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Charkhi Dadri News: टीम ने खेतों में जाकर किया औसत पैदावार का आकलन
Wed, 17 Apr 2024 05:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:38 AM IST
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बाढड़ा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पंचकूला मुख्यालय से विशेषज्ञों का दल क्षेत्र में पहुंचा। उसने क्षेत्र के गांव भांडवा, बिरही खुर्द आदि क्षेत्रों में जाकर फसल कटाई के प्रयोगों का निरीक्षण किया। विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र श्योराण ने किसानों और स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। खेतों में जाकर फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण किया। गेहूं की फसल की थ्रेशिंग करवा कर औसत पैदावार का आकलन किया गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को जरूरी निर्देश भी दिए गए।
डॉ. देवेंद्र ने कहा कि इन आंकड़ों पर राज्य और देश से अनाज का आयात और निर्यात निर्भर करता है। यदि किसी रोग, सूखे, प्राकृतिक आपदा या फंगस आदि के कारण फसलों में नुकसान होता है तो औसत पैदावार के आधार पर संबंधित गांव के किसानों को बीमित फसलों का मुआवजा प्रदान किया जाता है। इसलिए फसल कटाई प्रयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा की गाइडलाइन के अनुसार करना जरूरी है।
डॉ. देवेंद्र ने भूमि की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए प्राकृतिक या जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दी। उनके साथ वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण, सांख्यिकी सहायक सुशील शर्मा, विमला देवी, आनंद कुमार, खंड कृषि अधिकारी हरबंस सिंह, कृषि पर्यवेक्षक सोमवीर सिंह और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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डॉ. देवेंद्र ने कहा कि इन आंकड़ों पर राज्य और देश से अनाज का आयात और निर्यात निर्भर करता है। यदि किसी रोग, सूखे, प्राकृतिक आपदा या फंगस आदि के कारण फसलों में नुकसान होता है तो औसत पैदावार के आधार पर संबंधित गांव के किसानों को बीमित फसलों का मुआवजा प्रदान किया जाता है। इसलिए फसल कटाई प्रयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा की गाइडलाइन के अनुसार करना जरूरी है।
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डॉ. देवेंद्र ने भूमि की उर्वरा शक्ति बचाने के लिए प्राकृतिक या जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दी। उनके साथ वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ डॉ. चंद्रभान श्योराण, सांख्यिकी सहायक सुशील शर्मा, विमला देवी, आनंद कुमार, खंड कृषि अधिकारी हरबंस सिंह, कृषि पर्यवेक्षक सोमवीर सिंह और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
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