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बारिश ने बढ़ाई ठंड, रबी की फसलों के लिए होगी फायदेमंद

Thu, 12 Dec 2019 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 11:51 PM IST
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The Crops will afected due to Rain in Charkhi Dadari
गांव कादमा में बारिश के दौरान सड़क से गुजरती स्कूली बस। - फोटो : CharkhiDadri
जिले के विभिन्न भागों में वीरवार को हल्की बारिश होनेे से मौसम में ठंड बढ़ गई। दिनभर बादल छाए रहे। शाम के समय बौछारें गिरने से तापमान में भी गिरावट आईं। दिन का अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश की झड़ी को रबी की फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
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बुधवार शाम ही मौसम में बदलाव आ गया था। बुधवार दोपहर बाद ही आसमान में बादल छा गए थे। वीरवार सुबह आसमान बादलों से ढका रहा। दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। दोपहर बाद विभिन्न भागों में हल्की बारिश हुई। बारिश सेे मौसम में बदलाव आ गया। 18 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा भी चली। मौसम में ठंड बढ़ गई। दिन का अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया था। इस प्रकार अधिकतम तापमान तीन डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री गिरा है। ठंड बढ़ने पर गर्म वस्त्रों की डिमांड बढ़ने लगी है। कपड़ा की दुकानों पर कंबल, स्वेटर व अन्य गर्म वस्त्रों की बिक्री बढ़ गई है।
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बच्चों व बुजुर्गों के लिए ठंड बढ़ा सकती है परेशानी
ठंड का ज्यादा प्रतिकूल असर बच्चों व बुजुर्गों पर पड़ता है। खासकर पांच साल तक के बच्चों को ठंड ज्यादा प्रभावित करती है। चिकित्सकों के अनुसार इन बच्चों की इम्यूनिटी पावर कम होने की वजह से ठंड की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। बुजुर्गों की इम्यूनिटी पावर शिथिल एवं कमजोर होने की वजह से उन्हें ठंड में परेशानी झेलनी पड़ती है।
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सरसों, गेहूं, जौ और मैथी के लिए फायदेमंद
बारिश की झड़ी को रबी की प्रमुख सरसों, गेहूं, जौ व मेथी आदि के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। कृषि विकास अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि अगर अच्छी बारिश हो जाती है तो फसलों में अच्छा फायदा होगा। गेहूं में एक सिंचाई की बचत हो जाएगी। जिले में गेहूं की बिजाई अंतिम चरण में है। धान के खेतों में गेहूं की पछेती बिजाई की जा रही है। बारिश से यह बिजाई का काम प्रभावित हो सकता है। गेहूं की पछेती बिजाई का समय 31 दिसंबर तक माना जा रहा है। गेहूं का रकबा इस बार भी करीब 45 हजार हेक्टेयर तक पहुंचने की उम्मीद है। जिले के रेतीले एरिया में तो गेहूं की अगेती बिजाई 15 नवंबर तक हो गई थी। तराई वाले एरिया में बिजाई का काम देरी से हुआ है।
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