रेम मित्तल, दीपक शर्मा और सतबीर गौड़ सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
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व्यापार मंडल के अनुसार यूपीआई आज व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। छोटे-बड़े दुकानदार, व्यापारी और ग्राहक बड़ी संख्या में डिजिटल भुगतान पर निर्भर हैं। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई व्यापारी लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू होने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। बढ़ती लागत, प्रतिस्पर्धा और सीमित लाभ के बीच अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम व्यापारियों की परेशानी बढ़ा सकता है।
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व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखने तथा यूपीआई को सरल, सुरक्षित और कम लागत वाला भुगतान माध्यम बनाए रखने की मांग की। साथ ही व्यापारी संगठनों एवं प्रतिनिधियों से चर्चा कर इस संबंध में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया।
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इस दौरान व्यापार मंडल प्रधान सुरेश पांडवानिया, हरियाणा सब्जी मंडी कार्यकारी अध्यक्ष नितिन जांघू, अनाज मंडी प्रधान रामकुमार लिटोरिया, राहुल मराठा, फेम जिला प्रधान जयभगवान मस्ताना, पार्षद प्रतिनिधि वीरेंद्र चरखी, पार्षद सुधीर स्वामी, महावीर कौशिक, सागर गुप्ता, रामदयाल पहावा, पुरानी अनाज मंडी प्रधान श्याम गुप्ता, ब्रजमोहन, अंकित गुप्ता, प्रेम मित्तल, दीपक शर्मा और सतबीर गौड़ सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।