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Charkhi Dadri News: 24 घंटे बाद भी नहीं बुझी पूलियों में लगी आग, दमकल व बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
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गांव गोठड़ा में रविवार शाम तक सुलगतीं पराली व बाजरा की पूलियां।
चरखी दादरी। गांव गोठड़ा में खेत में रखी बाजरा की पूलियों में लगी आग 24 घंटे बाद रविवार को भी नहीं बुझ पाई। हालांकि, आग की लपटें तो खत्म हो गईं, लेकिन शाम 5 बजे तक भी पूलियां सुलगती रहीं। वहीं, बाजरा की पूलियों के मालिक और ग्रामीणों ने दमकल और बिजली निगम पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और प्रशासन से मुआवजा की मांग की है।
किसान और ग्राम पंचायत सोमवार को डीसी से मुलाकात करेंगे। दरअसल, गांव गोठड़ा में शनिवार को सायं साढ़े तीन बजे खेत में रखी पराली व बाजरा की पूलियों में आग लग गई थी। पीड़ित संजय ने बताया कि वह गावों से पराली व बाजरा की पूलियां लेकर आता है और इनको काटकर चारा के रूप में राजस्थान में बेचता है। इसी से ही उसका घर खर्च निकलता है। इस सीजन में भी उसने चार गांवों से करीब 300 खेतों से बाजरा व पराली की पूलियां लाकर खेत में रखीं थी।
अगले माह चारा बनाकर इसे राजस्थान में बेचना था, लेकिन खेत के पास से गुजरने वाली बिजली लाइन कंडम हो चुकी थी और ग्रामीण कई बार इसके बदलने की मांग कर चुके थे। इसके बावजूद विभाग की ओर से इनको नहीं बदला गया और एक सप्ताह पहले की तारों को खींच दिया। कमजोर होने व अधिक खिंचाव से तार टूट गए। तारों में स्पार्किंग होने पर पूलियों में आग लग गई।
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दमकल गाड़ी एक घंटे बाद पहुंची, बिन आग बुझाए लौटी
ग्रामीणों का आरोप है कि आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। कुछ देर में ही दोनों गाड़ियों का पानी खत्म हो गया जबकि और गाड़ियों को मौके पर बुलाने की जहमत नहीं उठाई गई। पानी खत्म होने की बात कहकर दमकल विभाग की दोनों गाड़ियां आग बुझाए बिना ही वापस लौट गईं। रातभर पूलियों में आग की लपटें उठती रहीं। उनका आरोप है कि मामला संज्ञान में होते हुए भी प्रशासन ने लापरवाही बरती।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- पुलियों में लगी आग रविवार शाम तक भी नहीं बुझ पाई। पीड़ित व ग्रामीणों के आरोप भी सही हैं। किसान को इससे काफी नुकसान हुआ है। अब सोमवार को डीसी से मुलाकात करेंगे और पीड़ित को मुआवजा दिलाने की गुहार लगाएंगे।
- सुरेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, गोठड़ा
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किसान और ग्राम पंचायत सोमवार को डीसी से मुलाकात करेंगे। दरअसल, गांव गोठड़ा में शनिवार को सायं साढ़े तीन बजे खेत में रखी पराली व बाजरा की पूलियों में आग लग गई थी। पीड़ित संजय ने बताया कि वह गावों से पराली व बाजरा की पूलियां लेकर आता है और इनको काटकर चारा के रूप में राजस्थान में बेचता है। इसी से ही उसका घर खर्च निकलता है। इस सीजन में भी उसने चार गांवों से करीब 300 खेतों से बाजरा व पराली की पूलियां लाकर खेत में रखीं थी।
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अगले माह चारा बनाकर इसे राजस्थान में बेचना था, लेकिन खेत के पास से गुजरने वाली बिजली लाइन कंडम हो चुकी थी और ग्रामीण कई बार इसके बदलने की मांग कर चुके थे। इसके बावजूद विभाग की ओर से इनको नहीं बदला गया और एक सप्ताह पहले की तारों को खींच दिया। कमजोर होने व अधिक खिंचाव से तार टूट गए। तारों में स्पार्किंग होने पर पूलियों में आग लग गई।
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दमकल गाड़ी एक घंटे बाद पहुंची, बिन आग बुझाए लौटी
ग्रामीणों का आरोप है कि आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। कुछ देर में ही दोनों गाड़ियों का पानी खत्म हो गया जबकि और गाड़ियों को मौके पर बुलाने की जहमत नहीं उठाई गई। पानी खत्म होने की बात कहकर दमकल विभाग की दोनों गाड़ियां आग बुझाए बिना ही वापस लौट गईं। रातभर पूलियों में आग की लपटें उठती रहीं। उनका आरोप है कि मामला संज्ञान में होते हुए भी प्रशासन ने लापरवाही बरती।
- सुरेश कुमार, सरपंच प्रतिनिधि, गोठड़ा