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Charkhi Dadri News: जलघरों व तालाबों को भरने में जुटीं तीन टीमें
Sun, 19 Mar 2023 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 19 Mar 2023 11:42 PM IST
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चरखी दादरी। जिले का मिला नहरी पानी 23 मार्च को बंद हो जाएगा। नहरी पानी की टर्म पूरी होने में कुछ दिन ही शेष बचे है जबकि कई जलघर और तालाब अभी खाली हैं। इसे देखते हुए जलघरों और तालाबों को भरने के लिए विभाग सक्रिय हो गया है। सिंचाई विभाग ने जलघरों और तालाबों तक पानी पहुंचाने के लिए तीन टीमों को ग्राउंड में उतार रखा है और इन टीमों में पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया है, ताकि कोई व्यवधान आने पर निपटा जा सके।
जिले की नहरों में इस टर्म पर 27 दिन बाद पानी पहुंचा है जबकि सर्दी सीजन में यह टर्न 16 दिन की थी। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत बढ़ने पर सरकार ने भी पानी की कटौती कर दी है। नहरों में अब 16 के बजाय 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में नहरों में अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इससे पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। यह टाइमटेबल बारिश सीजन तक बना रहेगा।
इस समय जिले के करीब 15 से अधिक जलघर खाली हैं। इनके जलघरों से जुड़ी करीब एक लाख की आबादी अपने स्तर पर पानी का प्रबंध कर रही है। इतना ही नहीं लोग टैंकर आदि से पानी मंगवाने को विवश हैं। जिले को इस बार 850 क्यूसेक पानी मिला है। जलघर व तालाबों में पानी भरवाने के लिए सिंचाई विभाग अधिकारियों की तीन टीमों का गठन कर दिया गया है। एक टीम में दो जेई, चार बेलदार व दो पुलिस कर्मचारी शामिल किए गए हैं।
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- हर साल गर्मी में गहराता है पेयजल संकट
गर्मी सीजन में जिले में पेयजल संकट बना रहता है। खासकर शहर में हालात ज्यादा खराब बने रहते हैं। इस समय जिले के अधिकतर जलघरों में पानी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं। शहर में लोग प्राइवेट आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। सरकारी पेयजल सप्लाई का पानी का पीने लायक नहीं होने की वजह से अधिकतर लोगों ने अपने घरों में भी आरओ लगवा रखे हैं। शहर के अधिकतर भागों में टैंकरों के जरिये पानी की सप्लाई भी होती है। प्रति टैंकर 400 रुपये चुकाना पड़ रहा है।
- जिले की पेयजल आपूर्ति पूर्णतया नहरी पानी निर्भर
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। नहरों से ही जलघरों में पानी भरा जाता है। अब जैसे ही गर्मी सीजन ने दस्तक दी सरकार ने नहरी पानी का भी टाइमटेबल बदल दिया है। अब बारिश के सीजन तक यही शेड्यूल बना रहेगा। मई-जून में तो पानी की खपत बेहद ज्यादा होती है। आम लोग भी पानी की बचत की तरफ ध्यान नहीं देते।
- ये हैं जिले की मुख्य नहर और डिस्ट्रीब्यूटरी जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्टीब्यूटरी, मैहड़ा, बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी से जलघरों में पानी डाला जाता है। विभाग की लापरवाही के चलते नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। पानी का संकट नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस बल के सहयोग से पानी की चोरी भी नहीं होने दी जा रही। हमारी टीमें लगातार साइट का निरीक्षण कर रही हैं।
-उपेंद्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
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जिले की नहरों में इस टर्म पर 27 दिन बाद पानी पहुंचा है जबकि सर्दी सीजन में यह टर्न 16 दिन की थी। गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की किल्लत बढ़ने पर सरकार ने भी पानी की कटौती कर दी है। नहरों में अब 16 के बजाय 24 दिन में पानी छोड़ा जाएगा। ऐसे में नहरों में अब 16 दिन पानी चलेगा और 24 दिन बंद रहेगा। इससे पानी का संकट गहराना स्वाभाविक है। यह टाइमटेबल बारिश सीजन तक बना रहेगा।
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इस समय जिले के करीब 15 से अधिक जलघर खाली हैं। इनके जलघरों से जुड़ी करीब एक लाख की आबादी अपने स्तर पर पानी का प्रबंध कर रही है। इतना ही नहीं लोग टैंकर आदि से पानी मंगवाने को विवश हैं। जिले को इस बार 850 क्यूसेक पानी मिला है। जलघर व तालाबों में पानी भरवाने के लिए सिंचाई विभाग अधिकारियों की तीन टीमों का गठन कर दिया गया है। एक टीम में दो जेई, चार बेलदार व दो पुलिस कर्मचारी शामिल किए गए हैं।
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- हर साल गर्मी में गहराता है पेयजल संकट
गर्मी सीजन में जिले में पेयजल संकट बना रहता है। खासकर शहर में हालात ज्यादा खराब बने रहते हैं। इस समय जिले के अधिकतर जलघरों में पानी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में लोग खेतों में लगे ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि से काम चला लेते हैं। शहर में लोग प्राइवेट आरओ का पानी खरीदकर पीने को विवश हैं। सरकारी पेयजल सप्लाई का पानी का पीने लायक नहीं होने की वजह से अधिकतर लोगों ने अपने घरों में भी आरओ लगवा रखे हैं। शहर के अधिकतर भागों में टैंकरों के जरिये पानी की सप्लाई भी होती है। प्रति टैंकर 400 रुपये चुकाना पड़ रहा है।
- जिले की पेयजल आपूर्ति पूर्णतया नहरी पानी निर्भर
पेयजल नहरी पानी की आपूर्ति पर ही निर्भर है। नहरों से ही जलघरों में पानी भरा जाता है। अब जैसे ही गर्मी सीजन ने दस्तक दी सरकार ने नहरी पानी का भी टाइमटेबल बदल दिया है। अब बारिश के सीजन तक यही शेड्यूल बना रहेगा। मई-जून में तो पानी की खपत बेहद ज्यादा होती है। आम लोग भी पानी की बचत की तरफ ध्यान नहीं देते।
- ये हैं जिले की मुख्य नहर और डिस्ट्रीब्यूटरी जिले में मेन लोहारू कैनाल, बधवाना डिस्टीब्यूटरी, मैहड़ा, बरसाना व कितलाना डिस्ट्रीब्यूटरी से जलघरों में पानी डाला जाता है। विभाग की लापरवाही के चलते नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने की वजह से अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों के जलघरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।
जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। पानी का संकट नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस बल के सहयोग से पानी की चोरी भी नहीं होने दी जा रही। हमारी टीमें लगातार साइट का निरीक्षण कर रही हैं।
-उपेंद्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग