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Charkhi Dadri News: पौने दो साल में ही जर्जर हुई रावलधी-कमोड़ सड़क, हादसों का बढ़ा खतरा
Thu, 07 May 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 07 May 2026 01:04 AM IST
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चरखी दादरी। गांव रावलधी से कमोड़ को जोड़ने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है। सड़क धंसने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं जो वाहन चालकों के लिए खतरा बन रहे हैं। खासकर दुपहिया वाहन चालक अक्सर संतुलन बिगड़ने से गिरकर घायल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, इस सड़क का निर्माण करीब पौने दो साल पहले मार्केटिंग बोर्ड द्वारा कराया गया था। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ने लगी और अब हालत यह है कि कई हिस्सों में सड़क धंस चुकी है। सड़क पर फैली रोड़ियां और गड्ढे आवागमन को बेहद कठिन बना रहे हैं।
लाखों रुपये की लागत से बनाई गई थी सड़क
स्थानीय ग्रामीण धर्मपाल, पवन कुमार, भूपसिंह, बलजीत सिंह आदि ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई गई थी। इसके बाद लाखों रुपये का बजट पास करवा सड़क का निर्माण करवाया गया था। लेकिन सड़क निर्माण कुछ माह बाद ही टूटनी शुरू हो गई। जिससे ग्रामीणों में मार्केटिंग बोर्ड के खिलाफ रोष बना हुआ है।
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प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गुजरते है वाहन
लगभग पांच हजार की आबादी वाले गांव रावलधी के किसान व गांव कमोद जाने वाले सैकड़ों ग्रामीण इसी सड़क से गुजरते है लेकिन सड़क की हालात जर्जर होने से उनको हादसों का शिकार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार रात किसान खेतों में सिचाई आदि का काम निपटाने के बाद काफी अंधेरा हो जाता है। जिससे हादसों की आशंका दुगनी रहती है।
वर्सन:
हमारे पास सड़क धंसने की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर सड़क जमीन में धंसी हुई है, तब कर्मचारियों को भेज स्थिति का जानकारी ली जाएगी। अगर सड़क टूटी पाई तो संबंधित एजेंसी को बोल मरम्मत करवाने का काम करवाया जाएगा। - मोनू कुमार, कनिष्ठ अभियंता, मार्केटिंग बोर्ड
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जानकारी के अनुसार, इस सड़क का निर्माण करीब पौने दो साल पहले मार्केटिंग बोर्ड द्वारा कराया गया था। निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की परत उखड़ने लगी और अब हालत यह है कि कई हिस्सों में सड़क धंस चुकी है। सड़क पर फैली रोड़ियां और गड्ढे आवागमन को बेहद कठिन बना रहे हैं।
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लाखों रुपये की लागत से बनाई गई थी सड़क
स्थानीय ग्रामीण धर्मपाल, पवन कुमार, भूपसिंह, बलजीत सिंह आदि ने बताया कि सड़क बनवाने के लिए कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई गई थी। इसके बाद लाखों रुपये का बजट पास करवा सड़क का निर्माण करवाया गया था। लेकिन सड़क निर्माण कुछ माह बाद ही टूटनी शुरू हो गई। जिससे ग्रामीणों में मार्केटिंग बोर्ड के खिलाफ रोष बना हुआ है।
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प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में गुजरते है वाहन
लगभग पांच हजार की आबादी वाले गांव रावलधी के किसान व गांव कमोद जाने वाले सैकड़ों ग्रामीण इसी सड़क से गुजरते है लेकिन सड़क की हालात जर्जर होने से उनको हादसों का शिकार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार रात किसान खेतों में सिचाई आदि का काम निपटाने के बाद काफी अंधेरा हो जाता है। जिससे हादसों की आशंका दुगनी रहती है।
वर्सन:
हमारे पास सड़क धंसने की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर सड़क जमीन में धंसी हुई है, तब कर्मचारियों को भेज स्थिति का जानकारी ली जाएगी। अगर सड़क टूटी पाई तो संबंधित एजेंसी को बोल मरम्मत करवाने का काम करवाया जाएगा। - मोनू कुमार, कनिष्ठ अभियंता, मार्केटिंग बोर्ड