{"_id":"5fd112b48ebc3e3d91333bbf","slug":"the-city-council-asked-the-directorate-to-place-a-tender-to-catch-500-monkeys-charkhidadri-news-rtk585706957","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद ने 500 बंदर पकड़ने का टेंडर लगाने की निदेशालय से मांगी स्वीकृति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद ने 500 बंदर पकड़ने का टेंडर लगाने की निदेशालय से मांगी स्वीकृति
विज्ञापन
The city council asked the directorate to place a tender to catch 500 monkeys
- फोटो : CharkhiDadri
नगर परिषद को वन्य जीव एवं प्राणी विभाग से बंदरों को पकड़कर कालेसर के जंगलों में छोड़ने की अनुमति मिल गई है। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद ने अब पंचकूला निदेशालय से टेंडर आमंत्रित करने की अनुमति मांगी है। सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके तुरंत बाद टेंडर प्रक्रिया की औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएंगी।
शहर में एक हजार से ज्यादा बंदरों हैं। पिछले चार सालों से शहर में बंदर पकड़ो अभियान नहीं चल पाया है। इसके चलते बंदरों की समस्या शहर के प्रत्येक क्षेत्र में बनी है। करीब डेढ़ साल पहले नगर परिषद ने अभियान शुरू करवाने की योजना तैयार की थी, जो कागजों तक ही सीमित रह थी। इस बार नप अधिकारियों ने जो योजना तैयार की है, उसे दो चरणों में सिरे चढ़ाया जाएगा।
पहले चरण में शहर से करीब 500 बंदर पकड़े जाएंगे। नप अधिकारियों का दावा है कि एजेंसी के प्रतिदिन के काम की मॉनिटरिंग भी की जाएगी, क्योंकि पिछली बार एजेंसी ने मनमाफिक काम किया और टेंडर को अधर में ही लटकाकर चली गई थी।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में बंदरों का ज्यादा आतंक
शहर के चंपापुरी क्षेत्र की 14 गलियों के अलावा, आश्रम रोड, हीरा चौक, बधवाना गेट, सुभाष चौक, पाहवा चौक, झज्जर घाटी, रंगीला मंदिर, पाहवा चौक, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी, काठमंडी और पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र के अलावा बस स्टैंड रोड, पूर्ण मार्केट, जांगड़ा मार्केट आदि क्षेत्रों में बंदरों का आतंक ज्यादा है।
एक माह में पहुंच रहीं 100 से अधिक शिकायतें
बंदरों की उत्पात से परेशान लोग प्रतिदिन फरियाद लेकर नप कार्यालय में पहुंचते हैं। एक दिन में बंदरों से संबंधित तीन से चार शिकायतें नप कार्यालय में आती हैं। इसके अलावा लोग स्थानीय स्तर पर पार्षदों से भी गुहार लगाते रहते हैं। इस लिहाज से एक महीने में 100 से ज्यादा शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंची हैं।
नप की बैठक में उठा था मुद्दा
करीब डेढ़ महीने पहले शहरी विकास को लेकर नगर परिषद स्थित चेयरमैन कार्यालय में पार्षदों और अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में बंदरों से जुड़ा मुद्दा भी उठा था। पार्षदों ने तुरंत प्रभाव से बंदर पकड़ो अभियान शुरू करवाने की मांग की थी। इस संबंध में प्रस्ताव भी पास किया था। प्रस्ताव पर काम शुरू करते ही टेंडर लगाकर बंदर पकड़ने की तैयारी है।
जल्द ही शहर को बंदरों के उत्पात से हम निजात दिला देंगे। वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से हमें 500 बंदरों को पकड़कर कालेसर की पहाड़ियों में छोड़ने की अनुमति मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ाकर बंदरा पकड़ो अभियान शुरू करवा देंगे।
मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद
विज्ञापन
शहर में एक हजार से ज्यादा बंदरों हैं। पिछले चार सालों से शहर में बंदर पकड़ो अभियान नहीं चल पाया है। इसके चलते बंदरों की समस्या शहर के प्रत्येक क्षेत्र में बनी है। करीब डेढ़ साल पहले नगर परिषद ने अभियान शुरू करवाने की योजना तैयार की थी, जो कागजों तक ही सीमित रह थी। इस बार नप अधिकारियों ने जो योजना तैयार की है, उसे दो चरणों में सिरे चढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन
पहले चरण में शहर से करीब 500 बंदर पकड़े जाएंगे। नप अधिकारियों का दावा है कि एजेंसी के प्रतिदिन के काम की मॉनिटरिंग भी की जाएगी, क्योंकि पिछली बार एजेंसी ने मनमाफिक काम किया और टेंडर को अधर में ही लटकाकर चली गई थी।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में बंदरों का ज्यादा आतंक
शहर के चंपापुरी क्षेत्र की 14 गलियों के अलावा, आश्रम रोड, हीरा चौक, बधवाना गेट, सुभाष चौक, पाहवा चौक, झज्जर घाटी, रंगीला मंदिर, पाहवा चौक, रेलवे रोड, पुरानी सब्जी मंडी, काठमंडी और पुरानी अनाज मंडी क्षेत्र के अलावा बस स्टैंड रोड, पूर्ण मार्केट, जांगड़ा मार्केट आदि क्षेत्रों में बंदरों का आतंक ज्यादा है।
एक माह में पहुंच रहीं 100 से अधिक शिकायतें
बंदरों की उत्पात से परेशान लोग प्रतिदिन फरियाद लेकर नप कार्यालय में पहुंचते हैं। एक दिन में बंदरों से संबंधित तीन से चार शिकायतें नप कार्यालय में आती हैं। इसके अलावा लोग स्थानीय स्तर पर पार्षदों से भी गुहार लगाते रहते हैं। इस लिहाज से एक महीने में 100 से ज्यादा शिकायतें अधिकारियों के पास पहुंची हैं।
नप की बैठक में उठा था मुद्दा
करीब डेढ़ महीने पहले शहरी विकास को लेकर नगर परिषद स्थित चेयरमैन कार्यालय में पार्षदों और अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में बंदरों से जुड़ा मुद्दा भी उठा था। पार्षदों ने तुरंत प्रभाव से बंदर पकड़ो अभियान शुरू करवाने की मांग की थी। इस संबंध में प्रस्ताव भी पास किया था। प्रस्ताव पर काम शुरू करते ही टेंडर लगाकर बंदर पकड़ने की तैयारी है।
जल्द ही शहर को बंदरों के उत्पात से हम निजात दिला देंगे। वन्य प्राणी एवं जीव विभाग से हमें 500 बंदरों को पकड़कर कालेसर की पहाड़ियों में छोड़ने की अनुमति मिल गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया सिरे चढ़ाकर बंदरा पकड़ो अभियान शुरू करवा देंगे।
मनोज यादव, ईओ, नगर परिषद