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Charkhi Dadri News: अस्पताल के वेंटिलेटर कोमा में... संभालने वाला कोई नहीं
Tue, 23 Jul 2024 05:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 23 Jul 2024 05:20 AM IST
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चरखी दादरी। कोरोना के दौरान दादरी जिले को पीएम केयर फंड और डोनेशन पर मिले 35 वेंटिलेटर शोपीस बने हैं। हाल ही में मुख्यालय के निर्देशों पर स्थानीय स्टाफ ने वेंटिलेटर जांचे तो सभी चालू हालत में मिले लेकिन इन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञ या स्टाफ तैनात नहीं हैं।
कोरोना से पहले दादरी सिविल अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। सबसे पहले एक सामाजिक संस्था की ओर से संचालित अस्पताल का वेंटिलेटर उधार लिया गया। इसके बाद पीएम केयर फंड से जिले को सात और 28 वेंटिलेटर दान में मिल गए। इन वेंटिलेटर को विभाग ने आईएमए चिकित्सकों यानी उधारी के विशेषज्ञों से चलवाकर जैसे-तैसे काम चला लिया।
कोरोना खत्म होने के बाद से ये वेंटिलेटर सिविल अस्पताल के बंद आईसीयू में रखे गए हैं। इस समय वेंटिलेटर के साथ सिविल अस्पताल का आईसीयू भी प्रयोग में नहीं आ पा रहा है। इसका कारण यहां विशेषज्ञ तैनात न होना है। इसके जरूरतमंद मरीजों को तत्काल रोहतक या भिवानी सिविल अस्पताल में भेजा जाता है। इसी कारण मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर तीमारदार सिविल अस्पताल में आने के बजाय निजी अस्पताल में चले जाते हैं।
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- ये विशेषज्ञ ही नहीं जिले में तैनात
दादरी स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के दस पद खाली हैं। वेंटिलेटर को फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ भी चलाते हैं। ये दोनों ही दादरी जिले में तैनात नहीं हैं। ये दोनों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी वेंटिलेटर की निगरानी करने में सक्षम होते हैं लेकिन दादरी में इनकी भी कमी है।
इस समय फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ दोनों ही तैनात नहीं है। उनकी तैनाती के लिए हम प्रयासरत हैं। वेंटिलेटर आईसीयू में रखे हैं और जल्द ही आईसीयू को चालू कर वेंटिलेटर को सदुपयोग में लेने की योजना है। - डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, दादरी।
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कोरोना से पहले दादरी सिविल अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। सबसे पहले एक सामाजिक संस्था की ओर से संचालित अस्पताल का वेंटिलेटर उधार लिया गया। इसके बाद पीएम केयर फंड से जिले को सात और 28 वेंटिलेटर दान में मिल गए। इन वेंटिलेटर को विभाग ने आईएमए चिकित्सकों यानी उधारी के विशेषज्ञों से चलवाकर जैसे-तैसे काम चला लिया।
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कोरोना खत्म होने के बाद से ये वेंटिलेटर सिविल अस्पताल के बंद आईसीयू में रखे गए हैं। इस समय वेंटिलेटर के साथ सिविल अस्पताल का आईसीयू भी प्रयोग में नहीं आ पा रहा है। इसका कारण यहां विशेषज्ञ तैनात न होना है। इसके जरूरतमंद मरीजों को तत्काल रोहतक या भिवानी सिविल अस्पताल में भेजा जाता है। इसी कारण मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ने पर तीमारदार सिविल अस्पताल में आने के बजाय निजी अस्पताल में चले जाते हैं।
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- ये विशेषज्ञ ही नहीं जिले में तैनात
दादरी स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के दस पद खाली हैं। वेंटिलेटर को फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ भी चलाते हैं। ये दोनों ही दादरी जिले में तैनात नहीं हैं। ये दोनों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी वेंटिलेटर की निगरानी करने में सक्षम होते हैं लेकिन दादरी में इनकी भी कमी है।
इस समय फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ दोनों ही तैनात नहीं है। उनकी तैनाती के लिए हम प्रयासरत हैं। वेंटिलेटर आईसीयू में रखे हैं और जल्द ही आईसीयू को चालू कर वेंटिलेटर को सदुपयोग में लेने की योजना है। - डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, दादरी।