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Charkhi Dadri News: एक महीने पहले खरीदी फसल भी अभी मंडी में पड़ी
Tue, 09 May 2023 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 09 May 2023 01:06 AM IST
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चरखी दादरी। सरकारी एजेंसियों द्वारा एक महीने पहले दादरी मंडी में खरीद की गई फसलों का उठान अब तक नहीं हुआ है। सोमवार तक मंडी में सरसों के डेढ़ लाख और गेहूं के 45 हजार बैग पड़े हैं जो उठान के इंतजार में हैं। दूसरी ओर अब फसल बेचने के लिए किसानों के पास दो दिन का समय बचा है जबकि मंडी में जगह का अभाव है। किसानों का कहना कि एक महीने पहले खरीद की गई फसल का उठान नहीं होने की वजह से भुगतान नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर व्यापारियों का कहना कि फसल का अंतिम उठान 26 तारीख को हुआ था, उसके बाद उठान प्रक्रिया बंद पड़ी है। हैफेड मैनेजर का कहना कि उठान धीमा चल रहा है लेकिन बंद नहीं है। प्रतिदिन लगभग 15 गाड़ियां खाली हो रही हैं, जबकि प्रतिदिन 50 गाड़ियां खाली होनी चाहिए। हैफेड मैनेजर संदीप देशवाल ने बताया कि फसल रखने के लिए गोदाम की कमी है। कोलावास में हैफेड एवं वेयरहाउस के गोदाम हैं। जिले की सभी मंडियों के बैग इन्हीं गोदामों में रखे जा रहे हैं। अनलोडिंग का मात्र एक प्वाइंट होने की वजह से गाड़ियां खाली नहीं हो पा रहीं। इस वजह से उठान धीमा चल रहा है।
किसान बोले- 72 घंटों में भुगतान का नियम, 500 घंटे बाद भी नहीं आए खाते में पैसे
गेहूं मंडी में दिए हुए एक माह हो चुका है जबकि सरसों बेचे 20 दिन हो चुके हैं। अब तक मेरे खाते में रुपये नहीं आए है। सरकार का 72 घंटे में भुगतान का दावा है लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हुआ। -श्रीनिवास, बिरोहड
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12 अप्रैल को गेहूं और सरसों लेकर मंडी में आया था। दोनों फसलों की बिडिंग हो चुकी है लेकिन उठान नहीं हो रहा। आढ़तियों का कहना है कि माल गोदाम में पहुंचने के बाद ही खातों में भुगतान होगा। -जयभगवान, सेहलंगा।
- गत 20 अप्रैल को सरसों बेची थी। करीब 20 दिन बीतने को है लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। आढ़ती इसका कारण उठान न होना बता रहे हैं। इस समय रुपये की जरूरत है लेकिन भुगतान अटका है। -राजेश, मोड़ी
ट्रांसपोर्टर उठान के लिए 6 रुपये प्रति बैग की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार की ओर से उन्हें 44 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। 26 तारीख काे आखिरी उठान हुआ था उसके बाद उठान नहीं हुआ है। उठान नहीं होने से आढ़तियों को भी नुकसान हो रहा है। एक तो बारिश में फसल भीग कर खराब हो रही है, दूसरा धूप से फसल का वजन भी घट रहा है। इसकी भरपाई खरीद एजेंसी को करनी चाहिए।
-वीरेंद्र, आढ़ती, बाबा रघुनाथ ट्रेडिंग कंपनी
पहले हमारी मंडियां एचसीआई गोदामों में दे रखी थी जिसके नीचे 20 मंडियां पहले से दी हुई थी। इस वजह से उठान में ज्यादा दिक्कत हुई। अब कोहलावास में अनलोडिंग प्वाइंट बनाया हुआ है, वहां गाड़ियां खाली हो रही हैं। उठान पहले की तुलना में अब ठीक चल रहा है।
राजेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड
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दूसरी ओर व्यापारियों का कहना कि फसल का अंतिम उठान 26 तारीख को हुआ था, उसके बाद उठान प्रक्रिया बंद पड़ी है। हैफेड मैनेजर का कहना कि उठान धीमा चल रहा है लेकिन बंद नहीं है। प्रतिदिन लगभग 15 गाड़ियां खाली हो रही हैं, जबकि प्रतिदिन 50 गाड़ियां खाली होनी चाहिए। हैफेड मैनेजर संदीप देशवाल ने बताया कि फसल रखने के लिए गोदाम की कमी है। कोलावास में हैफेड एवं वेयरहाउस के गोदाम हैं। जिले की सभी मंडियों के बैग इन्हीं गोदामों में रखे जा रहे हैं। अनलोडिंग का मात्र एक प्वाइंट होने की वजह से गाड़ियां खाली नहीं हो पा रहीं। इस वजह से उठान धीमा चल रहा है।
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किसान बोले- 72 घंटों में भुगतान का नियम, 500 घंटे बाद भी नहीं आए खाते में पैसे
गेहूं मंडी में दिए हुए एक माह हो चुका है जबकि सरसों बेचे 20 दिन हो चुके हैं। अब तक मेरे खाते में रुपये नहीं आए है। सरकार का 72 घंटे में भुगतान का दावा है लेकिन धरातल पर ऐसा नहीं हुआ। -श्रीनिवास, बिरोहड
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12 अप्रैल को गेहूं और सरसों लेकर मंडी में आया था। दोनों फसलों की बिडिंग हो चुकी है लेकिन उठान नहीं हो रहा। आढ़तियों का कहना है कि माल गोदाम में पहुंचने के बाद ही खातों में भुगतान होगा। -जयभगवान, सेहलंगा।
- गत 20 अप्रैल को सरसों बेची थी। करीब 20 दिन बीतने को है लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। आढ़ती इसका कारण उठान न होना बता रहे हैं। इस समय रुपये की जरूरत है लेकिन भुगतान अटका है। -राजेश, मोड़ी
ट्रांसपोर्टर उठान के लिए 6 रुपये प्रति बैग की मांग कर रहे हैं जबकि सरकार की ओर से उन्हें 44 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। 26 तारीख काे आखिरी उठान हुआ था उसके बाद उठान नहीं हुआ है। उठान नहीं होने से आढ़तियों को भी नुकसान हो रहा है। एक तो बारिश में फसल भीग कर खराब हो रही है, दूसरा धूप से फसल का वजन भी घट रहा है। इसकी भरपाई खरीद एजेंसी को करनी चाहिए।
-वीरेंद्र, आढ़ती, बाबा रघुनाथ ट्रेडिंग कंपनी
पहले हमारी मंडियां एचसीआई गोदामों में दे रखी थी जिसके नीचे 20 मंडियां पहले से दी हुई थी। इस वजह से उठान में ज्यादा दिक्कत हुई। अब कोहलावास में अनलोडिंग प्वाइंट बनाया हुआ है, वहां गाड़ियां खाली हो रही हैं। उठान पहले की तुलना में अब ठीक चल रहा है।
राजेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड