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खाद के लिए अलसुबह तीन बजे लगे लाइन में नौ बजे पता चला नहीं बंटेगी, गुस्साए किसानों ने मंडी गेट को जड़ा ताला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 10:36 PM IST
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The line engaged for fertilizer at three o'clock in the morning will not be revealed at nine o'clock, angry farmers lock the Mandi gate
किसानों को आश्वासन देते डीसी प्रदीप गोदारा। - फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिले में खाद की किल्लत को लेकर पिछले दो दिनों से किसानों का पारा हाई है। मंगलवार को खाद वितरण न होने पर किसानों ने दूसरे दिन मंडी के गेट को ताला जड़ा और ढाई घंटे तक सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कृषि विभाग के एसडीओ तक को मंडी के अंदर नहीं घुसने दिया। साढ़े 11 बजे प्रदर्शन करते हुए किसान लघु सचिवालय पहुंचे और खाद की कमी पर डीसी प्रदीप गोदारा से जवाब मांगा। विधायक सोमबीर सांगवान ने डीसी से कहा कि खाद नहीं मिलने से किसान परेशान है। जिसके जवाब में डीसी ने कहा कि आप एमएलए हैं, खाद की समस्या का समाधान चंडीगढ़ जाकर या फिर कृषि मंत्री से बातचीत करके करवाए। प्रशासन की जहां जरूरत होगी, वहां पूरी मदद करेंगे। उस दौरान डीसी ने मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि जिले में पीछे से खाद की खेप नहीं आ रही है।
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खेप न पहुंचने के चलते मंगलवार को खाद वितरण नहीं हुआ। पुरानी अनाज मंडी में खाद के लिए अलसुबह तीन बजे पहुंचे किसानों को जब नौ बजे पता चला कि खाद नहीं बंटेगी तो उनका पारा चढ़ गया। किसानों ने दो गुटों में बंटकर पुरानी अनाज मंडी के दोनों गेट बंद कर दिए। सुबह करीब दस बजे कृषि विभाग के एसडीओ वहां पहुंचे। गेट के बाहर से ही किसानों ने उनसे बातचीत की, लेकिन आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए। आक्रोशित किसानों ने एसडीओ को मंडी के गेट के अंदर नहीं घुसने दिया और उन्हें लौटना पड़ा। करीब साढ़े 10 बजे सब्जी मंडी प्रदेश कार्यकारिणी के अध्यक्ष नितिन जांघू वहां पहुंचे और उन्होंने किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया। करीब सवा 11 बजे विधायक सोमबीर सांगवान किसानों के बीच पहुंचे। उन्हें किसानों ने बताया कि पिछले सात दिनों से सुबह आकर लाइन में लग जाते हैं और पांच से छह घंटे बर्बाद करने के बाद भी बिना डीएपी लिए लौटना पड़ता है। आने-जाने में किराया और तेल भी लगता है और खाद किल्लत से किसान परेशान हैं। इसके बाद वहां सभी ने शहर में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर डीसी से मिलने का निर्णय लिया।
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सुबह 11 बजे प्रदर्शन किया शुरू, 12:40 पर किसानों के बीच पहुंचे डीसी
साढ़े 11 बजे किसानों ने प्रदर्शन शुरू किया और लघु सचिवालय पहुंचकर मुख्य गेट के पास बैठ गए। किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर लघु सचिवालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। 12:40 बजे डीसी प्रदीप गोदारा किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की लाचारी बयां करते हुए कहा कि पीछे से खेप नहीं आ रही है। अगर खेप नियमित और पर्याप्त आए तो वितरण में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने दी जाएगी। अगर वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए किसानों का कोई सुझाव है तो प्रशासन उसे मानने को तैयार है। उन्होंने विधायक सोमबीर सांगवान से कहा कि आप एमएलए हैं, इस समस्या का समाधान आप चंडीगढ़ जाकर या फिर कृषि मंत्री से बात कर करवा सकते हैं। अगर कोई पत्र लिखने की, किसी से बात करने की या फिर चंडीगढ़ जाने की बात है तो भी प्रशासन इसके लिए तैयार है। उन्होंने विधायक और किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए अपने कार्यालय में बुलाया और वहां बैठक के बाद किसानों को बुधवार शाम तक खाद की खेप पहुंचने का आश्वासन मिला है।
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विधायक बोले : यहीं देंगे धरना, देसी घी का खाएंगे हलवा
किसानों के बीच विधायक और डीसी की करीब पंद्रह मिनट तक बातचीत हुई। उस दौरान विधायक सोमबीर सांगवान ने कहा कि डीसी साहब अगर वीरवार तक जिले में खाद नहीं पहुंची तो फिर हम कितलाना टोल का धरना दादरी लघु सचिवालय में शिफ्ट कर देंगे। यहां कढ़ाई चढ़ा देंगे और देसी घी का हलवा खाकर यहीं सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
...जब सरकार समर्थक से प्रदर्शनकारी की हुई जुबानी जंग
करीब सवा दस बजे एक हाथ में बैग लिए एक शख्स पुरानी अनाज मंडी के गेट पर पहुंचा और उसने किसानों से अंदर आने की बात कही। तीन प्रयास में वह असफल रहा और उसी दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उक्त शख्स ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार तो बहुत ठीक है। देश को नीचे से उठाकर काफी ऊपर पहुंचा दिया और मैं सरकार का समर्थन करता हूं। करीब पांच मिनट तक एक प्रदर्शनकारी और उसकी जुबानी जंग चली और फिर उक्त शख्स वहां से लौट गया।
- किसानों के बीच घुसा गोवंश, हादसा टला
अनाज मंडी में गेट को ताला जड़कर बैठे किसानों के बीच अचानक एक गोवंश घुस गया। गनीमत रही कि किसानों के बीच दो बार जाने के बाद कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। बाद में किसानों ने उसे गोवंश को वहां से निकाल दिया।
पीछे से खाद की किल्लत है। अगर खेप समय पर आए तो प्रशासन पारदर्शी तरीके से इसका वितरण करवा देगा। अगर किसानों का इसके लिए कोई सुझाव है तो हम उसे भी मानने को तैयार है। जहां भी जरूरत होगी, प्रशासन सहयोग के लिए तैयार है।

-प्रदीप गोदारा, डीसी
हमें बुधवार शाम तक खाद की खेप पहुंचने का आश्वासन मिला है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वीरवार से किसानों के साथ लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा और इसकी चेतावनी हमने प्रशासन को दे दी है।
सोमबीर सांगवान, विधायक

 मंडी का गेट बंद करके बैठे किसान।

मंडी का गेट बंद करके बैठे किसान।- फोटो : CharkhiDadri

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