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Charkhi Dadri News: 13 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए विभाग के पास 17 एंबुलेंस, बच्चों की नियोनेटल एक भी नहीं

Tue, 15 Apr 2025 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 15 Apr 2025 12:30 AM IST
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The department has 17 ambulances for 13 government health centers, but not even one for neonatal care
दादरी सिविल अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस।
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल 19 में से 17 एंबुलेंस इस समय ऑन रोड हैं। 13 स्वास्थ्य केंद्रों के लिहाज से एएलएस, बीएलएस, पीटीए और किलकारी कैटेगरी की एंबुलेंस तो पर्याप्त हैं, लेकिन विभाग के पास नियोनेटल एंबुलेंस एक भी नहीं है। यह एंबुलेंस नवजात बच्चों को ले जाने के लिए खास तौर पर तैयार की जाती है। आठ माह पहले इसकी मांग मुख्यालय भेजी गई थी, जो पूरी नहीं हुई है।
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जिले में नागरिक अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। नागरिक अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, सीएचसी के अलावा उन पीएचसी एंबुलेंस का प्रावधान है, जहां डिलिवरी हट संचालित हो। इस लिहाज से जिले की आठ पीएचसी पर एंबुलेंस होनी चाहिए। दूसरी ओर विभाग के पास अलग-अलग श्रेणी की 19 एंबुलेंस हैं और फिलहाल इनमें से भी 17 ऑन रोड हैं। एक एंबुलेंस के इंजन में तकनीकी खामी है तो दूसरी का स्पेयर पार्ट खराब है और इसके चलते ये दो एंबुलेंस फिलहाल ऑन रोड नहीं हैं।
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अहम बात यह है कि जिले में इस समय एक भी नियोनेटल एंबुलेंस नहीं है। रेफर किए गए बीमार नवजात को इस एंबुलेंस के जरिये जिले के स्वास्थ्य केंद्र से रोहतक पीजीआई या अन्य जगह ले जाया जा सकता है। साथ ही स्वस्थ हो रहे बच्चों को उनके घरों के सबसे नजदीकी क्लीनिक में एंबुलेंस के जरिये वापस भेजा जा सकता है। इस एंबुलेंस की मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में दादरी जिले को पहली नियोनेटल एंबुलेंस मिलने का इंतजार है।
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चालकों और ईएमटी की भी कमी

जिला स्वास्थ्य विभाग में चालक और ईएमटी भी पर्याप्त नहीं हैं। आलम यह है कि ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के 22 और एंबुलेंस चालकों के 16 पद खाली पड़े हैं। यह भी नई एंबुलेंस की मांग ऊपर न भेज पाने का मुख्य कारण है। विभागीय अधिकारी का मानना है कि जब चालक ही पर्याप्त नहीं हैं तो फिर नई एंबुलेंस मंगवाने का क्या फायदा?



हर वर्ष 5,000 बच्चे लेते हैं जन्म, विशेष एंबुलेंस एक भी नहीं



दादरी जिले में हर साल करीब पांच हजार बच्चे जन्म लेते हैं। बावजूद इसके नवजात शिशुओं के लिए एक भी नियोनेटल यानी बच्चों की विशेष एंबुलेंस नहीं हैं। इस एंबुलेंस में शिशु के लेटने का स्थान सुरक्षित होता है जबकि बेबी वॉर्मर और अन्य तमाम उपकरण व संसाधन इस एंबुलेंस में होते हैं।



जिला स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल हैं ये एंबुलेंस

जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 3 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस हैं और तीनों ऑन रोड हैं। बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस 10 हैं और इनमें से 8 ऑन रोड हैं। इसी प्रकार, विभाग के पास चार पेसेंट्स ट्रांसपोर्ट एंबुलेंस हैं और चारों ऑन रोड हैं। विभाग के पास दो किलकारी एंबुलेंस भी हैं, जो ऑन रोड हैं।



नियोनेटल एंबुलेंस की मांग हम मुख्यालय भेज चुके हैं। फिलहाल अन्य एंबुलेंस पर्याप्त हैं। ईएमटी और चालकों की तैनाती की मांग भी मुख्यालय भेजी जा चुकी है।



डॉ. अंकुर नागर, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी, एंबुलेंस सेवा
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