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दवा काउंटर पर बुजुर्गों और दिव्यांगों की नहीं अलग कतार, बेंच की कमी से फर्श पर बैठने को मजबूर हैं मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2022 11:18 PM IST
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There is no separate queue for the elderly and disabled at the medicine counter, patients are forced to sit on the floor due to lack of benches
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या के मुताबिक पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं। यहां न तो बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से लाइन की व्यवस्था है और न ही मरीजों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच हैं। सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं के चलते उपचार के लिए यहां आ रहे मरीजों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। संवाददाता के सामने मरीजों ने अपनी पीड़ा बताई।
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वीरवार को संवाददाता सिविल अस्पताल में व्यवस्थाओं की पड़ताल करने पहुंचा। पुराने भवन में स्थापित दवा काउंटर पर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए न तो अलग से कतार की व्यवस्था मिली और न ही इस भवन परिसर में पर्याप्त बेंच रखे मिले। यहां ज्यादातर मरीज और उनके तीमारदार फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नर आए। संवाददाता के पूछताछ करने पर बिरही निवासी राजकरण ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलीफ है और दवा लेने आया है। बेंच खाली नहीं मिले तो जमीन पर ही बैठ गया। वहां मौजूद मरीज मोहन, ज्योति, सुनीता, कविता, राधा, बीरमति, सोहन, मनीष, गीतांजलि, रामप्यारी, दुलारी और अनीता ने कहा कि विभाग को दोनों समस्याओं की ओर ध्यान देकर प्रबंध पुख्ता करने चाहिए।
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बता दें कि सिविल अस्पताल पर शहर की 90 हजार की आबादी के अलावा 172 गांवों के लोग निर्भर है। लंबे समय से यहां विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है जबकि मूलभूत सुविधाओं का लाभ भी मरीजों को नहीं मिल पा रहा। अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब 600 रहती है, लेकिन इसके अनुसार यहां बेंच और अन्य तमाम व्यवस्थाएं नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।
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- काउंटर पर लिखा वरिष्ठ नागरिक, दवा ले रहे सभी
संवाददाता पर जब दवा काउंटर पर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचा तो यहां दो खिड़कियां मिलीं। एक खिड़की महिलाओं के लिए जबकि दूसरी वरिष्ठ नागरिकों के लिए थी। महिलाओं वाली खिड़की पर महिला मरीज ही दवा ले रही थीं, जबकि वरिष्ठ नागरिक वाले काउंटर पर बुजुर्गों के अलावा अन्य मरीज भी दवा लेते मिले।
- प्रतिदिन आते हैं 150 से अधिक बुजुर्ग मरीज
सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी करीब छह सौ रहती है। इनमें बुजुर्ग मरीजों की संख्या 150 पार रहती है। अधिकतर बुजुर्ग मरीज सांस या जोड़ों में दर्द संबंधी बीमारी से ग्रस्त होते हैं, जो उपचार के लिए यहां आते हैं। अव्यवस्थाओं के चलते उपचार के दौरान उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
मरीज बोले: बैठने से लेकर अलग लाइन की सुविधा मुहैया करवाए अधिकारी
1. सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दम भर रही है जबकि दादरी अस्पताल में मरीजों के बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं। यहां बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए अलग से कतार का प्रबंध भी नहीं है जिससे मरीज परेशान हैं।
-शेखर, मरीज
2. मरीजों की संख्या के लिहाज से सिविल अस्पताल मे दवा काउंटर की संख्या पर्याप्त नहीं है। दवा लेने के लिए मरीज को कई देर तक इंतजार करना पड़ता है। यहां पर्याप्त बेंच भी नहीं हैं और मजबूरीवश जमीन पर बैठना पड़ता है।
- टीकम सिंह, मरीज
3. दवा काउंटर पर गया तो वहां वरिष्ठ नागरिक तो लिखा मिला, लेकिन हर उम्र के लोग वहां से दवा लेते मिले। आगे जाने का प्रयास किया तो लाइन में खड़े अन्य मरीजों ने मुझे वापस भेज दिया। अब नंबर आने का इंतजार कर रहा हूं।

-बिजेंद्र, मरीज
4. अस्पताल में गर्भवती महिलाओं का तो अलग से काउंटर है लेकिन बुजुर्ग महिलाओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बारी आने तक खड़ा रहना इस उम्र में आसान नहीं है। करीब आधा घंटा फर्श पर बैठकर इंतजार करने पर नंबर आया।
है। बुजुर्ग महिलाओं के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था होनी चाहिए।
-उषा, मरीज
बेंच की अगर कमी है तो जल्द दूर करवा देंगे। जल्द ही स्टाफ को बुजुर्गों के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए जाएंगे।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ
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