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Charkhi Dadri News: भिवानी-रोहतक की दौड़ होगी खत्म, दादरी में ही मिलेगी एमआरआई की सुविधा
Thu, 08 Oct 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:56 AM IST
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सिविल अस्पताल इलाज करवाने पहुंचे मरीज।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले के मरीजों को अब एमआरआई जांच के लिए भिवानी या रोहतक नहीं जाना पड़ेगा। शहर के लोहारू चौक के नजदीक स्थित नागरिक अस्पताल दादरी में ही एमआरआई की सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अस्पताल परिसर में करीब 2000 वर्ग फुट जगह चिह्नित की गई है।
सुविधा को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड पर शुरू किया जाएगा। इससे जिले के मरीजों को अपने ही शहर में आधुनिक जांच सुविधा मिल सकेगी और उन्हें दूसरे जिलों में जाने में लगने वाला समय व अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।
जानिए...किन बीमारियों में पड़ती है जरूरत
एमआरआई यानी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग का इस्तेमाल शरीर के अंदरूनी अंगों और ऊतकों की विस्तृत तस्वीर लेने के लिए किया जाता है। चिकित्सक जरूरत के अनुसार सिरदर्द, ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं, रीढ़ की हड्डी की बीमारी, नसों में परेशानी, जोड़ों एवं लिगामेंट की चोट, घुटने की समस्या, ट्यूमर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में असामान्यताओं की जांच के लिए एमआरआई की सलाह दे सकते हैं। यह जांच एक्सरे की तुलना में शरीर के नरम ऊतकों की अधिक स्पष्ट तस्वीर उपलब्ध कराने में उपयोगी होती है।
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हर दिन 1200 मरीज पहुंच रहे
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें काफी संख्या ऐसे मरीजों की होती है, जिन्हें चिकित्सकों की सलाह पर विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए एमआरआई करवाने की जरूरत पड़ती है। फिलहाल जिले में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को भिवानी, रोहतक सहित अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए दूसरे शहर जाकर जांच करवाना अतिरिक्त परेशानी का कारण बनता है।
अस्पताल में 2000 वर्ग फुट जगह की जरूरत
एमआरआई मशीन लगाने के लिए नागरिक अस्पताल परिसर में करीब 2000 वर्ग फुट जगह चिह्नित की गई है। इसमें मशीन के अलावा मरीजों के लिए जरूरी कक्ष, तकनीकी व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पीपीपी मोड के तहत निजी एजेंसी की ओर से मशीन व तकनीकी संसाधन उपलब्ध करवाए जाने की संभावना है, जबकि मरीजों को निर्धारित दरों पर जांच की सुविधा मिलेगी।
कम दाम में जांच मिलने की उम्मीद
अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को जांच की लागत में मिल सकता है। पीपीपी व्यवस्था के तहत सरकारी स्तर पर निर्धारित दरों के अनुसार जांच उपलब्ध होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की तुलना में कम कीमत पर सुविधा मिलने की उम्मीद है। दादरी शहर में एमआरआई 3000 हजार से शुरू होता है, बड़े शहरों में इसकी कीमत 10 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।
वर्सन:
सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए रेफर होने पर दूसरे जिलों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। जल्द एक और टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। इससे समय पर जांच होने के साथ उपचार की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।
-डॉ. सतबीर सिंह, एसएमओ, सिविल अस्पताल
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सुविधा को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड पर शुरू किया जाएगा। इससे जिले के मरीजों को अपने ही शहर में आधुनिक जांच सुविधा मिल सकेगी और उन्हें दूसरे जिलों में जाने में लगने वाला समय व अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।
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जानिए...किन बीमारियों में पड़ती है जरूरत
एमआरआई यानी मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग का इस्तेमाल शरीर के अंदरूनी अंगों और ऊतकों की विस्तृत तस्वीर लेने के लिए किया जाता है। चिकित्सक जरूरत के अनुसार सिरदर्द, ब्रेन स्ट्रोक, मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं, रीढ़ की हड्डी की बीमारी, नसों में परेशानी, जोड़ों एवं लिगामेंट की चोट, घुटने की समस्या, ट्यूमर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में असामान्यताओं की जांच के लिए एमआरआई की सलाह दे सकते हैं। यह जांच एक्सरे की तुलना में शरीर के नरम ऊतकों की अधिक स्पष्ट तस्वीर उपलब्ध कराने में उपयोगी होती है।
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हर दिन 1200 मरीज पहुंच रहे
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें काफी संख्या ऐसे मरीजों की होती है, जिन्हें चिकित्सकों की सलाह पर विभिन्न बीमारियों की जांच के लिए एमआरआई करवाने की जरूरत पड़ती है। फिलहाल जिले में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को भिवानी, रोहतक सहित अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए दूसरे शहर जाकर जांच करवाना अतिरिक्त परेशानी का कारण बनता है।
अस्पताल में 2000 वर्ग फुट जगह की जरूरत
एमआरआई मशीन लगाने के लिए नागरिक अस्पताल परिसर में करीब 2000 वर्ग फुट जगह चिह्नित की गई है। इसमें मशीन के अलावा मरीजों के लिए जरूरी कक्ष, तकनीकी व्यवस्था और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पीपीपी मोड के तहत निजी एजेंसी की ओर से मशीन व तकनीकी संसाधन उपलब्ध करवाए जाने की संभावना है, जबकि मरीजों को निर्धारित दरों पर जांच की सुविधा मिलेगी।
कम दाम में जांच मिलने की उम्मीद
अस्पताल में एमआरआई सुविधा शुरू होने का सबसे बड़ा लाभ मरीजों को जांच की लागत में मिल सकता है। पीपीपी व्यवस्था के तहत सरकारी स्तर पर निर्धारित दरों के अनुसार जांच उपलब्ध होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की तुलना में कम कीमत पर सुविधा मिलने की उम्मीद है। दादरी शहर में एमआरआई 3000 हजार से शुरू होता है, बड़े शहरों में इसकी कीमत 10 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।
वर्सन:
सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को जांच के लिए रेफर होने पर दूसरे जिलों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। जल्द एक और टीम निरीक्षण के लिए पहुंचेगी। इससे समय पर जांच होने के साथ उपचार की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।
-डॉ. सतबीर सिंह, एसएमओ, सिविल अस्पताल