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Charkhi Dadri News: दमकेंगे अतीत के निशान, व्यापक स्तर पर चलेगा स्वच्छता अभियान
Sat, 13 Sep 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:28 AM IST
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चरखी दादरी। 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक चलने वाले स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जिले में विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के अंतर्गत जिला में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। इस अवधि में जिले की चयनित ऐतिहासिक धरोहरों पर सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। अभियान के लिए एक राष्ट्रव्यापी योजना बनाई गई है। इसमें एकल-उपयोग के प्लास्टिक को खत्म करने और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
उपायुक्त डाॅ. मुनीष नागपाल के निर्देशों पर शुक्रवार को जिला परषिद सीईओ डाॅ. विरेंद्र सिंह और सीटीएम प्रीति रावत ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह अभियान फिलहाल जारी स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) पखवाड़े के साथ शुरू होगा और यह स्वच्छता व पर्यावरण की निरंतरता के प्रति देश व प्रदेश की प्रतिबद्धता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम रहेगा।
भारतीय पुरातत्व मंत्रालय ने चयनित पर्यटक स्थल व ऐतिहासिक धरोहरों पर इस व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य कारगर तरीके से कचरा निपटान की सुविधा प्रदान करना, स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाना और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने को प्रोत्साहित करते हुए एकल-उपयोग के प्लास्टिक को खत्म करना है। व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल, कॉलेज सक्रिय रूप से इस प्रयास में भाग लेंगे।
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संरक्षित स्मारकों व स्थलों की हुई पहचान
अधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा के अनुपालन के लिए एएसआई ने प्रदेश के संरक्षित स्मारकों और स्थलों की पहचान की है जहां व्यापक स्वच्छता गतिविधि की जाएगी। स्वच्छता की यह पहल विद्यार्थियों व आमजन को सरल लेकिन प्रभावशाली कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करती है जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा, स्थानीय समुदायों के आर्थिक विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देती है।
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उपायुक्त डाॅ. मुनीष नागपाल के निर्देशों पर शुक्रवार को जिला परषिद सीईओ डाॅ. विरेंद्र सिंह और सीटीएम प्रीति रावत ने समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि यह अभियान फिलहाल जारी स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) पखवाड़े के साथ शुरू होगा और यह स्वच्छता व पर्यावरण की निरंतरता के प्रति देश व प्रदेश की प्रतिबद्धता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम रहेगा।
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भारतीय पुरातत्व मंत्रालय ने चयनित पर्यटक स्थल व ऐतिहासिक धरोहरों पर इस व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य कारगर तरीके से कचरा निपटान की सुविधा प्रदान करना, स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाना और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने को प्रोत्साहित करते हुए एकल-उपयोग के प्लास्टिक को खत्म करना है। व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, स्कूल, कॉलेज सक्रिय रूप से इस प्रयास में भाग लेंगे।
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संरक्षित स्मारकों व स्थलों की हुई पहचान
अधिकारियों ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा के अनुपालन के लिए एएसआई ने प्रदेश के संरक्षित स्मारकों और स्थलों की पहचान की है जहां व्यापक स्वच्छता गतिविधि की जाएगी। स्वच्छता की यह पहल विद्यार्थियों व आमजन को सरल लेकिन प्रभावशाली कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करती है जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा, स्थानीय समुदायों के आर्थिक विकास और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देती है।