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Charkhi Dadri News: होली और फाग पर नहीं होगी पानी की अतिरिक्त आपूर्ति, संभलकर करें खपत
Sat, 23 Mar 2024 02:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 23 Mar 2024 02:51 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग होली व फाग पर अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति भी नहीं करेगा। ऐसे में लोग संभलकर पानी की खपत करें। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है, ताकि पानी की बर्बादी न होने पाए।
होली व फाग के दिन पानी की बर्बादी होती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी से होली खेलना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। इस समय जिले की नहरों में भी पानी नहीं पहुंचा है। जलघरों में भी कम मात्रा में पानी बचा हुआ है। सभी जलघर पूर्ण रूप से नहीं भरे हैं। जिले में 60 जलघर बने हैं, जिनके जरिये शहर व गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
होली पर्व पर पानी की खपत ज्यादा बढ़ती है। जिले की पानी की क्षमता 37 हजार 700 लाख लीटर है। फाग के दिन यह खपत बढ़कर 50 हजार लाख लीटर तक पहुंच जाती है। ऐसे में 12 से 13 हजार लाख लीटर खपत बढ़ने का अनुमान है। विभाग वैसे ही जिले के गांवों व शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति करता है, जबकि प्रतिदिन आपूर्ति करने का प्रावधान है। प्रति व्यक्ति कम से कम 70 लीटर पानी की आपूर्ति करना विभाग के लिए पहले मुश्किल बना हुआ है।
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वर्जन:
होली पर्व को प्राकृतिक रंगों से खेलें। पानी की बर्बादी न की जाए। जल संकट चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले कुछ ही समय में नई पीढ़ी के लिए पेयजल संकट होने वाला है। - राजेंद्र सिंह, जल प्रहरी एवं सामाजिक कार्यकर्ता
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चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग होली व फाग पर अतिरिक्त पेयजल आपूर्ति भी नहीं करेगा। ऐसे में लोग संभलकर पानी की खपत करें। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है, ताकि पानी की बर्बादी न होने पाए।
होली व फाग के दिन पानी की बर्बादी होती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी से होली खेलना लोग ज्यादा पसंद करते हैं। इस समय जिले की नहरों में भी पानी नहीं पहुंचा है। जलघरों में भी कम मात्रा में पानी बचा हुआ है। सभी जलघर पूर्ण रूप से नहीं भरे हैं। जिले में 60 जलघर बने हैं, जिनके जरिये शहर व गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
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होली पर्व पर पानी की खपत ज्यादा बढ़ती है। जिले की पानी की क्षमता 37 हजार 700 लाख लीटर है। फाग के दिन यह खपत बढ़कर 50 हजार लाख लीटर तक पहुंच जाती है। ऐसे में 12 से 13 हजार लाख लीटर खपत बढ़ने का अनुमान है। विभाग वैसे ही जिले के गांवों व शहर में एक दिन छोड़कर पेयजल की आपूर्ति करता है, जबकि प्रतिदिन आपूर्ति करने का प्रावधान है। प्रति व्यक्ति कम से कम 70 लीटर पानी की आपूर्ति करना विभाग के लिए पहले मुश्किल बना हुआ है।
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वर्जन:
होली पर्व को प्राकृतिक रंगों से खेलें। पानी की बर्बादी न की जाए। जल संकट चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले कुछ ही समय में नई पीढ़ी के लिए पेयजल संकट होने वाला है। - राजेंद्र सिंह, जल प्रहरी एवं सामाजिक कार्यकर्ता