फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   There was hope from the plan, houses could not be built

Charkhi Dadri News: योजना से थी आस, नहीं बन पाए आवास

Thu, 28 Dec 2023 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Thu, 28 Dec 2023 11:20 PM IST
विज्ञापन
There was hope from the plan, houses could not be built
चरखी दादरी।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री आवास योजना में कई पात्रों के सपने पूरे हुए तो कई के टूट गए। इस योजना में शामिल पात्रों ने अपना पुराना घर तोड़कर किराये पर रहने को विवश हैं। सर्द रातों में लोगों के लिए गुजर बसर काफी कठिन हो गया है। अब नए आवास का निर्माण कराने के लिए सरकारी मदद का इंतजार है।
पड़ताल में सामने आया कि कई परिवारों की आर्थिक हालत इतनी कमजोर है कि वो किराया तक वहन नहीं कर पा रहे हैं। नगर परिषद कार्यालय स्थित संबंधित शाखा के वो चक्कर काट चुके हैं। योजना के पात्र परिवारों का दर्द है कि किस्त कब तक आएगी इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं मिल पा रही है। सर्दी की एक-एक रात उन पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन


योजना की बात करें तो शहर से करीब 1200 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किए थे। इनमें से 287 आवेदन ही स्वीकृत किए गए थे। सबसे अधिक आवेदन शहर के वार्ड 12 स्थित कबीर नगर से किए गए थे। लोगों के किस्त न मिलने से नए घर नहीं बन पाए और वो अपना पुराना आशियाना भी तोड़ बैठे। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित शाखा ने सितंबर में 21 लाख रुपये की राशि पात्र लाभार्थियों को जारी की थी। योजना के तहत आने वाले 33 लाभार्थियों को 21 लाख रुपये वितरित किए गए थे। इसके तहत 15 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी की गई थी और 18 लोगों को तीसरी किस्त अदा की गई थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन





तीन माह से शाखा में कोई कर्मचारी ही नहीं



नगर परिषद कार्यालय स्थित संबंधित शाखा में पिछले तीन माह से प्रधानमंत्री आवास योजना का कार्य देखने वाला कर्मचारी ही नहीं है। इससे पहले दादरी का अतिरिक्त चार्ज था और उक्त कर्मचारी का तबादला हो चुका है। इसके बाद से सीट खाली है।





- किराये के मकान में रह रहे परिवार, कई ले चुके कर्जा: पार्षद कौशल्या
वार्ड 12 से पार्षद कौशल्या देवी ने बताया कि उनके वार्ड में अब भी 10 लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्हें पहली और दूसरी किस्त नहीं मिली है। इसके चलते उन्हें किराये पर कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। किराया वहन करने में ये परिवार सक्षम नहीं हैं। कुछ लोगों ने कर्जा लेकर अधर में लटके निर्माण कार्य को पूरा करवाया है। कर्ज चुकाने के लिए सरकारी मदद का इंतजार है।

- पात्र परिवारों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी

- लगभग 9 माह पहले नगर परिषद से दूसरी किस्त मिली थी। इससे मकान का कुछ कार्य करवाया था। छह माह गुजरने के बाद भी उन्हें तीसरी किस्त नहीं मिली है, जिससे फर्श और चिनाई संबंधी कार्य अधूरा पड़ा है। 50 हजार रुपये की तीसरी किस्त मिलने पर ही काम आगे बढ़ा पाएंगे।

भीम सिंह, वार्ड 12

- तीन साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। काफी चक्कर लगाने के बाद उसने मकान संबंधी दस्तावेज पूरा किए और उसका नाम लिस्ट में भी आया। मकान के लिए डेढ़ लाख रुपये की राशि मंजूर हुई थी, लेकिन अभी तक दो ही किस्त मिली हैं।

- कृष्ण कुमार, कबीर नगर

- योजना के तहत मकान का आधा निर्माण कार्य कर लिया है, लेकिन तीसरी किस्त नहीं मिलने से छत नहीं डाल पाए हैं। कई माह से ये काम अधर में लटका हुआ है। नगर परिषद के चक्कर काटने पर भी समाधान नहीं हुआ। मजबूरीवश परिवार के साथ किराये पर मकान लेकर रहना पड़ रहा है।

कमला देवी, वार्ड 12

- दूसरी किस्त नहीं मिली है, जिसके चलते मकान की छत नहीं बनवा पाई। अब टीन शेड डाल रखी है, लेकिन इसमें से ठंड कमरे में आती है। कई बार नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगा चुकी हूं, लेकिन अभी तक किस्त का लाभ नहीं मिल पाया है। मकान का निर्माण कार्य अधर में लटकने से पूरा परिवार परेशान है।


कृष्णा देवी, वार्ड-12


ये मामला मेरे संज्ञान में भी है। निदेशक से इस संबंध में बातचीत हुई है। जल्द ही कर्मचारी की तैनाती करवाकर पीएमएवाई के लाभ पात्रों के खातों में किस्त राशि डलवा दी जाएगी।
बक्शीराम सैनी, प्रधान, नगर परिषद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article