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मनमर्जी से किसी भी बैंक में खाता नहीं खुलवा सकेंगे नवनिर्वाचित सरपंच, सरकार करेगी नाम तय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 11:00 PM IST
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The newly elected sarpanch will not be able to open an account in any bank at will, the government will decide the name
चरखी दादरी। नई पंचायतों के गठन के बाद अब सभी पंचायतों के एक ही बैंक में खाता खुलेंगे। इससे पहले सरपंच अलग- अलग बैंकों में खाता खुलवा लेते थे। अब सरकार बताएगी कि किस बैंक में पंचायत ने खाता खुलवाना है। सरपंच की मनमर्जी नहीं चलेगी। इस संबंध में नई हिदायतें सरकार की ओर से जारी की जा चुकी हैं।
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जिला में 166 ग्राम पंचायतें हैं। इस समय बीडीपीओ के पास पंचायतों का चार्ज है। फरवरी 2021 से पंचायतों का पिछला कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस समय गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। छोटे स्तर के विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। सरपचों का चार्ज इस समय बीडीपीओ का सौंप रखा है। बीडीपीओ को भी विकास कार्यों के लिए एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ती है तब जाकर गांव में कोई छोटा स्तर का काम हो पाता है।
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अब सरकार पंचायत चुनावों की घोषणा कभी भी कर सकती है। ऐसे में जब नई पंचायतों का गठन होगा तो नई पंचायतों के नए बैंक खाते खुलेंगे। सभी पंचायतों के एक ही बैंक में खाता खुलेगा। इसके लिए सरकार बताएगी कि किस बैंक में पंचायत ने खाता खुलवाना है। अब तक तो सरपंच अपनी मनमर्जी से चाहे जिस बैंक में खाता खुलवा लेते थे। गत आठ जुलाई की प्रगति रैली में सीएम की ओर से भी जिले के गांवों के विकास के लिए 81 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था यह बजट अब चुनाव के बाद ही खर्च हो पाएगा। वहीं, गत योजना में कई ग्राम पंचायतों का गबन भी उजागर हुआ है और इनमें बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि सरकार ने तमाम पहलुओं को देखते हुए इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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फरवरी के बाद नहीं मिली पीआरआई ग्रांट
केंद्र सरकार साल में दो बार पीआरआई ग्रांट पंचायतों को देती है लेकिन इस बार फरवरी माह के बाद एक भी पैसा नहीं मिला है। साल में इसके तहत दो किस्त जारी होती हैं। यह बजट गांव की जनसंख्या के आधार पर मिलता है। इस बजट का 75 प्रतिशत पंचायतों को, 15 प्रतिशत ब्लॉक समितियों व 10 प्रतिशत जिला परिषदों को मिलता है ताकि विकास कार्य करवाए जा सकें।

- डेढ़ साल से विकास कार्यों का इंतजार
इस समय गांवों में लोग विकास कार्य शुरू होने की बाट जोह रहे हैं। बीडीपीओ को सरपंचों का चार्ज जरूर सौंप रखा है लेकिन बीडीपीओ के माध्यम से गांव में काम करवाने की प्रक्रिया बेहद जटिल है। इसके तहत ग्रामीणों को लिखित में कार्य की प्रकृति व स्वरूप की जानकारी देनी होती है उसके बाद अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविकता व काम की जरूरत का पता लगाता है। जिला में तीन ब्लॉक है जिनमें दादरी, झोझू कलां व बाढड़ा शामिल हैं।
= सरकार की हिदायतें आई है कि सभी पंचायतों के खाते एक ही बैंक में खोले जाए। अलग- अलग बैंकों में खाता नहीं खोला जाएगा।
= बीडीपीओ सुभाषचंद्र ,पंचायत विभाग
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