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Charkhi Dadri News: अठगामा के रूप में बनी जिले की आठवीं खाप
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अठगामा खाप घसोला के पदाधिकारियों को पंचायत में पगड़ी पहनाकर सम्मानित करते लोग।
चरखी दादरी। अठगामा के रूप में रविवार को जिले की आठवीं खाप अस्तित्व में आ गई। फोगाट खाप-19 से जुड़े 8 गांवों के लोगों ने रविवार को घसोला में पंचायत कर अठगामा का गठन किया। घसोला के पूर्व सरपंच रणबीर सिंह को प्रधान चुना गया। अठगामा पदाधिकारियों ने 27 सदस्यीय कार्यकारिणी बनाई है। पदाधिकारियों का कहना है कि फोगाट-19 के साथ भाईचारा रहेगा, लेकिन, उनका संगठन अलग रहेगा।
एक दिसंबर को शहर के बाबा स्वामी दयाल धाम पर फोगाट खाप-19 का प्रधान चुनने के लिए सर्वजातीय पंचायत की गई थी। सुरेश फोगाट को प्रधान चुनने पर पंचायत में मौजूद लोग दो धड़ों में बंट गए थे। निर्णय के अनुसार रविवार को घसोला गांव में दादा समाध वाला धाम पर दोपहर 12 बजे पंचायत की गई। पंचायत की अध्यक्षता पातुवास के पूर्व सरपंच जिले सिंह ने की। शुरुआत में एजेंडा रखा गया। उसके बाद मौजिज लोग अलग कमरे में चले गए। वहां 40 लोगों की कमेटी की ओर से लिए गए फैसले के अनुसार पदाधिकारियों का चयन किया गया। उसके बाद मौजूद लोगों के समक्ष उनके नाम रखे गए। दो घंटे बाद पंचायत का समापन किया गया।
- किसे मिली किस पद की जिम्मेदारी
धर्मपाल महराणा को संरक्षक, घसोला पूर्व सरपंच रणबीर सिंह को प्रधान, सतबीर गोठड़ा को उपप्रधान, करतार संतोकपुरा को सचिव, राजबीर बलकरा को खजांची और खेड़ी सनवाल पूर्व सरपंच आजाद को सहसचिव चुना गया। 21 लोगों को सदस्य बनाया गया।
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750 साल पुरानी है फोगाट खाप-19
पातुवास, महराणा, खेड़ी, संतोकपुरा, गोठडा, रामनगर, घसोला और बलकरा फोगाट खाप-19 से जुड़े हुए थे। अब इन गांवों ने अठगामा खाप बना ली है। वहीं, फोगाट खाप-19 के मौजिज लोगों की मानें तो उनकी खाप का इतिहास करीब 750 साल पुराना है। बाबा स्वामी दयाल ने बिल्लण सिंह को फोगाट गोत्र दिया था। खाप से जो 19 गांव जुड़े हैं, उनमें आठ नॉन जाट गांव हैं। आपसी भाईचारे के चलते वे फोगाट खाप-19 में शामिल थे।
घसोला में हुई पंचायत की मुझे जानकारी नहीं है। हो सकता है हर गांव से एक-दो लोग एकत्र हुए हों। जो भाई नाराज हैं, वे भी हमारे हैं। उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा। फोगाट खाप-19 थी, 19 है और 19 ही रहेगी। -सुरेश फोगाट, प्रधान, फोगाट खाप-19
एक दिसंबर को हुई पंचायत में हमारे आठ गांवों की बातें नजरअंदाज की गईं। इसके चलते आज पंचायत कर अठगामा खाप घसोला बनाई गई। मुझे प्रधान चुना गया है। फोगाट खाप से हमारा भाईचारा पहले जैसा ही रहेगा।
-रणबीर सिंह, प्रधान, अठगामा खाप घसोला
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एक दिसंबर को शहर के बाबा स्वामी दयाल धाम पर फोगाट खाप-19 का प्रधान चुनने के लिए सर्वजातीय पंचायत की गई थी। सुरेश फोगाट को प्रधान चुनने पर पंचायत में मौजूद लोग दो धड़ों में बंट गए थे। निर्णय के अनुसार रविवार को घसोला गांव में दादा समाध वाला धाम पर दोपहर 12 बजे पंचायत की गई। पंचायत की अध्यक्षता पातुवास के पूर्व सरपंच जिले सिंह ने की। शुरुआत में एजेंडा रखा गया। उसके बाद मौजिज लोग अलग कमरे में चले गए। वहां 40 लोगों की कमेटी की ओर से लिए गए फैसले के अनुसार पदाधिकारियों का चयन किया गया। उसके बाद मौजूद लोगों के समक्ष उनके नाम रखे गए। दो घंटे बाद पंचायत का समापन किया गया।
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- किसे मिली किस पद की जिम्मेदारी
धर्मपाल महराणा को संरक्षक, घसोला पूर्व सरपंच रणबीर सिंह को प्रधान, सतबीर गोठड़ा को उपप्रधान, करतार संतोकपुरा को सचिव, राजबीर बलकरा को खजांची और खेड़ी सनवाल पूर्व सरपंच आजाद को सहसचिव चुना गया। 21 लोगों को सदस्य बनाया गया।
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750 साल पुरानी है फोगाट खाप-19
पातुवास, महराणा, खेड़ी, संतोकपुरा, गोठडा, रामनगर, घसोला और बलकरा फोगाट खाप-19 से जुड़े हुए थे। अब इन गांवों ने अठगामा खाप बना ली है। वहीं, फोगाट खाप-19 के मौजिज लोगों की मानें तो उनकी खाप का इतिहास करीब 750 साल पुराना है। बाबा स्वामी दयाल ने बिल्लण सिंह को फोगाट गोत्र दिया था। खाप से जो 19 गांव जुड़े हैं, उनमें आठ नॉन जाट गांव हैं। आपसी भाईचारे के चलते वे फोगाट खाप-19 में शामिल थे।
घसोला में हुई पंचायत की मुझे जानकारी नहीं है। हो सकता है हर गांव से एक-दो लोग एकत्र हुए हों। जो भाई नाराज हैं, वे भी हमारे हैं। उन्हें मनाने का प्रयास किया जाएगा। फोगाट खाप-19 थी, 19 है और 19 ही रहेगी। -सुरेश फोगाट, प्रधान, फोगाट खाप-19
एक दिसंबर को हुई पंचायत में हमारे आठ गांवों की बातें नजरअंदाज की गईं। इसके चलते आज पंचायत कर अठगामा खाप घसोला बनाई गई। मुझे प्रधान चुना गया है। फोगाट खाप से हमारा भाईचारा पहले जैसा ही रहेगा।
-रणबीर सिंह, प्रधान, अठगामा खाप घसोला