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पेयजल क्षमता बढ़ाने के लिए दो की जगह बनेंगे तीन बड़े टैंक
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लोहारु नहर में बहता पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने की योजना में मुख्यालय के निर्देश मिलने पर जनस्वास्थ्य विभाग ने फेरबदल किया है। अब शहर में दो की बजाय तीन वाटर टैंक बनाए जाएंगे। विभाग की योजना के अनुसार कूपरी जलघर में दो और चंपापुरी जलघर में एक टैंक बनाया जाएगा। टेंडर होने के बाद शहर की पेयजल लाइनों का भी एक बार और सर्वे होगा।
शहर के मेन चंपापुरी जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर और दूसरे रामनगर कपूरी जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है, जबकि शहरवासियों को क्षमता दोगुने पानी की जरूरत है। इसके चलते शहर में पेयजल की किल्लत समय- समय पर बनी रहती है। विभाग भी बोरिंग ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर एक दिन छोड़कर जल आपूर्ति करता है। इस समस्या के निदान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई दो वाटर टैंक बनाने की फाइल पर मुख्यालय ने डेढ़ साल बाद अन्य बिंदुओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए है। निर्देश का पालन करते हुए विभाग अब इस योजना के तहत शहर में तीन नए वाटर टैंक बनाएगा। एक नया टैंक चंपापुरी जलघर परिसर में और दो कपूरी जलघर में बनाए जाएंगे। इसका डिटेल एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। इन टैंकों को पाइपलाइन के जरिये सीधा नहरों से जोड़ने की योजना है और इसका एस्टीमेट भी विभाग पहले तैयार कर चुका है। संवाद
भेजे गए प्रपोजल पर डेढ़ साल बाद आया जवाब
डेढ़ साल पहले जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर में वाटर टैंकों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। इस समयावधि में यह फाइल मुख्यालय व अभियंता कार्यालय तक ही सीमित रही। अब मुख्यालय ने फाइल को फिर से अभियंता कार्यालय भेजा है। मुख्यालय से तर्क दिया कि इस एस्टीमेट में अगर पेयजल विस्तार संबंधी अन्य जरूरत के बिंदुओं को जोड़कर भेजा जाए, ताकि पूरी व्यवस्था में ही एकसाथ सुधार किया जा सके।
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गांवों के प्रोजेक्ट भी अटके
शहर ही नहीं गांवों में भी जलघरों की क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। जिले में इस समय 58 जलघर हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर ही पेयजल आपूर्ति में विस्तार एवं सुधार किया जा सकता है। गांवों में 35 नए बूस्टर बनने हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी जमीन को लेकर अटका हुआ है। इसके अलावा 30 जलघरों की मरम्मत की योजना पर तो का भी शुरू नहीं हुआ।
वर्जन
शहर में दो के बजाय अब तीन नए वाटर टैंक बनेंगे। डिजाइन भी दोबारा तैयार होना है। टेंडर होने के बाद लाइनों के लिए सर्वे दोबारा की जाएगी। जल्द से जल्द पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने का हमारा प्रयास है। - सुरेश कुमार, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग।
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शहर के मेन चंपापुरी जलघर की क्षमता 2450 लाख लीटर और दूसरे रामनगर कपूरी जलघर की क्षमता 1250 लाख लीटर है, जबकि शहरवासियों को क्षमता दोगुने पानी की जरूरत है। इसके चलते शहर में पेयजल की किल्लत समय- समय पर बनी रहती है। विभाग भी बोरिंग ट्यूबवेल का पानी मिक्स कर एक दिन छोड़कर जल आपूर्ति करता है। इस समस्या के निदान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई दो वाटर टैंक बनाने की फाइल पर मुख्यालय ने डेढ़ साल बाद अन्य बिंदुओं को भी शामिल करने के निर्देश दिए है। निर्देश का पालन करते हुए विभाग अब इस योजना के तहत शहर में तीन नए वाटर टैंक बनाएगा। एक नया टैंक चंपापुरी जलघर परिसर में और दो कपूरी जलघर में बनाए जाएंगे। इसका डिटेल एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया गया है। इन टैंकों को पाइपलाइन के जरिये सीधा नहरों से जोड़ने की योजना है और इसका एस्टीमेट भी विभाग पहले तैयार कर चुका है। संवाद
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भेजे गए प्रपोजल पर डेढ़ साल बाद आया जवाब
डेढ़ साल पहले जन स्वास्थ्य विभाग ने शहर में वाटर टैंकों की संख्या बढ़ाने संबंधी प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेजा था। इस समयावधि में यह फाइल मुख्यालय व अभियंता कार्यालय तक ही सीमित रही। अब मुख्यालय ने फाइल को फिर से अभियंता कार्यालय भेजा है। मुख्यालय से तर्क दिया कि इस एस्टीमेट में अगर पेयजल विस्तार संबंधी अन्य जरूरत के बिंदुओं को जोड़कर भेजा जाए, ताकि पूरी व्यवस्था में ही एकसाथ सुधार किया जा सके।
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गांवों के प्रोजेक्ट भी अटके
शहर ही नहीं गांवों में भी जलघरों की क्षमता बढ़ाए जाने की जरूरत है। जिले में इस समय 58 जलघर हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर ही पेयजल आपूर्ति में विस्तार एवं सुधार किया जा सकता है। गांवों में 35 नए बूस्टर बनने हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी जमीन को लेकर अटका हुआ है। इसके अलावा 30 जलघरों की मरम्मत की योजना पर तो का भी शुरू नहीं हुआ।
वर्जन
शहर में दो के बजाय अब तीन नए वाटर टैंक बनेंगे। डिजाइन भी दोबारा तैयार होना है। टेंडर होने के बाद लाइनों के लिए सर्वे दोबारा की जाएगी। जल्द से जल्द पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाने का हमारा प्रयास है। - सुरेश कुमार, एसडीओ जनस्वास्थ्य विभाग।